वो तस्वीरों में ख़बर देखता था, ख़ुद ख़बर बन गया

  • 30 अप्रैल 2018
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Image caption अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए धमाके में मशहूर फोटोग्राफ़र शाह मरायी की भी मौत हो गई है

समाचार एजेंसी एएफ़पी के काबुल में चीफ़ फोटोग्राफ़र की एक बम धमाके में मौत हो गई है. इस हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं.

शाह मरायी ने 90 के दशक में एएफ़पी के ड्राइवर के तौर पर नौकरी शुरू की थी. लेकिन दुनिया में उनकी रुचि, फ़ोटोग्राफ़ी के प्रति प्यार और दिलचस्पी की वजह से एएफ़पी ने उन्हें प्रशिक्षण के लिए फ़्रांस भेजा और जब वो अपने हुनर को निखारकर लौटे तो अद्भुत फ़ोटोग्राफर साबित हुए. उन्होंने काबुल शहर और उसके दर्दनाक दौर को अपने कैमरे में उतार लिया.

शाह मरायी ने अपने करियर में कई यादगार तस्वीरें खींची. उनमें से कुछ आप यहां देख सकते हैं.

काबुल में बम धमाका इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में होने वाले बम धमाकों की तस्वीरें वो नियमित तौर पर खींचा करते थे. ये तस्वीर इसी साल 22 अप्रैल को एक मतदाता पंजीकरण केंद्र पर हुए धमाके के बाद की है. आसपास के लोग घटनास्थल को देख रहे हैं
क़ब्र खोदता एक अफ़ग़ान नागरिक इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption इसी साल अफ़ग़ानिस्तान में हुए एक हमले में मारे गए लोगों के लिए क़ब्र खोदता एक व्यक्ति. इस हमले में क़रीब साठ लोग मारे गए थे जिनमें बच्चे भी शामिल थे
रोती हुई दो अफ़ग़ान महिलाएं इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption काबुल के एक सांस्कृतिक केंद्र में साल 2017 में हुए धमाके में मारे गए लोगों की रिश्तेदार ये दो महिलाएं एक अस्पताल के बाहर बैठकर विलाप कर रही हैं
सीनेटर जॉन कैरी और हामिद करज़ई इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption मरायी अपने देश के राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी रिपोर्टिंग किया करते थे. काबुल के राष्ट्रपति भवन में साल 2009 में ली गई इस तस्वीर में तत्कालीन अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई अमरीकी सीनेटर जॉन केरी के साथ मुस्कुरा रहे हैं
पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption दस साल पहले कैंप बैस्टियन में ली गई इस तस्वीर में तत्कालीन ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ब्रितानी सैनिकों को संबोधित कर रहे हैं
साल 2009 में ली गई अफ़ग़ान महिला की तस्वीर इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption शाह मरायी ने ये तस्वीर साल 2009 में ली थी. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अब्दुल्ला अब्दुल्ला की एक समर्थक को उन्होंने कैमरे में तब क़ैद किया जब वो एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान रोशनी के बीच से गुज़र रहीं थीं
पोलियो की दवा पीता एक अफ़ग़ानी बच्चा इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption मरायी अफ़ग़ानिस्तान में लोगों के रोज़मर्रा के जीवन और सकारात्मक घटनाओं की भी तस्वीरें लिया करते थे. साल 2010 में देश भर में चलाए गए पोलियो अभियान के दौरान एक बच्चे को दवा पिलाने की ये तस्वीर उन्होंने ली थी
व्यायाम करती अफ़ग़ान महिलाएं इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption कई साल तक तालिबान के शासन के दौरान नज़रबंद रहने वाली अफ़ग़ानी महिलाओं की हेरात के जिम में व्यायाम करते हुए ये तस्वीर मरायी ने साल 2008 में ली थी
काबुल के सिटी पार्क में लगे एक मेले में झूले पर झूलते अफ़ग़ानी बच्चे इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption काबुल के सिटी पार्क में लगे एक मेले में झूले पर झूलते अफ़ग़ानी बच्चे
फ़िल्मों की रीलें इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption साल 2017 में ली गई इस तस्वीर में वो फ़िल्में दिख रही हैं जिन्हें 90 के दशक में छुपा दिया गया था. अब इन हज़ारों फ़िल्मों को डिजीटल फ़ॉर्मेट में लाया जा रहा है
काबुल इमेज कॉपीरइट Shai Marai / AFP
Image caption काबुलमें बर्फ़ से ढके पेड़ों के बीच से गुज़रता एक अफ़ग़ान व्यक्ति
सोवियत टैंक पर खेलते बच्चे इमेज कॉपीरइट Shah Maria / AFP
Image caption 2000 के दशक में अफ़ग़ानिस्तान की सड़कों और रास्तों पर युद्ध के अवशेष नज़र आते थे. 1979-1989 तक चले युद्ध में मुजाहिदीन ने बड़ी तादाद में सोवियत वाहनों को नष्ट किया था. पंजशीर घाटी में 2003 में ली गई इस तस्वीर में एक सोवियत टैंक पर अफ़ग़ानी बच्चे खेल रहे हैं
अफ़ग़ान लड़की इमेज कॉपीरइट Shah Marai / AFP
Image caption ये लड़की साल 2008 में ईरान से अफ़ग़ानिस्तान लौटे छह हज़ार से अधिक विस्थापितों में शामिल थी

सभी तस्वीरें शाह मरायी ने एएफ़पी के लिए खींची हैं.

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