ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समलैंगिकों की शादी में अड़चन क्या

  • 21 फरवरी 2018
सिडनी में रह रही कमलिका दासगुप्ता समलैंगिक हैं
Image caption सिडनी में रह रही कमलिका दासगुप्ता समलैंगिक हैं

सिडनी में रह रहीं कमलिका दासगुप्ता समलैंगिक हैं.

शहर के कैंपरडाउन इलाके में हम एक 'समलैंगिकों के अनुकूल' रेस्तरां में मिले.

कमलिका एक घंटे के लंच ब्रेक पर आई थीं और बिना वक्त बर्बाद किए वो मुद्दे पर आ गईं.

चार साल पहले वो भारत से ऑस्ट्रेलिया पहुंचीं. उन्हें लगा पश्चिमी सभ्यता वाले ऑस्ट्रेलिया में उनकी सेक्शुएलिटी को नहीं आंका जाएगा.

ऑस्ट्रेलिया आने वाले दिन वो एक पार्टी में गईं जहां कुछ भारतीय बातें कर रहे थे.

वो बताती हैं, "एक ने कहा, दफ़्तर में एक अच्छा दिखने वाला लड़का है, लेकिन उसे समलैंगिक होने की क्या ज़रूरत है? वो बता रहे थे कि वो क्यों समलैंगिकों को स्वीकार नहीं करते."

कैसी हैं समस्याएं

ये बातें सुनकर कमलिका डिप्रेशन में चली गईं.

"मैं उन्हें नहीं बता पाई कि मैं पुरुषों की बजाय महिलाओं को पसंद करती हूँ."

भारत में जहां दो वयस्कों के बीच समलैंगक संबंध दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, ऑस्ट्रेलिया में समलैंगिकों के अधिकारों को लेकर कड़े क़ानून हैं.

पिछले साल ऑस्ट्रेलिया ने समलैंगिक शादी पर क़ानूनी मुहर लगा दी थी.

एक भारतीय और बांग्लादेशी समलैंगिक जोड़े ने शादी की है जबकि कई शादी की सोच रहे हैं या तैयारी में हैं.

एक दिन कमलिका भारतीय धार्मिक समारोह में गईं. पास ही कुछ लोग बात कर रहे थे.

"वो कह रहे थे कि कैसे क़ानून के बाद बलात्कार बढ़ जाएंगे, बच्चों का यौन शोषण बढ़ेगा. मेरे दिल को ये बात कचोट गई, लेकिन मैं चुप रही. मैंने मन में चिल्लाकर कहा, आपको पता भी है आप क्या बात कर रहे हैं?"

"जब ये क़ानून पास हुआ तो मैं खुशी के मारे रो रही थी. ये बहुत बड़ी बात थी. हम लंबे समय से अपने मूल अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे."

मां-बाप से अपनी पार्टनर के बारे में बताना आसान नहीं था.

"एक दिन मैं अपनी पार्टनर के साथ छुट्टी पर फ़िजी में थी तो मां का फ़ोन आया. उन्होंने कहा, उन्हें पता था मैं उनसे क्या छिपा रही थी. मैंने उन्हें सब कुछ बता दिया."

Image caption गीती दत्त को तीन साल पहले पता चला कि उनका भाई सिद्धार्थ समलैंगिक है

खुलकर जीने की चाह

समलैंगिकों के लिए परिवार का साथ, उनका सहारा बेहद महत्वपूर्ण होता है.

गीती दत्त को तीन साल पहले पता चला कि उनका भाई सिद्धार्थ समलैंगिक है.

गीती एलजीबीटी समुदाय के परिवारों के लिए सपोर्ट ग्रुप चलाती हैं.

सिद्धार्थ को डर था अगर परिवार को पता चला तो रिश्तों के मायने बदल जाएंगे.

सिद्दार्थ बताते हैं, "दक्षिण एशियाई समुदाय में परिवार ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा होता है. कौन नहीं चाहता उसका परिवार सपोर्ट करे और समलैंगिक खुलकर ज़िंदगी जिएं."

Image caption कुणाल मीरचंदानी दक्षिण एशियाई एलजीबीटी सपोर्ट ग्रुप त्रिकोण के सह-संस्थापक हैं

गीती कहती हैं, "इस साल मार्च की मार्डी ग्रा परेड में मेरी मां और उनके दोस्त हिस्सा लेंगे. हम बड़े-बूढ़े, आंटी-अंकल, सभी को परेड से जोड़ना चाहते हैं."

सिडनी की ऑक्सफ़ोर्ड स्ट्रीट पर सालाना मार्डी ग्रा परेड होती है जिसमें एलजीबीटी लोग हिस्सा लेते हैं.

भारतीय समुदाय में समलैंगिक जोड़े या तो शादी कर रहे हैं या करने की तैयारी कर रहे हैं. जल्द ही बहुत सारे लोग बारात और ढोल लेकर बाहर नज़र आएंगे.

फ़िलीपींस में पैदा और बड़े हुए कुणाल मीरचंदानी सिडनी में रहते हैं और दक्षिण एशियाई एलजीबीटी सपोर्ट ग्रुप त्रिकोण के सह-संस्थापक हैं. इस ग्रुप के 500-700 सदस्य हैं.

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Image caption साल 2016 की मार्डी ग्रा परेड

बारह साल पहले जब वो ऑस्ट्रेलिया आए तो इक्का दुक्का भारतीय समलैंगिक ही कहीं टकरा जाते थे.

लेकिन अब ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट के कई क्लब्स, बार में उन्हें भारतीय मूल के समलैंगिक मिल जाते हैं.

कुणाल के मुताबिक मात्र सिडनी में भारतीय और दक्षिण एशियाई समाज के करीब 500 एलजीबीटीक्यू लोग रहते हैं.

शादी के जोड़े में देखने की तमन्ना

कुणाल एक ऑस्ट्रेलियन पार्टनर के साथ सिडनी के ऑक्सफ़ोर्ड स्ट्रीट इलाके में रहते हैं.

कुणाल के कारण वो अब भारतीय खाना और बॉलीवुड से काफ़ी हद तक वाकिफ़ हैं.

फ़्लैट की छत से सिडनी की स्काइलाइन, चारों तरफ़ इमारतें, सिडनी ओपेरा हाउस सब दिखता है.

उन्होंने मुझे बताया, "क़ानून बनने के बाद एक भारतीय दंपत्ति ने शादी कर ली है. और भी समलैंगिक आने वाले दिनों में शादी करेंगे. कुछ समय में होने वाली मार्डी ग्रा परेड कहते है. वहां पर समलैंगिक दंपति का मंडप सजेगा. हमें उम्मीद है कि ये कई दूसरे भारतीय समलैंगिक दंपतियों को प्रेरणा देगा."

Image caption सिडनी में ऑस्ट्रल गुरुद्वारा के सचिव बावा सिंह जगदेव

उनकी योजना है कि आने वाली मार्डी ग्रा में पारंपरिक वेशभूषा पहने और सिर पर शादी की पगड़ी पहने एक समलैंगिक भारतीय जोड़ा परेड की फ़्लोर पर दिखे.

लेकिन ऑस्ट्रेलिया में कई हलकों से क़ानून का विरोध रुका नहीं है.

ऑस्ट्रेलिया हिंदू काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष निहाल अगर कहते हैं, "समय के साथ सबको एडजस्ट करना पड़ेगा. धारा के साथ बहना पड़ेगा. हम उनके (समलैंगिकों के) मानवाधिकारों का समर्थन करते हैं, लेकिन जहां तक शादी का सवाल है शादी तो पुरुष और औरत में ही होती है."

सिडनी में ऑस्ट्रल गुरुद्वारा के सचिव बावा सिंह जगदेव के मुताबिक, "गुरुद्वारे में ऐसी कोई शादी नहीं होगी जिसमें दो आदमी हों या दो औरत हों. सिख धर्म के मुताबिक शादी स्त्री और पुरुष के बीच हो सकती है."

उधर कमलिका और उनकी पार्टनर अपनी शादी को लेकर बेहद उत्साहित हैं.

बस कोशिश है सिडनी जैसे महंगे शहर में शादी से पहले कुछ और पैसे जोड़ लिए जाएं.

कुणाल को भी उम्मीद है कि अगले दो साल में अपने पार्टनर के साथ वो शादी के बंधन में बंध जाएंगे.

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