सीरिया में वो तीन जगहें जहां गिराईं अमरीका ने मिसाइलें?

  • 20 अप्रैल 2018
अमरीका सेना की मिसाइलें इमेज कॉपीरइट EPA/Matthew Daniels

शनिवार सवेरे से ब्रिटेन, अमरीका और फ्रांस ने सीरिया पर 105 मिसाइलें दाग़ीं. अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के अनुसार ये हमला सीरियाई सरकार के "रासायनिक हथियारों से जुड़े ठिकानों" को ख़त्म करने के लिए किया गया था.

अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस के अनुसार सीरिया के डूमा में कथित तौर पर रायासनिक हमला हुआ था जिसके लिए वो सीरिया की बशर अल-असद सरकार को ज़िम्मेदार मानते हैं. हालांकि सीरियाई सरकार उन पर लगे आरोपों से इनकार करता रही है और इन आरोपों को 'झूठ' बताती रही है.

ब्रिटेन और अमरीका का ये भी आरोप है कि रूस डूमा में संदिग्ध केमिकल हमले के सबूत छिपाने के लिए सीरियाई सरकार की मदद कर रहा है. रूस ने सीरिया में सबूतों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ करने के आरोप से भी इनकार किया है.

हाल में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बीबीसी के कार्यक्रम हार्ड टॉक में दिए एक साक्षात्कार में कहा, ''मैं गारंटी दे सकता हूं कि रूस ने उस जगह पर कोई छेड़छाड़ नहीं की है.''

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सीरिया का कहना है कि उन्होंने साल 2013 में सरीन गैस के हमले के बाद वायदे के अनुसार अपने केमिकल हथियारों के ज़खीरे को नष्ट कर दिया है. हालांकि ऑर्गानाइज़ेशऩ ऑर द प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वीपन्स ने इसके बाद से अब तक चार मामलों में केमिकल हथियारों के इस्तेमाल की बात कही है.

पूर्वी ग़ूटा के डूमा में इसी साल सात अप्रैल को जब संदिग्ध केमिकल हमला हुआ था, तब वहां विद्रोहियों का नियंत्रण था. इस हमले में 70 से अधिक लोगों की जानें गईं. अब यहां सीरियाई सरकार और रूसी सैनिकों का नियंत्रण है.

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दमिश्क में सेंटर ऑफ़ रिसर्च

Image caption बार्ज़ेह साइंटिफिक रिसर्च एंड स्टडी सेंटर की तस्वीरें. Source: digitalglobe image and analysis of the US Department of Defense

सीरियाई सरकार के अनुसार बार्ज़ेह जिले में साइंटिफिक रिसर्च एंड स्टडी सेंटर है जिसका उद्देश्य देश के विकास से जुड़े विज्ञान मामलों के कार्यक्रमों पर नज़र रखना है.

बीते सप्ताह अमरीका के पेंटागन में हुई एक प्रेस वार्ता में जनरल जोसेफ़ डनफोर्ड ने इसे "केमिकल और बाोलॉजिकल तकनीक के संबंध में शोध, उनका विकास और टेस्टिंग का केंद्र" बताया था.

इसी साल फरवरी और बीते साल नवंबर में ऑर्गानाइज़ेशऩ ऑर द प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वीपन्स ने सीरिया का दौरा किया था और कहा था कि उन्हें इस जगह से ऐसी हरकत के कोई सबूत नहीं मिले हैं जिससे अंदाज़ा लगे जो "केमिकल वीपन्स पर लगाम लगाने के लिए किए गए समझौते का उल्लंघन हो."

इस एक इलाके में कुल 76 मिसाइलें गिराई गई हैं. अमरीकी सेना के ज्वायंट कमांड के निदेशक जनरल केनेथ मैकेन्ज़ी ने कहा है कि उनके आकलन के अनुसार "लक्ष्य नष्ट हो चुका" है.

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही "सीरिया के केमिकल हथियार बनाने के कार्यक्रम को कई वर्षों के लिए पीछे धकेल दिया गया है".

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होम्स के नज़दीक केमिकल हथियारों का बंकर

Image caption होम्स के पश्चिम में मौजूद केमिकम हथियारों के बंकर की तस्वीरें Source: digitalglobe image and analysis of the US Department of Defense

डनफोर्ड के अनुसार सात किलोमीटर के दायरे में फैले इस इलाके में "केमिकल हथियारों को रखा जाता था और ये एक महत्वपूर्ण कमांड पोस्ट भी था."

जनरल केनेथ मैकेन्ज़ी के अनुसार इस बंकर को नष्ट करने के लिए सात मिसाइलें दाग़ी गई थीं और हमले में बंकर को "पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है."

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Image caption होम्स के नज़दीक शिनशहर में केमिकम हथियारों के रखने की जगह की तस्वीरें Source: digitalglobe image and analysis of the US Department of Defense

डनफोर्ट के अनुसार अमरीका का मानना है कि "ये सीरिया के लिए सरीन गैस बनाने के लिए सामान (ख़ास रसायन) जुटाने वाली टीम की मुख्य जगह थी." इन्हीं ख़ास रसायनों के मिलाकर सरीन गैस और मस्टर्ड गैस जैसे केमिकल हथियार बनाए जाते हैं.

जनरल केनेथ मैकेन्ज़ी के अनुसार इसे लक्ष्य बनाकर 22 मिसाइलें दाग़ी गई थीं.

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