सीरिया संघर्षः सुरक्षा परिषद में संघर्ष विराम पर सहमति

  • 25 फरवरी 2018
सीरिया में संघर्ष इमेज कॉपीरइट EPA

सीरिया में चल रहे संघर्ष को रोकने के मकसद से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 30 दिन के संघर्षविराम पर सहमति बन गई है.

सुरक्षा परिषद की बैठक में 30 दिन के संघर्षविराम के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया. सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों ने प्रभावित इलाके में सहायता पहुंचाने और मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वोट किया.

इस हफ़्ते की शुरुआत से ही सीरियाई सरकार ने राजधानी दमिश्क के नजदीक विद्रोहियों के कब्जे के वाले इलाके पूर्वी ग़ूता में बमबारी शुरू कर दी थी.

इसी कार्रवाई को रोकने के मकसद से सुरक्षा परिषद ने इस संघर्षविराम की घोषणा की है. हालांकि कार्यकर्ताओं का कहना है कि वोटिंग होने के बाद भी हवाई हमले जारी हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP/GETTY IMAGES

इससे पहले संघर्षविराम के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लंबी खींचतान देखने को मिली. गुरुवार को पेश किए गए प्रस्ताव को रूस ने मानने इंकार कर दिया था, वह उसमें कुछ संशोधन चाहता था.

रूस सीरियाई सरकार का समर्थन करता है, वह संघर्षविराम प्रस्ताव में बदलाव चाहता था, वहीं पश्चिमी राजनयिकों का कहना था कि रूस इस तरह की बातें करके समय बर्बाद कर रहा है.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रतिनिधि निकी हैली ने कहा है कि संघर्षविराम को तुरंत प्रभाव से लागू कर देना चाहिए. हालांकि उन्होंने आशंका जताई कि सीरिया संघर्षविराम को लागू करने के लिए तैयार होगा इस पर संशय है.

वहीं संयुक्त राष्ट्र में रूस के दूत विताली चुर्किन ने कहा है कि संघर्षविराम का पालन तब तक संभव नहीं है जब तक संघर्ष में शामिल दोनों पक्ष उसे नहीं मानते.

इमेज कॉपीरइट AFP / GETTY IMAGES

सीरिया में संघर्ष पर नज़र रखने वाले ब्रिटेन स्थित समूह ऑब्ज़रवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि शनिवार देर रात जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संघर्षविराम पर आम सहमति बनी उसके कुछ मिनट बाद ही पूर्वी ग़ूता में हवाई हमला किया गया.

इसी समूह ने बताया था कि रविवार से शुरू हुई बमबारी में अभी तक 500 लोगों की मौत हो चुकी है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश कह चुके हैं कि पूर्वी ग़ूता में नर्क जैसे हालात हो गए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए