ईरान और इसराइल के बीच पिसता सीरिया

  • 11 मई 2018
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ईरान ने सीरिया का समर्थन करते हुए कहा है कि इसराइल की तरफ से हुए हवाई हमले के जवाब में सीरिया के पास अपने बचाव का अधिकार है.

इसराइल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष इस समय अपने चरम पर है. इसराइल ने गुरुवार को सीरिया में ईरान के कई सैन्य अड्डों पर हवाई हमले किए.

इससे पहले गोलान पहाड़ियों पर स्थित इसराइली सैन्य ठिकाने पर 20 रॉकेटों से हमले हुए थे.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसराइल की तरफ से सीरिया की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने की निंदा की है.

वहीं इसराइल का कहना है कि ईरानी लड़ाकों ने इन हमलों की शुरुआत की. हालांकि ईरान ने ना ही इस बात को स्वीकार किया है और ना ही इससे इंकार किया है लेकिन उसका कहना है कि इसराइल की तरफ से सीरिया पर बेवजह हमले किए गए हैं.

ईरान ने सीरिया में सैंकड़ों सैनिक तैनात किए हुए हैं. इसके साथ ही ईरान की मदद से तैयार हुए बहुत से लड़ाके भी सीरियाई सेना का साथ दे रहे हैं.

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गुरुवार को गोलान पहाड़ियों पर हुए हमले के जवाब में इसराइल ने भी सीरिया में मौजूद ईरान के सैन्य अड्डों पर हमले किए. सीरिया में कुल 70 ठिकानों को निशाना बनाया गया. साल 2011 में सीरियाई गृह युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार उसके इलाके में एक साथ इतने हमले हुए हैं.

ईरान और इसराइल लंबे वक्त से एक दूसरे के दुश्मन रहे हैं लेकिन उनके बीच कभी सीधे तौर पर युद्ध नहीं हुआ है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासमी ने सरकारी टीवी चैनल से कहा, ''सीरिया पर हुए हमले की ईरान कड़ी निंदा करता है, इस हमले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जो चुप्पी है वह इसराइल का मनोबल बढ़ा रही है. सीरिया के पास अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है.''

कासमी ने कहा, ''इसराइल इस इलाके में शांति और स्थिरता देखना ही नहीं चाहता, वह अपनी सुरक्षा के लिए इस इलाके को अस्थिर बना रहा है.''

''इस तरह के हमले सीरिया की संप्रभुता को नुकसान पहुंचा रहे हैं और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के भी ख़िलाफ़ है.''

वहीं दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान ने अब ख़तरे की लाल रेखा पार कर ली है. उन्होंने कहा कि इसराइल की तरफ से उठाया गया कदम ईरान के फ़ैसलों का ही नतीजा है.

उन्होंने कहा, ''हम ईरान को सीरिया में और अधिक मजबूत नहीं होने देंगे. मैंने असद सरकार को एक स्पष्ट संदेश भेजा है, हमारी कार्रवाई सीरिया में चल रहे ईरानी ठिकानों के ख़िलाफ़ है. लेकिन अगर इस दौरान सीरियाई सेना हमारे ख़िलाफ़ लड़ती है तो हम उनसे भी मुकाबला करेंगे.''

नेतन्याहू ने आगे कहा, ''जो कोई भी हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा हम भी उसे नुकसान पहुंचाएंगे.''

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इस बीच ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और रूस ने दोनों देशों से संयम बनाए रखने की अपील की है. सीरियाई कार्यकर्ताओं के मुताबिक इस हमले में कम से कम 23 लोगों की मौत हुई है.

रूस ने कहा है कि इन हमलों में 28 इसराइली जहाजों ने करीब 70 मिसाइलें दागीं. लेकिन इसराइल का कहना है कि उसने ऐसा जवाबी कार्रवाई के तहत किया.

उसका आरोप है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गोलान हाइट्स पर मौजूद इसराइली सैनिक अड्डों पर सीरिया से करीब 20 रॉकेट दागे थे.

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