अमरीकी राजनयिक के पाकिस्तान छोड़ने पर रोक

  • 13 मई 2018
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Image caption रेड लाइट, जहां एक्सीडेंट हुआ था

पिछले महीने रेड लाइट पर एक मोटर साइकिल चलाने वाले को मारने के आरोप में पाकिस्तान ने अमरीकी राजनयिक के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

स्थानीय प्रेस ने शनिवार को बताया कि अमरीका ने कर्नल जोसेफ़ इमैन्युएल हॉल को लाने के लिए एक प्लेन भेजा था. लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली.

कर्नल जोसेफ़ इमैन्युएल हॉल अमरीकी दूतावास में 'मिलिट्री अटैची' के तौर पर तैनात थे.

अमरीकी अधिकारियों ने पहले ये कहा था कि कर्नल जोसेफ़ इमैन्युएल हॉल को गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्हें राजनयिक संरक्षण हासिल है.

इस घटना ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है.

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क्या है मामला

7 अप्रैल को इस्लामाबाद के उत्तर में स्थित दमन-ए-कोह में हुई एक सड़क दुर्घटना में 22 साल के अतीक़ बैग की मौत हो गई थी.

सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि एक सफ़ेद कार ने चौराहे पर रेड लाइट को तेज स्पीड में क्रॉस करते हुए एक बाइक को टक्कर मारी और फिर ब्रेक लगाया.

कहा जा रहा है कि उस कार की ड्राइविंग सीट पर कर्नल हॉल बैठे हुए थे.

अमरीकी दूतावास ने पाकिस्तान की मीडिया में चलाई जा रही रिपोर्टों को मानने से इंकार कर दिया है, जिसमें बताया गया है कि ड्राइविंग करते समय कर्नल हॉल नशे में थे.

मारे गए व्यक्ति के पिता ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में कर्नल को सुनवाई के लिए बुलाया है.

शुक्रवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि कर्नल हॉल को संपूर्ण राजनयिक संरक्षण हासिल नहीं है.

ट्रंप का ट्वीट

कर्नल हॉल को पहले से ही यात्रा के लिए 'ब्लैक लिस्ट' में रखा गया है.

इसका मतलब ये हुआ कि सभी हवाई अड्डों को ये बता दिया गया है कि कर्नल हॉल को देश छोड़ने की इजाज़त नहीं है.

न तो अमरीका ने और न ही पाकिस्तान ने शनिवार की खबरों पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी की है.

वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच के रिश्ते अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नए साल पर किये गए एक ट्वीट के बाद से चर्चा में आए, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को 'झूठा और कपटी' कहा था.

जनवरी में अमरीकी सरकार ने कहा था कि वे पाकिस्तान से लगभग सभी सुरक्षा देने वाली सहायता खत्म कर रहे हैं. और ये भी कहा था कि अपने देश में चरमपंथी नेटवर्क से निपटने में सफल नहीं हुए हैं.

पाकिस्तान ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए जवाब में कहा कि वे अब अमरीका के साथ खुफिया जानकारी साझा नहीं करेगे.

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