रूस का वो टैंक, जिस पर दुनिया की निगाह है

  • 8 मई 2018
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रूस की विक्ट्री डे परेड बुधवार को होगी तो तमाम हथियारों और सैनिकों के साथ-साथ ख़ास नज़र रहेगी रिमोट कंट्रोल से चलने वाले टैंक पर.

इसके अलावा रूस की इस परेड में नई हथियार प्रणाली भी ध्यान खींचेगी जिसका परीक्षण सीरिया में किया गया है.

लेकिन टैंक वाक़ई ख़ास है. उरन-9 टैंक में एंटी-टैंक रॉकेट, एक तोप और मशीन गन फ़िट है.

पुतिन का क्या आदेश?

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राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आदेश पर इस परेड में हालिया हथियार और मिसाइल को शामिल किया गया है.

ये सोवियत दौर में हुआ करता था. परेड 9 मई को होगी और ये उन रूसियों के सम्मान में निकाली जाती है, जो नाज़ियों से लड़ाई में मारे गए. नई इनफ़ैंट्री बगी, ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइल भी इसका हिस्सा होंगी.

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रूस के गज़ेटा के मुताबिक उरन-9 और बारूदी सुरंग साफ़ करने वाले रोबोट सैपर उरन-6 ने सीरिया में रूसी सुरक्षाबलों की काफ़ी मदद की है.

सीरिया में रूस के मददगार

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रूस ने सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की मदद के लिए सीरिया में कई सैनिकों और युद्धक विमानों-जहाज़ों को तैनात किया है, जो आईएस समेत विद्रोहियों के विरोध का सामना कर रहे हैं.

गज़ेटा के मुताबिक उरन-9 ख़ुद अपने दम पर टारगेट को तलाश लेता है लेकिन फ़ायर करने का फ़ैसला तीन किलोमीटर दूर बख़्तरबंद गाड़ी में बैठा कमांडर ले सकता है.

उरन-6 रोबोट सैपर सीरियाई शहर पाल्मायरा, अलप्पो और डेर अल-ज़ूर में बारूदी सुरंग साफ़ करता रहा है, जिससे रूसी सुरक्षाबलों को काफ़ी मदद मिली. इसे कंट्रोल करने वाला भी एक किलोमीटर दूर बैठ सकता है.

टू-व्हीलर में मशीन गन

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गज़ेटा ने रूस के रक्षा मंत्री यूरी बोरिसोव के हवाले से कहा कि उरन-6 ने कई बार सरकारी सुरक्षाबलों को सुरक्षित ठिकाने पर रखते हुए बारूदी सुरंग हटाई हैं, जिससे उन्हें विद्रोहियों वाले कब्ज़े में दाख़िल होने में आसानी हुई.

परेड में पहली बार ऑल-टैरेन और दो लोगों की सवारी वाले इनफ़ैंट्री बगीज़ भी शामिल होगी. ये रूस में बनी क्वैड बाइक हैं, जिनमें मशीन-गन फ़िट की जा सकती है.

छोटी एएम-1 व्हीकल ख़ास तौर से इनफ़ैंट्री या स्पेशल फ़ोर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जो रेगिस्तान और दूसरे दुर्गम स्थानों में काम आता है.

रूस के ड्रोन

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रूस कोरसार नामक हर मौसम में काम करने वाले ड्रोन भी दिखाएगा जिन्हें मिसाइल अटैक, रेकी या सप्लाई डिलीवरी में काम आ सकता है.

ये 10 घंटे तक उड़ान भर सकता है और छह किलोमीटर ऊपर उड़ता है. ये 160 किलोमीटर से ज़्यादा दूर तक जा सकता है.

बोरिसोव के मुताबिक रूसी सेना के पास कई तरह के ड्रोन हैं लेकिन इनमें से दो परेड में नज़र आएंगे. एक कोरसार और दूसरा कतरान.

और विमान भी

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अगर बुधवार को मॉस्को का आसमान साफ़ रहा तो फ़्लाई पास्ट भी होगा जिनमें लड़ाकू विमान, बॉम्बर और हेलिकॉप्टर भी शामिल होंगे.

पहली बार ऐसे मिग-31 भी दिखेंगे जिनमें रूस की नई किंझल हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल होगी. इनसे विमानों पर हमला किया जाता है.

रूस अपनी एयरफ़ोर्स के ताज - नए सु-54 स्टेल्थ फ़ाइटर को दिखाने की तैयारी भी कर रहा है, जिन्हें टी-50 के नाम भी जाना जाता है.

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