कुर्दों के नियंत्रण वाले आफ़रिन में घुसे सीरियाई सरकार के समर्थक बल

  • 21 फरवरी 2018
सीरिया इमेज कॉपीरइट AFP

सीरिया में सरकार समर्थक बलों ने कुर्दों के गढ़ आफ़रिन में प्रवेश कर लिया है. इससे इलाके में तुर्की बलों की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं.

कुर्द लड़ाकों ने सीरिया सरकार से सैन्य सहायता की मांग की थी ताकि तुर्की सेना और सीरियाई विद्रोहियों द्वारा चलाए जा रहे अभियान का प्रतिरोध किया जा सके.

सरकार समर्थक लड़ाकों को हथियारबंद वाहनों में नाकों से गुज़रते हुए देखा गया है.

इसके बाद तुर्की सैनिकों ने इलाके पर गोलाबारी की. तुर्की ने कहा है कि उसने सरकार समर्थक लड़ाकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है.

क्या कहना है तुर्की का?

तुर्की ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकारी सेनाओं ने दख़ल दिया तो सीरियाई गृहयुद्ध के दो प्रमुख पक्षों में सीधी झड़प हो जाएगी.

सीरियाई सरकार के लड़ाकू विमानों ने दमिश्क के पास विद्रोहियों के कब्ज़े वाले पूर्वी गूटा प्रांत में बमबारी जारी रखी है. इसमें 120 लोगों के मारे जाने के अगले दिन दर्जनों आम नागरिकों की मौत होने की ख़बर है.

सीरियाई सरकार के सहयोगी रूस ने स्वीकार किया है कि सीरिया में हाल ही में हुई झड़प में दर्जनों नागरिक हताहत हुए हैं. यह झड़प अमरीका समर्थित बलों से हुई थी.

कुर्दों की मदद पर तुर्की ने सीरिया को चेताया

सीरिया के अखाड़े में तुर्की बनाम अमरीका

इमेज कॉपीरइट AFP

तुर्की ने क्यों किया आफ़रिन पर हमला

तुर्की पीपल्स प्रॉटेक्शऩ यूनिट्स (वाईपीजी) को हटाना चाहता है जो कि कुर्दिश डेमोक्रैटिक यूनियन पार्टी (वाईपीडी) का हथियारबंद अंग है.

2012 में सीरियाई बलों के पीछे हटने के बाद कुर्दों ने अर्ध-स्वायत्त राज स्थापित कर लिया है जो कि तुर्की की सीमा से सटा हुआ है. इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों को हटाने के बाद बचे इलाकों पर भी वाईपीजी ने नियंत्रण हासिल कर लिया है.

तुर्की वाईपीजी को प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी का अंग मानता है जो तुर्की में पिछले तीन दशकों से कुर्द बहुल प्रांत की स्वायत्तता के लिए लड़ रहा है.

वाईपीजी इस संगठन से संबंध होने के आरोपों से इनकार करता है.

इमेज कॉपीरइट AFP

सीरियाई सरकार दख़ल क्यों दे रही है?

सरकार ने तुर्की के अभियान को अपनी संप्रभुता पर 'हमला' करार दिया है.

जैसे ही तुर्की ने कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की थी, कुर्द प्रशासन ने सीरिया की सरकार से 'अपनी संप्रुभता के दायित्वों' को निभाने के लिए आगे आकर सीमाओं की रक्षा के लिए सैनिक भेजने की अपील की थी.

शुरू में तो सरकार ने इस अपील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, मगर सोमवार को सीरिया के मीडिया ने कहा था कि सेना कुर्द लड़ाकों की मदद करेगी ताकि आफ़रिन में तुर्की की गतिविधियों का प्रतिरोध किया जा सके.

एक वरिष्ठ कुर्द अधिकारी बदरान ज़िया कुर्द ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया था कि सरकारी सैनिक सीमा पर कुछ इलाकों में मोर्चा संभालेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे