ब्राज़ीली फैंस ने रूसी महिला से ऐसा क्या कहा जिससे मचा बवाल

  • 30 जून 2018
A moment in the controversial video where an unsuspecting Russian woman was tricked into saying obscenities in Portugese इमेज कॉपीरइट Empics
Image caption ब्राज़ील के प्रशंसक और रूसी महिला के वायरल वीडियो की एक तस्वीर

फ़ुटबॉल विश्वकप को देखने दुनिया भर के फ़ुटबॉल प्रेमी इन दिनों रूस में डेरा जमाए हुए हैं. अलग-अलग देश और संस्कृति के लोगों के बीच इस दौरान आपस में मेलजोल बढ़ रहा है साथ ही वो हंसी मज़ाक भी कर रहे हैं.

लेकिन ब्राज़ील के कुछ फ़ुटबॉल प्रशंसकों के ज़रिए रूस की एक महिला के साथ शुरू किया गया एक भद्दा मज़ाक अब गालियों और हिंसात्मक टिप्पणियों तक जा पहुंचा है.

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ब्राज़ील के प्रशंसक रूस की एक महिला को कुछ ऐसे आपत्तिजनक शब्द बुलवाते हुए दिख रहे हैं जिनका मतलब उन महिलाओं को नहीं मालूम.

इसके अलावा और भी कई वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं जिनमें अलग-अलग देशों के प्रशंसक रूसी महिलाओं से अपनी स्थानीय भाषा में अपशब्द बुलवाते हुए देखे जा सकते हैं.

इन वीडियो के वायरल होने के बाद रूस में दक्षिणपंथी समूह से जुड़े कुछ लोगों ने इन महिलाओं की आलोचना करना शुरू कर दिया है.

इन महिलाओं के इंस्टाग्राम अकाउंट और वीके अकाउंट (रूस में फ़ेसबुक की तर्ज पर शुरू की गई सोशल मीडिया साइट) पर लोग उन्हें गालियां लिख रहे हैं.

ब्राज़ील के प्रशंसकों का मज़ाक

ब्राज़ील से अपनी टीम का समर्थन करने आए कुछ लोगों ने मज़ाक के तौर पर एक वीडियो बनाने की सोची. वीडियो में ब्राज़ील के कुछ पुरुष प्रशंसकों के बीच एक रूसी महिला मौजूद है, वह उनके साथ हंस रही है और उन्हीं की भाषा बोलने की कोशिश कर रही है.

वीडियो के बीच में ही ब्राज़ील के प्रशंसक रूसी महिला को बेवकूफ़ बनाते हुए पुर्तगाली भाषा के कुछ बेहद आपत्तिजनक वाक्य उनसे बुलवाते हैं.

इन वाक्यों का सार एक तरह से महिलाओं के गुप्तांग से जुड़ा था. रूसी महिला को पुर्तगाली भाषा में बोले गए वाक्य का मतलब नहीं पता था.

जल्दी ही यह वीडियो सोशल मीडिया साइट वीके पर चलने लगा और इसके बाद ये महिला रूस के कट्टरपंथी समूहों के निशाने पर आ गईं.

ब्राज़ील के प्रशंसकों की तरफ से महिलाओं को परेशान करने के लिए चलाए जाने वाले कुछ ऑनलाइन पेज पर इन महिलाओं को 'द पिंक वेजाइना ग्रुप' तक कहा गया है.

Image caption 'पिंक वेजाइना' नामक एक ऑनलाइन पेज जिस पर महिलाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है

कुछ ही वक्त बाद हज़ारों की संख्या में लोग इन वीडियो पर कमेंट करने लगे. इनमें से अधिकतर कमेंट इन महिलाओं को कहे गए अपशब्द थे जो कि पुरुषों के ज़रिए ही कहे गए थे.

महिलाओं को अपशब्द कहने वाले लोगों का कहना है कि यह सब इन महिलाओं की बेवकूफी का ही नतीजा है क्योंकि इनकी वजह से रूस के पुरुषों को भी बेइज्ज़त होना पड़ रहा है.

हालांकि वीडियो में मौजूद महिला ने अपना वीके प्रोफाइल डिलीट कर दिया है, साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली है लेकिन महिला का नाम, उम्र, जन्मस्थान और घर का पता आदि जानकारियां पहले ही सार्वजनिक हो चुकी हैं.

इतना ही नहीं उस महिला की बहुत सी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर फ़ैलाई जा चुकी हैं.

'मैं तुम्हारा यूटेरस काट दूंगा'

इसी तरह सेंट पीटर्सबर्ग में रहने वाली मारिया (काल्पनिक नाम) के साथ एक अलग ही तरह की घटना घटी. उन्हें अभी भी समझ नहीं आ रहा कि कुछ ही दिनों में उनकी ज़िंदगी किस हद तक बदल गई.

वे बताती हैं, ''हम अपनी दोस्त के जन्मदिन के लिए एक वीडियो बनाना चाहते थे. मैंने ब्राज़ील की जर्सी पहने एक युवक को देखा और उसके साथ अपनी तस्वीर खिंचवाई.''

''वह महज एक दोस्ताना व्यवहार वाली तस्वीर थी जिसमें हम एक दूसरे को गुड बाय बोल रहे थे, हमने एक दूसरे के होठों को हल्के से चूमा था.''

मारिया को यह सामान्य सी तस्वीर अपने वीके पेज पर पोस्ट करने में कुछ भी ग़लत नहीं लगा.

Image caption विदेशी फ़ुटबॉल प्रशंसकों के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करने वाली रूसी महिलाओं को जान से मारने तक की धमकियां दी जा रही हैं

लेकिन कुछ लोगों को यह तस्वीर देख कर लगा कि वे दोनों एक दूसरे को 'लिप किस' कर रहे हैं. इसके बाद दक्षिणपंथी समूह से जुड़े लोगों ने मारिया को ऑनलाइन अपशब्द कहना शुरू कर दिया. उन्होंने मारिया पर विदेशियों के साथ बहुत अधिक दोस्ताना संबंध बनाने के आरोप लगाए.

मारिया बताती हैं, ''उन्होंने मेरे बारे में लिखा कि वे मेरा यूटेरस काट देंगे. उन्होंने हथियार जैसे दिखने वाले खंजर की तस्वीरें भी मेरी उस तस्वीर के साथ जोड़ दी.''

इस तरह के अपशब्द और डरावने कमेंट पूरी रात मारिया की फीड पर चलते रहे, जिसकी वजह से वे बेहद घबरा गईं.

वे कहती हैं, ''मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक सामान्य सी तस्वीर पर इतना बवाल हो जाएगा, मैंने अपनी वो पोस्ट भी हटा दी थी. हां, कुछ लोगों को वह तस्वीर ग़लत लग सकती है लेकिन मुझे उसमें कुछ भी असामान्य सा नहीं लगा था.''

मारिया पर इस घटना का इतना गहरा असर पड़ा है कि उन्हें इससे बाहर निकलने के लिए मनोचिकित्सक का सहारा लेना पड़ रहा है.

वे कहती हैं, ''मुझे एक बात तो समझ आ गई कि अगर किसी को विदेशियों के साथ हमारा व्यवहार ग़लत लगता है तो वे किस हद तक हमें परेशान कर सकते हैं.''

''मैं इस घटना के बाद से बेहद तनाव में हूं, मैं ठीक तरीके से सो नहीं पा रही. जब भी कोई नया मैसेज आता है तो मैं घबरा जाती हूं, लगता है जैसे उन्हीं समूहों की तरफ ये मैसेज आया होगा.''

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
रूस में संस्कृतियों का मिलन

महिला सांसद की चेतावनी

रूसी संसद डूमा की वरिष्ठ सांसद तमारा प्लेटनेवा ने अपने देश की महिलाओं को एक कड़ी चेतावनी जारी की है.

उन्होंने कहा है, ''मैं कोई राष्ट्रवादी नहीं हूं, लेकिन हमारा देश विश्व कप की मेजबानी कर रहा है तो मैं कहना चाहूंगी कि रूसी महिलाएं अपने ही देश के बच्चों को जन्म दें.''

प्लेटनेवा के अनुसार मॉस्को में साल 1980 के ओलंपिक के दौरान सिंगल मदर का चलन बहुत ज़्यादा बढ़ गया था. उसके बाद अब रूस में एक बड़ा आयोजन हो रहा है. प्लेटनेवा का कहना है कि वे नहीं चाहती कि 1980 का चलन एक बार फिर दोहराया जाए.

टीवी और समाचार पत्रों पर महिलाओं की बेइज्जती

रूस में महिलाओं को बेइज्ज़त करने वाला एक शब्द है 'नताशास'. यह अपमानजनक शब्द उन लड़कियों और युवा महिलाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता था, जिन्हें अच्छी नौकरी का लालच देकर सेक्स स्लेव की तरह बेच देते थे.

रूस में महिलाओं के लिए आपत्तिज़नक शब्दों का इस्तेमाल सिर्फ़ ऑनलाइन मीडियम तक ही सीमित नहीं है. कुछ अख़बारों और टीवी चैनल पर भी इनका प्रयोग किया गया है.

'मोस्कोव्सकी कोम्सोमोलेट्स' नामक समाचार पत्र में एक लेख प्रकाशित किया गया जिसका शीर्षक था, ''यह बेशर्म महिलाओं का वक्त है: रूसी महिलाएं विश्वकप में अपना और देश का नाम ख़राब कर रही हैं.''

इसी तरह चैनल वन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम 'टाइम विल शो' में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई और महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाए गए, साथ ही विदेशी पुरुषों के बारे में कहा गया कि वे यहां सिर्फ़ छुट्टियों का मज़ा लेने आए हैं.

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Image caption रूस की सोशल मीडिया साइट वीके पर महिलाओं को अपशब्द कहे जा रहे हैं और चेतावनी दी जा रही है कि वे विदेशी पुरुषों के नज़दीक न जाएं

...लेकिन कुछ महिलाओं के साथ भी हैं

लेकिन इस पूरे बवाल और हल्ले के बीच कुछ लोग हैं जो रूस की इन महिलाओं के समर्थन में खड़े दिखते हैं, इनमें अधिकतर या तो पत्रकार हैं या फिर ब्लॉगर.

sports.ru वेबसाइट के संपादक यूरी डुड ने लिखा है, ''रूस की महिलाएं जिसके साथ चाहें सेक्स कर सकती हैं.''

इतना ही नहीं सोशल मीडिया साइट वीके ने भी उन पोस्ट और तस्वीरों को हटाने की मांग की है जिनमें महिलाओं के प्रति हिंसा और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है.

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