उर्दू प्रेस: भारत-पाकिस्तान रिश्तों में फिर लौटती 'गर्माहट'

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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते भारत-पाकिस्तान बैक चैनल डिप्लोमेसी के अलावा पाकिस्तान की अंदुरुनी सियासत से जुड़ी ख़बरें हर तरफ़ छाई रहीं.

सबसे पहले बात करते हैं भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली बैक चैनल डिप्लोमेसी की.

अख़बार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक़ भारत और पाकिस्तान की जेलों में बंद क़ैदियों की रिहाई की संभावना बढ़ गई है.

अख़बार लिखता है कि इस्लामाबाद में तैनात भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में नरमी आनी शुरु हो गई है और कोशिश की जा रही है कि दोनों देशों की जेलों में बंद उन तमाम क़ैदियों की रिहाई हो जाए जो अपनी सज़ा पूरी करने के बाद भी बरसों से जेल में सड़ रहे हैं.

अजय बिसारिया ने पाकिस्तान की जेल में बंद एक भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए पाकिस्तानी सरकार का शुक्रिया अदा किया.

22 साल के जितेंद्र थैलेसीमिया के मरीज़ हैं और मेडिकल ग्राउंड पर पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें रिहा करने का फ़ैसला किया है.

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अब जवाब में भारत भी पाकिस्तानी नागरिक नसरीन अख़्तर को रिहा करेगा. 56 साल की नसरीन 2006 से भारतीय जेल में बंद हैं. उन पर ड्रग्स की तस्करी का आरोप है.

इसी बुनियाद पर अजय बिसारिया ने कहा है कि जल्द ही दोनों तरफ़ के क़ैदियों को रिहा कर दिया जाएगा.

दरअसल ये बैक चैनल डिप्लोमेसी का ही नतीजा है. अप्रैल महीने के आख़िर में एक भारतीय प्रतिनिधि मंडल ने पाकिस्तान का दौरा किया था. पाकिस्तानी मामलों के जानकार विवेक काटजू और एनसीईआरटी के प्रमुख जेएस राजपूत भारतीय दल के सदस्य थे.

उस दौरे के बाद ही क़ैदियों की रिहाई की बात हो रही है.

ज़रदारी और इमरान आएंगे क़रीब?

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पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि चुनाव के बाद अगर ज़रूरत पड़ी तो इमरान ख़ान के साथ गठबंधन हो सकता है.

अख़बार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक़ ज़रदारी ने कहा कि सीनेट के चुनाव में इमरान ख़ान से समझौता हो गया था तो आम चुनाव के बाद भी हो सकता है.

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए ज़रदारी ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ ने लोकतंत्र को नुक़सान पहुंचाया है.

ज़रदारी का कहना था, ''मैंने 11 साल जेल काटकर लोकतंत्र क़ायम की. मगर नवाज़ शरीफ़ ने लोकतंत्र को नुक़सान पहुंचाया है. नवाज़ शरीफ़ ने मुग़ल बादशाह और शहज़ादा सलीम बन कर लोकतंत्र के लिए की जाने वाली कोशिशों पर पानी फेर दिया.''

ज़रदारी के बेटे और पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने नवाज़ शरीफ़ और इमरान ख़ान दोनों पर जमकर हमला किया.

अख़बार 'जंग' के मुताबिक़ बिलावल भुट्टो का कहना था, ''इमरान ख़ान का मसला नवाज़ शरीफ़ और शरीफ़ का मसला इमरान ख़ान हैं और इन दोनों को सिर्फ़ और सिर्फ़ सत्ता से मतलब है.''

उधर इमरान ख़ान ने भी नवाज़ शरीफ़ पर जमकर हमला बोला.

इमरान ख़ान को अदालत ने दहशतगर्दी के एक मामले में राहत देते हुए उन्हें बेगुनाह क़रार दिया है.

अख़बार 'जंग' के अनुसार अदालत के बाहर आकर पत्रकारों से बातचीत के दौरान इमरान ख़ान का कहना था, ''ज़रदारी जैसा है वैसा ही दिखता है. शरीफ़ ब्रदर्स चोरी करके पीड़ित बन जाते हैं.''

नवाज़ शरीफ़ पर निजी हमला करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, ''मियां साहब का दिमाग़ हिल गया है. उन्हें डॉक्टर से चेकअप कराना चाहिए. वो कह रहे हैं कि इमरान ख़ान को वोट देना ऐसा है जैसे सेना को वोट देना.''

अब्बासी का बयान

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उधर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी का एक बयान ख़ूब सुर्ख़ियां बटोर रहा है.

गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में ख़ाक़ान अब्बासी ने कहा था कि 'आम चुनाव आंतरिक सरकार नहीं बल्कि एक स्पेस की कोई चीज़ चुनाव करवाएगी.'

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने जमकर इस बयान की आलोचना की है.

आयोग का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव करनावा चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है.

आयोग ने कहा कि उम्मीद है आगे वो ऐसी कोई बात नहीं करेगें.

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