आग से खेल रहा है ब्रिटेन, जंग भी संभव: रूस

  • 6 अप्रैल 2018
वसीलि नेबन्ज़ा इमेज कॉपीरइट REUTERS/Lucas Jackson
Image caption संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के दूत वेसिली नेबन्ज़ा

ब्रिटेन के सेल्सबरी में पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल को ज़हर दिए जाने की घटना के बाद रूस और पश्चिम के अन्य देशों के बीच शुरू हुआ कूटनीतिक गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है.

इस मामले में अब एक नया मोड़ आया है. न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक में रूस ने ब्रिटेन पर "मनगढंत कहानी गढ़ने" का आरोप लगाया है और कहा है कि वो "आग से खेल रहा है".

स्क्रिपल को ज़हर दिए के बाद जारी तनाव के सिलसिले में बात करने के लिए ये बैठक रूस ने बुलाई थी. रूस का कहना था कि "ब्रिटेन को कुछ वैध सवालों के उत्तर देने हैं." बैठक में रूस के दूत वेसिली नेबन्ज़ा ने कहा है कि ब्रिटेन का मुख्य उद्देश्य रूस पर "बेबुनियाद आरोप लगा कर उसे बदनाम करना और अवैध करार देना है."

नेबन्ज़ा ने कहा कि ब्रिटेन "बिना सबूत ख़तरनाक आरोप लगा रहा है" और रूस के ख़िलाफ़ "प्रोपेगैंडा वॉर" चला रहा है. उन्होंने कहा कि हमले के लिए जिस नोविचोक नर्व एजेंट का इस्तेमाल किया गया को केवल रूस के पास नहीं हैं. "हालांकि ये नाम रूसी है लेकिन कई देशों ने इसे बनाया है."

उन्होंने कहा, "ये किसी नाटक की तरह लगता है. क्या आपके पास कहने के लिए कोई बेहतर झूठी कहानी नहीं है?"

रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल केस: फ़ोन कॉल हुआ सार्वजनिक

मिनटों में जान लेने वाला जहरों का जहर 'नर्व एजेंट' क्या है?

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
नर्व एजेंट से लोगों में डर

जांच में हिस्सा लेना चाहता है

वेसिली नेबन्ज़ा ने कहा कि रूस किसी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर मारने की कोशिश क्यों करेगा. उन्होंने कहा कि किसी को मारने के लिए नर्व एजेंट की जगह सैंकड़ों और तरीके हैं जो ब्रितानी टेलीविज़न सिरीज़ 'मिडसमर मर्डर' में दिखाए गए हैं.

ब्रिटेन का कहना है कि पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया को ज़हर दिए जाने के लिए रूस ज़िम्मेदार है जबकि रूस खुद पर लगे आरोपों से इनकार करता आया है. रूस ने बुधवार को इसकी जांच में हिस्सा लेने की गुज़ारिश की थी लेकिन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वीपन्स ने इसे खारिज कर दिया था.

एक संवाददाता सम्मेलन में ब्रिटेन के लिए रूसी दूत एलेक्ज़ेन्डर याकोनेन्को ने इसे पारदर्शिता के विरूद्ध बताया है.

रूस बनाम पश्चिम का झगड़ा, क्या यही नया शीत युद्ध है?

चीन को कैसे महंगा पड़ेगा अमरीका से झगड़ा?

इमेज कॉपीरइट REUTERS/Lucas Jackson
Image caption संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन की दूत कैरन पीयर्स

'यूलिया स्क्रिपल की इच्छा का सम्मान हो'

संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के दूत कैरन पीयर्स ने कहा कि ब्रिटेन के लगाए सभी "आरोपों की जांच की जा सकती है". उन्होंने कहा कि रूस का जांच में हिस्सा लेना कुछ उसी तरह है जैसा किसी आग लगाने वाले का उसके कारणों की जांच करना.

पीयर्स का कहना था कि रूस पर आरोप लगाया कि "द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के दौर से हमें सुरक्षित रखने वाले अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को कमज़ोर आंक रहा है."

उन्होंने कहा कि रूस पर शक करने की कई वजहें हैं, "रूस सरकार समर्थित हत्याएं कराती रही है" और जो "इसकी बात नहीं मानते उन्हें अपना निशाना बनाते हैं."

ब्रिटेन का कहना है कि रूस की यूलिया स्क्रिपल से मुलाक़ात करने की गुज़ारिश को हमने आगे बढ़ा दिया है, "उनकी इच्छा का भी सम्मान किया जाना चाहिए."

नेटो ने निष्कासित किए सात रूसी राजनयिक

रूस का झगड़ा: क्या शीत युद्ध का प्रेत लौट आया है?

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
रूस के साथ पश्चिमी देशों का बढ़ता तनाव

इधर, संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत केली क्यूरी ने कहा कि रूस "राजनीतिक फायदों के लिए " संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा काउंसिल का इस्तेमाल कर रहा है जो "सही नहीं है".

रूसी जासूस, जिसे मिली 'गद्दारी' की सज़ा?

ब्रिटेन में रूसी व्यापारी की मौत कहीं हत्या तो नहीं!

स्क्रिपल और उनकी बेटी को ज़हर दिए जाने की घटना के मुद्दे पर रूसी सरकार के नज़दीकी सूत्र युद्ध की आशंका से इनकार नहीं करते. ये कहना है रूस के लेफ्टिनेंट जनरल येवगेन बूज़ीन्स्की का जो 2009 में रिटायर होने से पहले तक रूस के लिए देश की सेना के लिए काम करते थे. सेना से अवकाश लेने के बाद से वो रूसी सेंटर ऑफ़ पॉलिसी रिसर्च के साथ जुड़े हैं.

2004 और 2008 के दौरान रूस में ब्रिटेन के राजदूत रह चुके टोनी ब्रेन्टन का कहना है कि बूज़ीन्स्की का नज़रिया वही है जो अन्य रूसियों का है. बीबीसी के इस कार्यक्रम में टोनी ब्रेन्टन का भी इंटरव्यू लिया गया था.

'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करते हैं बशर का समर्थन'

येवगेन बूज़ीन्स्की ने बीबीसी टुडे के रेडियो 4 कार्यक्रम में निक रॉबिनसन से बात की.

उन्होंने कहा कि "मुझे नहीं लगता कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जीत या हार के बारे में सोच रहे हैं. मैं मानता हूं कि रूस सीरिया में बशर अल-असद सरकार का समर्थन करता है क्योंकि वो वहां के वैध राष्ट्रपति हैं और वो नहीं चाहता कि सीरिया में वैसी ही गड़बड़ियां हों जैसा कि लीबिया में हुईं."

"पश्चिमी देश चाहते हैं कि असद को सत्ता से बेदखल किया जाए. अगर वो चुनावों में हार जाएं तो उन्हें पद छोड़ना होगा लेकिन चरमपंथियों के दवाब में नहीं."

मिनटों में जान लेने वाला जहरों का जहर 'नर्व एजेंट' क्या है?

पैमाने पर रहम नहीं करने वाले व्लादिमीर पुतिन

इमेज कॉपीरइट REUTERS/Jorge Silva/File Photo

येवगेन बूज़ीन्स्की ने कहा कि रूस सीरिया में बदलाव नहीं चाहता, वो चाहता है कि पहले वहां जारी गृहयुद्ध रोका जाए.

सीरिया में बीते आठ साल से गृहयुद्ध जारी है और असद अपने विरोधियों के ख़िलाफ़ सफ़ल रहे तो आशंका जताई जा रही है ये संकट आगे भी जारी रहेगा. बूज़ीनिस्की इस बात से इनकार नहीं करते. वो कहते हैं, "सीरिया मामले में रूस, तुर्की और ईरान का उद्देश्य अमरीकी नेतृत्व में गठबंधन के उद्देश्यों से अलग है. सभी को सीरियाई शासन में परिवर्तन चाहिए लेकिन रूस ऐसा नहीं चाहता."

रूस-ब्रिटेन में बढ़ी तकरार, अब मॉस्को की जवाबी कार्रवाई

ब्रिटेन रूस के 23 राजनयिकों को निष्कासित करेगा

इमेज कॉपीरइट LOUAI BESHARA/AFP/Getty Images

कई देशों के रूसी राजनयिकों को बाहर निकालने के बारे में वो कहते हैं कि "रूसी जासूस को ज़हर दिए जाने वाला मामला आपराधिक घटना है. जब जांच शुरू होती है जांचकर्ता सबसे पहले यही पूछता है कि इससे किसको फायदा होगा. लेकिन इस मामले में जब रूस में चुनाव सिर पर थे रूसी राष्ट्रपति पुतिन को इससे कोई फायदा नहीं पहुंचने वाला था."

उन्होंने कहा, "रूस ने ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वीपन्स से इस मामले में रूस से 13 सवाल किए हैं. रूस पर जिस गैस का इस्तेमाल करने के आरोप लग रहे हैं, उसके इस्तेमाल के बाद अगर किसी को मिनटों के भीतर एंटीडोट ना दिया जाए तो व्यक्ति की मौत हो सकती है, तो इस मामले में उन्हें कैसे बचाया गया? अगर एंटीडोट का इस्तेमाल हुआ तो वहां पर मौजूद लोगों को कैसे पता कि किस गैस का इस्तेमाल हुआ था."

'रूस बताये, क्या पूर्व जासूस को ज़हर दिया?'

रूस ने कहा रोज़ पांच घंटों के लिए थमेगी ग़ूटा में जंग

इमेज कॉपीरइट BEN STANSALL/AFP/Getty Images

'कौन मानता है रूस को ज़िम्मेदार?'

तीन सप्ताह क्रिटिकल हालात में रहने वाली यूलिया फिलहाल ख़तरे से बाहर हैं. सर्गेई स्क्रिपल फिलहाल गंभीर हालत में हैं.

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने बताया था कि सर्गेई स्क्रिपल पर जिस रसायन का इस्तेमाल किया गया है वह नर्व एजेंट का ही रूप है जिसे नोविचोक (रूसी भाषा में 'नवागंतुक') के नाम से जाना जाता है. यह उन नर्व एजेंटों के समूह का हिस्सा है जिसे सोवियत राष्ट्र ने 1970 से 1980 के बीच ख़ुफ़िया तरीके से विकसित किया था.

रूसी विदेश मंत्रालय ने टेरीज़ा मे के बयान को एक तरह की परीकथा बताया था और उसे खारिज कर दिया था.

अमरीका के नए 'परमाणु पैंतरे' का क्या होगा असर?

अमरीका ने जारी की 210 नामों की 'पुतिन लिस्ट'

इमेज कॉपीरइट MLADEN ANTONOV/AFP/Getty Images
Image caption क्रेमलिन का सेंट बेसिल्स कथेड्रल और ज़ार्यादे पार्क

येवगेन बूज़ीन्स्की पूछते हैं कि "जब आप अन्य देशों की बात करते हैं तो आप सिर्फ़ अमरीका, ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन की बात करते हैं. और कौन रूस को ज़िम्मेदार मानता हैं बताएंगे? कौन से बड़े देश हैं ज़रा नाम लीजिए? भारत, चीन, कोरिया, एशिया का कोई और देश?"

वो कहते हैं कि मौजूदा तनाव की स्थिति "शीतयुद्ध से बुरी स्थिति है क्योंकि ये मामला आगे बढ़ता जा रहा है. मुझे लगता है कि ये इतनी आसानी से ख़त्म नहीं होगा और इसका नतीजा बेहद बुरा होगा."

वो कहते हैं "यह शीतयुद्ध से बुरी स्थिति है- यानी सचमुच का युद्ध. औऱ ये मानव इतिहास का आख़िरी युद्ध होगा."

उत्तर कोरिया को उकसा रहा है अमरीका: रूस

फ्लिन ने जो किया, वो वैध है: डोनल्ड ट्रंप

इमेज कॉपीरइट OLGA MALTSEVA/AFP/Getty Images
Image caption रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी दूतावास के बाहर सुरक्षाकर्मी

वो कहते हैं, "केवल सेल्सबरी में ज़हर दिए जाने वाली घटना नहीं लेकिन जो सब कुछ हो रहा है उसे भी देखा जाना चाहिए. ये युद्ध की स्थिति पैदा हो रही है. अमरीका और ब्रिटेन रूस पर दबाव बना रहे हैं और कह रहे हैं कि वो ऐसा करना जारी रखेंगे. इससे उन्हें क्या हासिल होगा?"

"अगर आपको लगता है कि इससे रूस में सत्ता परिवर्तन हो जाएगा तो ऐसा सोचना बेकार है. उन्हें अभी अंदाज़ा नहीं है कि रूसी कौन हैं. विदेश से रूस पर जितना अधिक दबाव डाला जाएगा, रूसी जनता उतना ही अधिक अपने राष्ट्रपति का समर्थन करेगी."

अब हवेलियों को लेकर फंसा रूस-अमरीका में पेंच

स्कूली बच्चों जैसे लड़ रहे हैं ट्रंप और किमः रूस

इमेज कॉपीरइट EPA

शीतयुद्ध और असल युद्ध से बुरा युद्ध की बात येवगेन बूज़ीनिस्की किस आधार पर कह रहे हैं, ये पूछने पर बूज़ीनिस्की ने कहा, "इस पर बात करना, चर्चा करना ज़रूरी है. लेकिन आप इस पर चर्चा नहीं करेंगे. आप कहेंगे कि रूस को अपना व्यवहार बदलना चाहिए. हमें इस तरह की चर्चा की ज़रूरत नहीं हैं."

"आप राजनयिकों को अपने देश से निकालेंगे तो हम भी निकालेंगे, फिर इसके जबाव में आप और राजनयिकों के निकालेंगे. लेकिन आगे कौन सा कदम लेंगे आप? कूटनीतिक संबंध आप तोड़ देंगे लेकिन आगे क्या?"

"इन सब कदमों से क्या होगा. ये कदम उठा कर आप रूस को अलग-थलग कर रहे हैं और रूस को अलग-थलग करने के भयंकर परिणाम हो सकते हैं."

पुतिन से मुलाक़ात पर क्यों हो रही है ट्रंप की आलोचना?

इमेज कॉपीरइट YURI SENATOROV/AFP/Getty Images
Image caption सर्गेई स्क्रिपल

रूसी जासूस को ज़हर दिए जाने का मामला

महीने भर पहले, चार मार्च को ब्रिटेन के सेल्सबरी में शॉपिंग सेंटर के नज़दीक 66 साल के सर्गेई स्क्रिपल और उनकी 33 वर्षीय बेटी यूलिया अचेत हालत में पाए गए थे. वो कभी रूसी सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस में कर्नल थे.

साल 2006 में ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में उन्हें 13 साल की सजा सुनाई गई थी. जिसके बाद 'जासूसों की अदला-बदली' कार्यक्रम के तहत उन्हें ब्रिटेन में शरण मिली थी.

इमेज कॉपीरइट Toby Melville - WPA Pool/Getty Images

ब्रितानी सरकार ने हमले के लिए रूस को जिम्मेदार बताया था.

इस घटना से नाराज़ ब्रिटेन के साथ एकजुटता दिखाते हुए 20 से ज़्यादा देश रूस के राजनयिकों को अपने देश से निकाला. इनमें अमरीका भी शामिल था.

अमरीका ने मार्च के आख़िर तक रूस के 60 राजनयिकों को निकालने का आदेश दिया और सिएटल में दूतावास बंद कर दिया.

नेटो ने निष्कासित किए सात रूसी राजनयिक

रूस की जवाबी कार्रवाई, निकाले 60 अमरीकी राजनयिक

इमेज कॉपीरइट EPA/YURI KOCHETKOV
Image caption अमरीका से निकाले गए रूसी राजनयिक अपने परिवारों के साथ मॉस्को पहुंचे

इस प्रतिक्रिया के जवाब में रूस ने अमरीका के 60 राजनयिकों को निकालने और सेंट पीटर्सबर्ग कॉन्सुलेट को बंद करने का फ़ैसला किया. इन राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए एक हफ़्ते का वक़्त दिया गया.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कहना था कि रूस के राजनयिकों को बाहर करने वाले दूसरे देशों को 'समान' जवाब की उम्मीद रखनी चाहिए.

शीत युद्ध के बाद रूस के ख़िलाफ़ अमरीका की सबसे बड़ी कार्रवाई

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए