बांग्लादेश: पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया को पांच साल की जेल

  • 8 फरवरी 2018
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और प्रमुख विपक्षी नेता ख़ालिदा ज़िया को भ्रष्टाचार के एक मामले में पांच साल की सज़ा सुनाई गई है.

72 साल की ख़ालिदा पर अनाथ बच्चों के लिए दुनिया भर से जमा किए गए एक करोड़ इकसठ लाख रुपये के दुरुपयोग का मामला चल रहा था जिसमें अदालत ने उन्हें दोषी क़रार दिया.

बीडीन्यूज़24 के मुताबिक़, सफ़ेद साड़ी पहने अदालत में मौजूद ख़ालिदा को फ़ैसले के तुरंत बाद जेल भेज दिया गया.

डेली स्टार ने बताया कि जेल जाते समय ख़ालिदा ने अपने रोते हुए रिश्तेदारों से कहा, "चिंता न करो, हिम्मत रखो, मैं वापिस आऊंगी."

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ज़िया के बेटे को भी सज़ा

ढाका की एक अदालत में फ़ैसला सुनाते हुए जज ने कहा, "अदालत में उनके ख़िलाफ लगे आरोप सही साबित हुए हैं और उनकी सामाजिक और शारीरिक स्थिति के मद्देनज़र उन्हें पांच साल की सज़ा सुनाई जाती है."

फ़ैसला सुनाए जाने से पहले अदालत के बाहर ख़ालिदा के हज़ारों समर्थक मौजूद थे, जिन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.

इस मामले में ख़ालिदा ज़िया के बेटे तारिक रहमान को उनकी ग़ैरमौजूदगी में 10 साल के जेल की सज़ा सुनाई गई है. रहमान इस वक़्त लंदन में है.

ज़िया के चार सहयोगियों को भी 10 साल की सज़ा सुनाई गई है.ख़ालिदा ने फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना की पुरानी प्रतिद्वंदी ख़ालिदा ज़िया पर इसके अलावा भी और बहुत से मामले चल रहे हैं.

इस फ़ैसले के बाद अब ख़ालिदा ज़िया देश में इस साल होने वाले संसदीय चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी.

ख़ालिदा ज़िया के बारे में कुछ दिलचस्प बातें

ज़िया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं. वो 1991 में उस वक़्त सत्ता में आई थीं जब बांग्लादेश में 20 साल के बाद पहली बार लोकतांत्रिक चुनाव हुए.

इसके बाद दोबारा वो साल 2001 में दोबारा प्रधानमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुईं. ज़िया बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान की पत्नी हैं.

फ़ैसले से पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस

फ़ैसले से एक दिन पहले ज़िया ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाई थी. प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा, "मैं किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हूं. मुझे जेल का डर दिखाकर धमकाना बेकार है. मैं झुकूंगी नहीं."

ज़िया ने कहा कि सरकार मुझे राजनीति और चुनावों से दूर रखने के लिए अदालत का इस्तेमाल कर रही है लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो एक ही पार्टी की सत्ता स्थापित कर पाने में कामयाब होंगे.

उन्होंने आगे कहा, "हम अराजकता नहीं बल्कि शांति चाहते हैं. हमें अब भी भरोसा है कि अवामी लीग (सत्ताधारी पार्टी) के नेताओँ को अक्ल आएगी. इसी उम्मीद के साथ मैं सरकार सेशांति के रास्ते पर आने औरत निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील कर रही हूं."

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सज़ा के ऐलान के बाद बीएनपी जनरल मिर्ज़ा फ़ख्रुल इस्लाम ने कहा कि अदालत का फ़ैसला 'राजनीतिक बदला' है.

वहीं, क़ानून मंत्री अनिसुल हक़ ने कहा कि अदालत की फ़ैसला ये बताता है कि कोई क़ानून से ऊपर नहीं है.

सुरक्षा बलों से भिड़े समर्थक

ख़बरों के मुताबिक, इस फ़ैसले से पहले ढाका और अन्य शहरों में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए थे.

हालांकि इसके बाद भी ख़ालिदा के समर्थक भारी तादाद में अदालत के आस-पास मौजूद थे.

जिस वक़्त ख़ालिदा ज़िया की कार अदालत में घुस रही थी, उस दौरान भी उनके समर्थकों ने सुरक्षा बलों के साथ झड़प की. अदालत से थोड़ी दूरी पर हुई इस झड़प में पुलिस के कुछ जवान घायल हो गए.

ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने आरोप लगाया कि फ़ैसला सुनाए जाने से पहले सैकड़ों समर्थकों को हिरासत में ले लिया गया.

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