अफ़ग़ानिस्तान में छह भारतीयों समेत सात का अपहरण

  • 6 मई 2018
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पाकिस्तान स्थित न्यूज़ एजेंसी अफ़ग़ान इस्लामिक प्रेस ने ख़बर दी है कि उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के बग़लान प्रांत में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने भारतीय कंपनी केईसी इंटरनेशनल के सात कर्मचारियों को अगवा कर लिया है. अगवा किए गए लोगों में छह भारतीय हैं.

बगलान प्रांत की पुलिस कमान के प्रवक्ता ज़बिहुल्ला शूजा ने अफ़ग़ान इस्लामिक प्रेस (एआईपी) को बताया, "कुछ हथियारबंद लोगों ने बग़लान प्रांत की राजधानी पुल-ए खुमरी से समांगन की ओर जाने वाली सड़क से स्थानीय समय के अनुसार सुबह 10 बजे सात लोगों का अपहरण कर लिया."

अपहृत किए गए लोगों की पहचान अभी तक ज़ाहिर नहीं की गई है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी भारतीय इंजीनियर्स के अपहरण की पुष्टि करते हुए कहा है, "हम बग़लान प्रांत में भारतीय नागरिकों के अपहरण की घटना से वाकिफ़ हैं. हम अफ़ग़ान अधिकारियों के संपर्क में हैं और जानकारियां जुटाई जा रही हैं."

तालिबान पर आरोप

शूजा ने कहा कि ये लोग पुल-ए खुमरी के ख्वाजा अलवान इलाक़े में एक विद्युत उप-केंद्र पर काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इनका अपहरण क़ारी नूरुद्दीन के वफ़ादार तालिबान लड़ाकों ने किया है.

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Image caption बग़लान प्रांत में तैनात अफ़ग़ान नेशनल आर्मी (फ़ाइल फ़ोटो)

हालांकि, तालिबान प्रवक्ता ज़बिहुल्ला मुजाहिद ने इस घटना के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है.

केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड बिजली के टावर लगाने का काम करती है.

एआईपी की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस कंपनी ने अफ़ग़ानिस्तान सरकार के साथ कई क़रार किए हैं और वह अफ़ग़ानिस्तान में सेंट्रल एशिया साउथ एशिया इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन एंड ट्रेड प्रॉजेक्ट (CASA-1000) समेत कई परियोजनाओं पर काम कर रही है.

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पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर निशाने पर

तालिबान पहले भी देश में बिजली से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाता रहा है.

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मार्च में तालिबान ने एक बयान जारी करके अफ़ग़ान सरकार से कुंदुज़ और बग़लान में अपने नियंत्रण वाले इलाक़ों में बिजली की आपूर्ति बहाल रखने के लिए कहा था.

उस समय तालिबान ने धमकी दी थी कि मांगें पूरी नहीं की गईं तो काबुल के लिए बिजली की आपूर्ति रोक दी जाएगी.

उसने अप्रैल में बग़लान में एक बिजली का खंबा नष्ट कर दिया था, जिससे काबुल दो दिन तक अंधेरे में डूबा रहा था.

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