'63 साल बाद पता चला कि मेरा बाप फ़ॉर्मूला वन चैंपियन था'

  • 15 जुलाई 2018
फ़ांगियो इमेज कॉपीरइट GERMAN GARCIA ADRASTI / CLARÍN

जब 57 साल के रुबेन हुआन अर्जेंटीना के पिनामार रिज़ॉर्ट में काम कर रहे थे तो उनके एक मेहमान ने उनसे कहा था कि तुम काफ़ी हद तक हुआन मैन्यूल फ़ांगियो की तरह दिखते हो.

ब्यूनस आयर्स के रिज़ॉर्ट में वो अपने इस अतिथि की बात को सुनकर हैरान थे.

ये बात हो रही थी 1950 के दशक में फ़ॉर्मूला वन के नामी रेसर हुआन मैन्यूल फ़ांगियो की.

रुबेन से अतिथि ने ये भी कहा कि तुम्हें पता करना चाहिए कि तुम उनके बेटे तो नहीं, क्योंकि अगर उनका बेटा होगा तो वो तुम्हारी ही उम्र का होगा.

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Image caption जब चैंपियन फ़ांगियो की मौत हुई तब उनकी संपत्ति लगभग 5 करोड़ डॉलर थी

ये सारी बातचीत साल 1995 में एक एफ़-वन रेसर की मौत के कुछ सालों बाद हुई थी जिसे आज भी 'बेंचमार्क ऑफ़ मोटरस्पोर्ट्स' के नाम से याद किया जाता है.

फ़ांगियो से एकदम विपरीत, रुबेन का उनके जीवन में ग्लैमर से कोसो दूर तक कोई वास्ता नहीं रहा था.

1990 के दशक में रुबेन की नौकरी भी चली गयी थी. उसके बाद वो अर्जेंटीना के तटीय इलाक़े में स्थित एक होटल में काम करने लगे थे.

लेकिन होटल में आए एक अतिथि की वो बात उनके मन में घर कर गयी थी. वो उस बात को सच तो नहीं मान रहे थे, लेकिन उनके मन में शक़ था.

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Image caption फ़ांगियो पाँच बार एफ़-1 चैंपियन रहे

माँ ने खोला राज़

कुछ वक़्त बाद रुबेन ने अपनी माँ कैटेलिना बासिली से इस बारे में पूछा.

पहले तो उनकी माँ ने कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है. लेकिन पाँच साल बाद जब कैटेलिना के पति की मृत्यु हो गयी तो उन्होंने रुबेन को सच्चाई बताई.

कैटेलिना के पति ने ही रुबेन को पाल पोसकर बड़ा किया था. जिस वक़्त कैटेलिना ने ये सच्चाई स्वीकार की तब उनकी उम्र 90 वर्ष थी.

उन्होंने रुबेन को बताया, "तुम मेरे पहले प्यार की निशानी हो."

कैटेलिना ने बताया कि 1940 के दशक में वो और फ़ांगियो इश्क में थे. ये वो वक़्त था जब कैटेलिना और उनके पति कुछ समय के लिए अलग हो गए थे.

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Image caption फ़ांगियो हमेशा ग्लैमर जगत की हस्तियों से घिरे रहे

अपनी माँ द्वारा सच बताए जाने पर रुबेन ने एक वकील किया. उनकी माँ कैटेलिना ने इसमें उनकी मदद की.

उन्होंने कोर्ट में पेशकार से मामले का पंजीकरण करवाया और दावा किया कि वो ही फ़ांगियो के बेटे हैं.

रुबेन ने बताया, ''मुझे बस अफ़सोस इस बात का है कि मैं उनके साथ नहीं रह पाया. लेकिन मुझे उनपर गर्व है और मेरे मन में उनके लिए कई भावनाएं हैं.''

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Image caption हुआन फ़ांगियो की फ़ाइल फ़ोटो

क़ानूनी लड़ाई

रुबेन का जन्म उसी एलकार्स शहर में हुआ था जहाँ फ़ांगियो रहा करते थे.

जब वे युवा थे तब रुबेन वहाँ काम के लिए भी गए थे लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनका फ़ांगियो के साथ कोई संबंध है.

क़ानूनी प्रक्रिया में रुबेन का बचाव करने वाले वक़ील मिगुएल एंजेल पियरी ने कहा, "जब वो मेरे दफ़्तर में ये कहकर आए कि वो फ़ांगियो के बेटे हैं तो मुझे कोई शक़ नहीं हुआ क्योंकि दोनों बिल्कुल एक जैसे ही दिखते हैं."

जब उनकी क़ानूनी लड़ाई शुरू हुई तब रुबेन 63 साल के थे. इस मामले को नतीजे तक पहुंचने में 13 साल लगे.

कोर्ट में इस लड़ाई के लिए कई चरणों से गुजरना पड़ा. इनमें डीएनए टेस्ट के लिए फ़ांगियो के शव को उनकी कब्र से बाहर निकालना भी शामिल था.

टेस्ट के परिणाम की पुष्टि होने के दो साल बाद रुबेन को अपने आधिकारिक दस्तावेज़ से अपना नाम बदलना पड़ा.

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Image caption अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में फ़ांगियो ब्रैंड का बहुत ही महत्व है.

'जो हुआ मैँ उससे ख़ुश हूं'

दो साल बाद परिणामों की पुष्टि के साथ ही रुबेन ने अपना नाम बदलकर रुबेन हुआन फ़ांगियो कर लिया.

रुबेन के वक़ील ने बताया कि जाँच के दौरान अमरीका के विशेषज्ञों ने रुबेन की आवाज़ और उनके जैविक पिता के स्वरों का विश्लेषण भी किया था, जो मिलता-जुलता पाया गया था.

रुबेन और उनके वकील के अनुसार, आख़िरी चरण में न्यायिक घोषणा की गई जिसमें बताया गया कि रुबेन ही फ़ांगियो के उत्तराधिकारी हैं.

वकीलों के मुताबिक़, चैंपियन फ़ांगियो की संपत्ति लगभग 5 करोड़ डॉलर है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में फ़ांगियो ब्रैंड का बहुत ही महत्व है.

रुबेन अपनी न्यायिक प्रक्रिया को 'एक लंबी समय तक चलने वाली लड़ाई' के रूप में बताते हैं. हालांकि इसकी शुरुआत को भी छिपाते नहीं हैं.

रुबेन ने बीबीसी न्यूज़ को बताया, ''मैं अदालत के फ़ैसले के लिए बहुत ही उत्सुक था. मैं अपनी पहचान को पाँच बार फ़ॉर्मूला-1 चैंपियन और महान रेसर के बेटे के रूप में बताना चाहता हूँ.''

76 साल के शादीशुदा रुबेन के तीन बच्चे हैं. वो सात बच्चों के दादा-नाना हैं और एक रिटायर्ड व्यक्ति हैं. उन्हें देखकर लगता नहीं कि वो एक करोड़पति हैं.

वो कहते हैं, "मुझे इन सब पर बात करना पसंद नहीं है. लेकिन जो सब हुआ वो बहुत ही ज़रूरी था. मुझे अपनी पहचान मिली और मैं खुश हूं. क्योंकि जैसा होना चाहिए था, सभी चीज़ें वैसे ही सही तरीके से हुईं."

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