दक्षिण कोरिया ने किम जोंग उन को खरी-खोटी सुनानेवाले लाउडस्पीकर क्यों बंद किए

  • 23 अप्रैल 2018
दोनों कोरियाई देशों की सीमा पर दर्जनों लाउडस्पीकर लगे हैं इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption दोनों कोरियाई देशों की सीमा पर दर्जनों लाउडस्पीकर लगे हैं

उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच इस हफ़्ते होने वाली बातचीत से पहले सियोल ने सीमा पर लगे अपने लाउडस्पीकरों को ख़ामोश कर दिया है.

दोनों कोरियाई देशों ने अपनी-अपनी सरहद पर दर्जनों लाउडस्पीकर लगा रखे हैं जिनमें कोरियाई पॉप संगीत से लेकर दूसरे कोरियाई देश की आलोचना करने वाली ख़बरों तक सब कुछ चलाया जाता है.

प्रोपेगैंडा फैलाने वाले ये लाउडस्पीकर ऐसे लगाए गए हैं कि सीमाई इलाक़ों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ वहां तैनात पड़ोसी देशों के जवान भी उन्हें सुन सकें.

दक्षिण कोरिया ने बताया कि उसने अपने हिस्से के लाउडस्पीकर सोमवार की सुबह बंद कर दिए. वजह बताते हुए उत्तर कोरिया ने कहा कि इससे बातचीत के लिए सही माहौल बनाने में मदद मिलेगी.

दक्षिण कोरिया के प्रवक्ता चोइ होइ-युन ने कहा, "इस कदम का मक़सद दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव कम करना और बातचीत के लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाना है. हमें उम्मीद है कि इस फ़ैसले के बाद दोनों कोरियाई देश एक-दूसरे की आलोचना और प्रोपेगैंडा फैलाना बंद कर देंगे. साथ ही शांति कायम करने और नई शुरुआत करने में योगदान करेंगे."

ये साफ़ नहीं है कि उत्तर कोरिया भी पड़ोसी देश की लीक पर चलते हुए अपने हिस्से से होने वाले प्रचार बंद कर देगा या दक्षिण कोरिया की आलोचना करने वाली ख़बरें प्रचारित करना जारी रखेगा या नहीं.

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Image caption इन ख़बरों का मक़सद पड़ोसी कोरियाई देश के लोगों और जवानों को ये बताना है कि उनका देश उन्हें सही जानकारी नहीं दे रहा

ऑन-ऑफ़ होते रहे हैं लाउडस्पीकर

ये पहली बार नहीं है जब दक्षिण कोरिया ने अपनी ओर से किए जा रहे प्रोपेगैंडा पर रोक लगाई है.

कोरियाई युद्ध के बाद से चले आ रहे इस प्रोपेगैंडा का मक़सद दूसरे कोरियाई देश के जवानों और लोगों को ये बताना है कि उनका देश उन्हें गुमराह कर रहा है.

2004 में भी दोनों देशों के बीच समझौता होने के बाद ऐसे प्रचार पर रोक लगा दी गई थी.

लेकिन 2015 में दक्षिण कोरिया के दो जवान उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंग की चपेट में आकर मर गए जिसके बाद दक्षिण कोरिया ने लाउडस्पीकर वापस चालू कर दिए.

उसी साल एक बार फिर इन पर रोक लगाई गई, लेकिन 2016 में उत्तर कोरिया के एक हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने के बाद उन्हें फिर शुरू कर दिया गया.

इस बार भी दक्षिण कोरिया ने साफ़ नहीं किया है कि इस मुलाक़ात के बाद लाउडस्पीकर वापस चालू कर दिए जाएंगे या नहीं.

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थोड़ा बदला है सूरते हाल?

हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने और एक परीक्षण केंद्र बंद करने का एलान किया था. इसे किम जोंग-उन की दक्षिण कोरिया और अमरीका के साथ होने वाली बैठकों से जोड़कर देखा जा रहा है.

किम जोंग-उन इस शुक्रवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन से मिलने वाले हैं.

पनमुनजोम के शांति गांव में होने वाली ये मुलाक़ात दोनों देशों के बीच एक दशक से भी ज़्यादा समय में होने वाली पहली मुलाक़ात होगी.

साथ ही जून में किम के अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने की भी संभावना है. दोनों नेताओं के बीच ये पहली मुलाक़ात होगी.

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