महिलाओं की सुरक्षा पर ज़्यादा ध्यान दें नरेंद्र मोदी: क्रिस्टीन लगार्ड

  • 20 अप्रैल 2018
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भारत में महिलाओं ख़ासकर बच्चियों के ख़िलाफ़ बढ़ते यौन हिंसा के मामलों ने दुनिया भर का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने कठुआ और उन्नाव में हुए कथित बलात्कार के मामलों को घिनौना बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को महिलाओं का ख्याल रखने की नसीहत दी है.

लगार्ड ने कहा कि "जो हुआ वो बेहद घिनौना है. मुझे उम्मीद है कि भारत की सरकार, ख़ास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी इस पर ज़्यादा ध्यान देंगे क्योंकि भारत की महिलाओं को इसकी ज़रूरत है."

क्रिस्टीन आईएमएफ़ की बैठक में बोल रही थीं.

न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ काफ़ी नाराज़ दिख रहीं लगार्ड ने कहा कि "सवाल इस बारे में सिर्फ़ बात करने का नहीं है."

लगार्ड ने इस साल की शुरुआत का एक क़िस्सा भी बताया जब उन्होंने दावोस में पीएम मोदी पर चुटकी ली थी कि 'वे महिलाओं का ज़्यादा ज़िक्र नहीं करते.'

हालांकि क्रिस्टीन ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि 'ये उनके निजी विचार हैं और इन्हें उनकी संस्था की राय न माना जाए.'

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क्या हुआ था कठुआ-उन्नाव में?

बच्चों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली संस्था क्राइ के मुताबिक़ भारत में बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों में पिछले 10 साल में 500 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

2014 में आई संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट में भी बताया गया था कि भारत में बलात्कार की शिकार होने वाली हर तीन में से एक पीड़िता नाबालिग़ होती है.

इस महीने भी जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने भारत को हिला कर रख दिया है.

कठुआ के रसाना गाँव में इस साल जनवरी में एक आठ साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ रेप किया गया और बाद में हत्या कर दी गई थी.

जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के मुताबिक़ यह एक मुस्लिम घूमंतु जनजाति के ख़िलाफ़ सोची समझी साज़िश थी.

मुस्लिम गुर्जर समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाली पीड़िता 10 जनवरी को लापता हो गई थी और 17 जनवरी को जब उसका शव जंगलों से मिला तो उसके शरीर पर गहरी चोट के निशान थे.

उसके परिजनों का कहना था कि उसके पैर टूटे हुए थे और उसके नाख़ून काले पड़ गए थे.

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'बच्ची को नशा देकर रेप किया जाता था'

पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि आठ वर्षीय बच्ची को रसाना गांव के एक मंदिर में रखा गया था जहां उसके साथ पुलिसकर्मियों समेत एक नाबालिग़ ने कई दिनों तक बलात्कार किया था.

इसके अलावा उसे नशीली दवाइयां दी जाती थीं.

क्राइम ब्रांच की जांच में पाया गया कि मंदिर के संरक्षक सांजी राम ने अपने नाबालिग़ भतीजे और बेटे के साथ मिलकर यह साज़िश रची थी.

सांजी राम राजस्व विभाग के रिटायर्ड अधिकारी हैं. जांच के अनुसार, इस साज़िश का मक़सद मुस्लिम गुर्जरों को डराकर भगाना था ताकि वे अपनी ज़मीनें बेचकर वहां से चले जाएं.

वहीं यूपी के उन्नाव में 17 साल की लड़की ने एक स्थानीय बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया है.

जब पीड़िता पुलिस के पास अपनी फरियाद लेकर गई तो सेंगर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज नहीं की गई.

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'उन्नाव में पीड़िता के पिता को पीट-पीटकर मारा'

साथ ही बीजेपी नेता भी सेंगर के समर्थन में उतर आए. इसके बाद पीड़ित परिवार ने अदालत का सहारा लिया.

लेकिन पीड़ित पक्ष के मुताबिक़ उन पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा. जब पीड़िता को कहीं भी इंसाफ़ की उम्मीद नहीं दिखी तो उसने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया.

इसके बाद भी विधायक से पूछताछ करने के बजाय पुलिस ने पीड़िता के पिता को ही जेल में बंद कर दिया.

आरोपों के मुताबिक, पीड़िता के पिता की कुलदीप सेंगर के भाई ने तीन अप्रैल को पिटाई की जिसके बाद हिरासत में उनकी मौत हो गई.

इतना कुछ होने के बाद भी सेंगर पर कोई आंच नहीं आई. लेकिन तक़रीबन उसी समय पर कठुआ की घटना सामने आने से देश भर में विरोध प्रदर्शन होने लगे और बढ़ते दबाव के बीच इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई.

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