सीरिया पर हमले के लिए तैयार रहे रूस, मिसाइलें आ रही हैं: ट्रंप

  • 12 अप्रैल 2018
ट्रंप

"रूस अपने दोस्त सीरिया पर मिसाइल हमले के लिए तैयार रहे."

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का ये ट्वीट आने वाले दिनों में सीरिया के संकट की कैसी तस्वीर बनेगी, इसकी एक झलक दिखलाता है.

शनिवार को दमिश्क के पास हुए कथित रासायनिक हमले के जवाब में ट्रंप ने ये प्रतिक्रिया दी है.

ट्रंप ने ट्वीट किया, "तैयार हो जाओ रूस क्योंकि वे आ रही हैं. उम्दा, नई और स्मार्ट."

हालांकि रूस की तरफ़ से भी ये कहा गया है कि अमरीकी हमलों का जवाब दिया जाएगा.

सीरिया में बशर अल-असद की सरकार ने विद्रहियों के नियंत्रण वाले डूमा शहर में रासायनिक हमलों को अंजाम देने किसी भूमिका से इनकार किया है.

सीरिया संकट

सीरिया में हाल में हुए संदिग्ध रासायनिक (केमिकल) हमले के बाद, दुनिया के दो सबसे ताक़तवर देशों के बीच गतिरोध और बढ़ता नज़र आ रहा है.

हमले के बाद अमरीका ने सीरिया में 'बड़ी सैन्य कार्रवाई' की बात कही थी. इसके जवाब में रूस ने अमरीका से किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई न करने को कहा है.

संयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि ने कहा, "मैं एक बार फिर आपसे ये कहना चाहूंगा कि मौजूदा समय में आप जैसे हालात बना रहे हैं, उनसे बचने की ज़रूरत है."

उन्होंने अमरीका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में किसी भी तरह की अवैध सैन्य कार्रवाई होती है तो आपको उसकी ज़िम्मदारी लेनी होगी.

ट्रंप ने भी अपना जवाब दे दिया है और रूस को चेताया है कि वह सीरिया में मिसाइल हमले के लिए तैयार रहे.

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डूमा में रासायनिक हमले

इससे पहले सीरिया और विद्रोहियों के ख़िलाफ़ युद्ध में उसका समर्थन करने वाले रूस ने कहा था कि वो जांच दल के सदस्यों के दौरे में मदद करने के लिए तैयार हैं.

सीरिया इस हमले के पीछे होने के आरोपों से इनकार करता रहा है.

वहीं पश्चिमी देशों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि डूमा शहर पर हुए संदिग्ध रासायनिक हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ वे साथ आएंगे.

दरअसल, अमरीका चाहता है कि एक अलग पैनल गठित किया जाए और रासायनिक हमले की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमेन्युअल मैक्रों ने कहा कि कोई भी हवाई हमला सीरिया की सरकार के रासायनिक ठिकानों को टारगेट करेगा.

संयुक्त राष्ट्र क्या कर रहा है?

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दमदार प्रतिक्रिया की बात कही थी. ट्रंप और उनके रक्षा मंत्री जेम्स मेटिस ने अपने दौरों को भी रद्द कर दिया था.

सीरिया के विपक्ष के कार्यकर्ता, बचाव कर्मी और डॉक्टरों का कहना है कि पूर्वी ग़ूटा क्षेत्र के डूमा कस्बे पर रासायनिक हमले में कई लोग मारे गए हैं.

राष्ट्रपति बशर-अल-असद सरकार ने रासायनिक हमले के आरोपों को खारिज किया है. इस सरकार को रूस का समर्थन हासिल है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में रूस ने सीरिया के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी.

इस बैठक में भी सदस्यों की राय बंटी हुई थी और इस हमले के आरोपों पर कोई जांच बैठाने में नाकाम रही.

सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के नाते रूस और अमरीका दोनों के पास वीटो का अधिकार है. दोनों ने स्वतंत्र जांच बैठाने के एक-दूसरे के प्रस्ताव को रोक दिया.

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Image caption संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रतिनिधि निकी हेली और रूस के प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़िया

रूस और अमरीका

अमरीका के प्रस्ताव में ये था कि जांचकर्ता ही इस हमले के दोषी को तय करें जबकि रूस के प्रस्ताव में ये अधिकार सुरक्षा परिषद को दिया गया था.

जल्द ही ओपीसीडब्लू (प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वेपन्स) की एक टीम को सीरिया भेजा जाएगा ताकि वे पता लगा सकें कि डूमा में प्रतिबंधित रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ है या नहीं.

लेकिन ओपीसीडब्लू की टीम ये पता नहीं लगाएगी कि हमले के पीछे कौन है. संयुक्त राष्ट्र के इस सत्र में एक बार फिर रूस और अमरीका के बीच सख़्त बयानबाज़ी हुई.

रूस के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि नेबेंज़िया ने आरोप लगाया कि अमरीका इस प्रस्ताव को सैन्य कार्रवाई के लिए बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है.

वहीं अमरीका की प्रतिनिधि निकी हेली ने इस प्रस्ताव को फर्ज़ी बताया.

उन्होंने कहा,"रूस ने परिषद की विश्वसनीयता को ही बर्बाद कर दिया है. जब भी हम सीरिया पर कोई महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाना चाहते हैं, रूस उसे वीटो कर देता है."

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क्या होगा सैन्य हमला?

ऐसा लग रहा है कि अमरीका और उसके सहयोगी देश हमले की तैयारी में हैं.

ट्रंप ने लैटिन अमरीका के अपने दौरे को भी रद्द कर दिया ताकि वो सीरिया पर ध्यान दे सकें.

बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि इस फ़ैसले से लगता है कि अमरीका कोई छोटा हमला नहीं ब्लकि बड़ा सैन्य ऑपरेशन कर सकता है.

अमरीका फिलहाल फ्रांस और ब्रिटेन से भी बातचीत कर रहा है जिससे पश्चिम के एक संगठित सैन्य हमले की गुजांइश पैदा हो रही है.

टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने ट्रंप से इस हमले के और सबूत पेश करने को कहा है.

भूमध्यसागर में अमरीकी जलसेना की मिसाइल यूएसएस डोनल्ड कुक मौजूद है और यूरोपीय एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल एजेंसी ने अपनी एयरलाइन को चेतावनी भी दी है कि अगले कुछ दिनों तक ध्यान रखे क्योंकि सीरिया में मिसाइल हमले की आशंका है.

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Image caption पूर्वी गूटा का डूमा विद्रोहियों के कब्ज़े वाला इकलौता शहर बचा है

इस हमले में हुआ क्या?

रूस के कई बड़े अधिकारियों ने अमरीकी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है.

लेबनान में रूस के राजदूत एलेक्ज़ेंडर जेसिप्किन ने हाल ही में रूस सेना प्रमुख की दी चेतावनी को दोहराया कि मिसाइलों को गिरा दिया जाएगा और उनकी लॉच करने की जगह पर हमला किया जाएगा.

सीरिया में राहत बचावकर्मियों, कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों का दावा है कि सरकार की सेना ने डूमा शहर में ज़हरीले रसायन से भरे बमों से हमला किया.

सीरिया-अमरीका मेडिकल सोसाइटी का कहना है कि उनके केंद्रों में 500 से ज़्यादा लोगों को लाया गया जिनमें किसी रासायनिक एजेंट की चपेट में आने के लक्ष्ण दिख रहे थे.

मरीज़ों को सांस लेने में तकलीफ़ थी, उनकी त्वचा नीली पड़ गई थी, मुंह से झाग निकल रहा था और उनमें से क्लोरीन जैसी गंध आ रही थी.

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