नवाज़ शरीफ़ को जेल भेजने की क्या हैं तैयारियां

  • 13 जुलाई 2018
नवाज़ शरीफ़, मरियम नवाज़, पाकिस्तान, पाकिस्तान मुस्लिम लीग, इमरान ख़ान इमेज कॉपीरइट @MaryamNSharif

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और जो कुछ उनके बस में था उन्होंने कर दिया है.

शुक्रवार की सुबह नवाज़ शरीफ़ और उनकी बेटी मरियम नवाज़ लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से पाकिस्तान के लिए रवाना हुए.

मरियम ने ट्वीट किया, "नवाज़ शरीफ़ को मालूम है कि उन्हें 10 साल की सजा हो गई है और उन्हें जेल ले जाया जाएगा, लेकिन वो ये सब कुछ पाकिस्तान की जनता के लिए कर रहे हैं. वो कह रहे हैं कि ये कुर्बानी आपकी नस्लों के लिए और पाकिस्तान के भविष्य के लिए दे रहा हूं."

उन्होंने देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि वो कदम से कदम मिलाकर और हाथ में हाथ डाल कर चलें और मुल्क की तकदीर बदलें.

मरियम ने कहा, "ये मौके बार-बार नहीं आएंगे."

बीबीसी के ताहिर इमरान के मुताबिक जब विमान ने अबु धाबी में लैंड किया तो हर तरफ सख्त पहरा था और वहां मौजूद लोगों को तस्वीरें और वीडियो लेने से मना किया जा रहा था.

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नवाज़ शरीफ़ को कहां से गिरफ़्तार किया जाए?

जांच एजेंसी नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) के पास नवाज़ शरीफ़ की गिरफ़्तारी का वारंट मौजूद है. उन्हें लाहौर पहुंचते ही गिरफ़्तार किया जाना है. लेकिन अभी ये बात साफ़ नहीं है कि उन्हें विमान के अंदर या एयरपोर्ट के बाहर से गिरफ़्तार किया जाएगा.

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) के पंजाब के डायरेक्टर ने नैब के चेयरमैन को भेजे खत में नवाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ की गिरफ़्तारी के बाद लाहौर से रावलपिंडी के जेल ले जाने के लिए हेलिकॉप्टर मंगवाए थे जो उन्हें मिल गए हैं.

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक एक हेलिकॉप्टर लाहौर और एक इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर मौजूद होगा, लेकिन सरकार की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है.

नवाज़ शरीफ़ और उनकी बेटी की गिरफ़्तारी के बाद उन्हें अदालत के सामने पेश करना ज़रूरी है क्योंकि उसके आदेश के बिना जेल प्रशासन उन्हें कैद नहीं कर सकता.

नवाज़ शरीफ़ और मरियम शरीफ़ के लाहौर पहुंचने का समय शुक्रवार शाम का है और तब तक अदालत बंद हो चुकी होगी.

इन हालात में हो सकता है जांच एजेंसी नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) दोनों दोषियों को अपनी हिरासत में रखे और अगले दिन अदालत में पेश करे.

उन्हें अदालत में पेश करने के लिए इस प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है कि जेल के अंदर ही सुनवाई की जाए.

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Image caption अपने बच्चों को अलविदा करती मरियम नवाज़

पाकिस्तान जाने से पहले मरियम का ट्वीट

पिछले शुक्रवार को ही इस्लामाबाद की एक अदालत ने नवाज़ शरीफ़ को 10 साल और उनकी बेटी मरियम को 7 साल की सज़ा सुनाई थी.

दोनों शुक्रवार की शाम लाहौर के अल्लामा इकबाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे जहां उनके राजनीतिक दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) ने दोनों के स्वागत के लिए कार्यकर्ताओं को लाहौर आने को कहा है.

मरियम नवाज़ ने लंदन से निकलने से पहले बच्चों को विदा करते समय एक तस्वीर ट्वीट की और लिखा, "मैंने बच्चों से कहा है कि वो जुल्म के सामने डटे रहें लेकिन बच्चे तो बच्चे हैं. बड़ों के लिए भी अलविदा कहना मुश्किल होता है."

मरियम नवाज़ ने अपने बेटे जुनैद की गिरफ़्तारी के बारे में ट्वीट करते हुए लिखा कि लंदन में पीटीआई (पाकिस्तान-तहरीके-इंसाफ) के कार्यकर्ता सामने आने पर हर बार गाली देते थे. इस तरह की हरकत पर कोई भी नाराज़ हो सकता है.

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लाहौर में क्या है तैयारी?

लाहौर में प्रशासन ने कंटेनर्स मंगवाए हैं. जिसके बारे में मुस्लिम लीग ने दावा किया है कि ये एयरपोर्ट जाने वाले कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए मंगवाया गया है. जबकि प्रशासन का कहना है कि ये मुख्य इमारतों को सुरक्षा देने के लिए मंगवाया गया है.

Image caption कंटेनर्स

दूसरी तरफ, कार्यकारी गृहमंत्री अली जफ़र ने भी कहा है कि नवाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ के लाहौर पहुंचने के फौरन बाद अदालत के फ़ैसले के मुताबिक गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

नवाज़ शरीफ़ ने वापसी का ऐलान करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्हें सज़ा देने का फ़ैसला अदालत में नहीं कहीं और हुआ था. उन्होंने ये भी कहा था कि चाहे उन्हें जेल हो जाए या फ़ांसी दे दी जाए उनके कदम नहीं रुकेंगे.

पूर्व प्रधानमंत्री की वापसी के सफर से पहले मुस्लिम लीग के शाहबाज शरीफ़ ने कहा है नवाज़ शरीफ़ की वापसी से पहले उनके राजनीतिक दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारियां चुनाव में धांधली की कोशिश है.

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मुस्लिम लीग नवाज़ का इरादा क्या है?

मुस्लिम लीग की नवाज़ और मरियम के स्वागत की तैयारी है.

उनके छोटे भाई और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ़ ने कहा कि प्रशासन की तमाम साजिशों के बाद मुस्लिम लीग शांतिपूर्ण ढंग से नवाज़ शरीफ़ का स्वागत करेगी और वो लाहौरी मस्जिद से एक जुलूस का नेतृत्व करेंगे.

शाहबाज़ शरीफ़ ने कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी को लेकर पुलिस और प्रशासन से कहा कि वो ये ज़्यादतियां छोड़ दें. उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम लीग की हुकूमत आएगी तो उन्हें कटघरे में खड़ा करेंगे.

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