पेरिस में फ़िल्मी अंदाज़ में जेल से हेलिकॉप्टर में भागा क़ैदी

  • 1 जुलाई 2018
फैद की यह फाइल फ़ोटो 15 अप्रैल 2013 की है इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption 2013 में जेल तोड़ने के बाद से रेदुअन फैद इंटरपोल की मोस्ट वांटेड लिस्ट में हैं

पेरिस की जेल से एक कुख्यात गैंगस्टर फ़िल्मी अंदाज़ में फ़रार हो गया. घटना पेरिस इलाक़े की एक जेल की है जहां से वो हेलिकॉप्टर से फ़रार हुआ है. फ़्रांसीसी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है.

46 साल के रेदुअन फ़ैद के लिए जेल के खुले हुए भाग में एक हेलीकॉप्टर से उनके तीन सशस्त्र सहयोगी उतरे और उन्हें उठा के ले गए.

फ़ैद को एक नाकाम डकैती के मामले में 25 साल कैद की सज़ा मिली, उस वारदात में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी.

पुलिस का मानना है कि 2010 में हुई उस डकैती के मास्टरमाइंड फ़ैद ही थे. फ़ैद को उस डकैती के लिए अप्रैल 2017 में सज़ा मिली.

कार्टून: आज नकद, कल उधर फिर फरार

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption वो जेल जहां से फ़ैद हेलीकॉप्टर से फ़रार हुए हैं

पहले भी जेल फ़रार हो चुके हैं फैद

यह दूसरी बार है जब उन्होंने जेल तोड़ा है. 2013 में वो चार गार्ड्स को मानव ढाल बनाते हुए और कई दरवाज़ों को तोड़ते हुए फ़रार हुए थे. हालांकि छह हफ़्ते बाद ही पुलिस उन्हें पकड़ने में कामयाब भी हो गई थी.

तब उत्तर फ़्रांस की जेल में आने के आधे घंटे से भी कम समय के भीतर वो फ़रार होने में कामयाब रहे थे.

फ़्रेंच वेबसाइट यूरोप 1 की रिपोर्ट के मुताबिक फ़ैद और उनके सहयोगी जेल से बिना किसी को घायल किए बच कर निकल गए, वहां कोई नेट नहीं लगा था.

फ़रार हुए फ़ैद का हेलिकॉप्टर इसके बाद पास के बुर्ज़े इलाक़े की ओर उड़ गया. बाद में स्थानीय पुलिस को हेलिकॉप्टर का जला हुआ मलबा मिला.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption 27 फरवरी 2018 को एक ट्रायल के दौरान बनाया गया फ़ैद का एक स्केच

फ़ैद का आपराधिक इतिहास

1972 में जन्मे फैद पेरिस के कुख्यात अपराधग्रस्त उपनगर में पले और फिर अपराध की दुनिया में जुड़ गए.

1990 के दशक में वो डकैती और वसूली करने वाली एक गैंग चलाते थे और 2001 में उन्हें डकैती के लिए 30 साल जेल की सज़ा सुनाई गई.

पिछले साल ही उन्हें 2013 में जेल तोड़ने के लिए 10 साल की सज़ा दी गई थी.

2009 में फैद ने एक किताब लिखी. इसमें उन्होंने पेरिस के अपराधग्रस्त उपनगरीय जीवन और अपराध की दुनिया के अपने अनुभवों के बारे में बताया है.

किताब में उन्होंने दावा किया कि वो अपराध की दुनिया को छोड़ चुके हैं लेकिन एक साल बाद ही वो उस असफ़ल डकैती में शामिल हुए जिसके लिए उन्हें सेन-ए-मान जेल में रखा गया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे