उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण सुरंगों को 'उड़ाया'

  • 24 मई 2018
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उत्तर कोरिया ने अपने एक मात्र परमाणु परीक्षण स्थल में मौजूद सुरंगों को ध्वस्त कर दिया है.

बताया जा रहा है कि उत्तर कोरिया ने ये क़दम कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने के लिए उठाया है.

परमाणु परीक्षण स्थल के पास मौजूद कई विदेशी पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने एक बड़ा विस्फोट देखा है.

उत्तर कोरिया पहले ही कह चुका था कि परमाणु परीक्षण स्थल को नष्ट करने के लिए 'तकनीकी कदम' 23 से 25 मई के बीच उठाए जाएंगे.

उत्तर कोरिया ने हाल ही में दक्षिण कोरिया और अमरीका के साथ राजनयिक संबंध मज़बूत करने के लिए अपने परमाणु परीक्षण स्थल को नष्ट करने की पेशकश की थी.

अंतिम परीक्षण के बाद

उत्तर कोरिया के उत्तरी पहाड़ी इलाक़े में स्थित इन परमाणु परीक्षण सुरंगों को ध्वस्त करते वक़्त किसी भी अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक को वहां मौजूद रहने की अनुमति नहीं दी गई थी.

उत्तर कोरिया के उत्तर-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र में प्योंगयांग का परमाणु परीक्षण केंद्र पंग्गी-री कॉम्प्लेक्स है. साल 2006 से यहां छह परमाणु परीक्षण किए जा चुके हैं.

पंग्गी-री कॉम्प्लेक्स उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण स्थल है, जहां मैंटप पहाड़ों के नीचे सुरंगें हैं.

हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ये परमाणु परीक्षण स्थल पिछले साल सितंबर में हुए अंतिम परीक्षण के बाद ही आंशिक रूप से ध्वस्त हो गया था और उपयोग करने लायक नहीं बचा था.

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परीक्षण केंद्र में क्या देखा

लगभग 20 चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के सामने क़रीब 6 विस्फोट कर इन सुरंगों को ध्वस्त किया गया. बताया गया है कि सुबह दो विस्फोट किए गए और दोपहर में चार.

स्काई न्यूज़ के पत्रकार टॉम चेशायर सुरंग में विस्फोट के वक़्त वहीं मौजूद थे. उन्होंने बताया कि सुरंग के दरवाज़े काफ़ी ख़राब स्थिति में थे और उन्हें तार लगाकर बंद भी किया गया था.

उन्होंने कहा, "हम क़रीब 18 घंटे की यात्रा करके परमाणु परीक्षण साइट तक पहुंचे थे. इसमें 12 घंटे की ट्रेन यात्रा, चार घंटे की बस यात्रा और दो घंटे की पहाड़ी चढ़ाई शामिल थी. इसके बाद जब हम एक सरकारी ठिकाने पर पहुंचे तो लगभग 500 मीटर की दूरी से हमने सुंरग में विस्फोट होते देखे."

टॉम चेशायर ने बताया, "उन्होंने गिनती गिनी- एक, दो, तीन. उसके बाद एक बड़ा धमाका हुआ जिसे हम देख तो रहे ही थे. साथ ही उसके कंपन को हम महसूस भी कर सकते थे. धमाके के बाद धूल, उसकी गर्मी और ज़ोरदार आवाज़ हमारे पास तक पहुंची."

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