नवाज़ और मरियम को जेल में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

  • 15 जुलाई 2018
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनकी बेटी मरियम नवाज़ को लंदन से वतन वापसी पर गिरफ़्तार करके रावलपिंडी की अडियाला जेल में डाल दिया गया है.

नवाज़ शरीफ़ को दस साल क़ैद-ए-बामुशक़्क़त और मरियम नवाज़ को सात साल क़ैद-ए-बामुशक़्क़त सुनाई गई है.

जेल में जाने से पहले क्या हुआ?

जेल अधिकारियों के मुताबिक़, नवाज़ शरीफ़ और उनकी बेटी को जेल में डालने से पहले उनका मेडिकल टेस्ट किया गया, जिसके बाद दोनों को अलग-अलग बैरकों में भेजा गया.

अडियाला जेल के एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बीबीसी को बताया है कि नवाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ को अडियाला जेल में क़ैदियों वाले कपड़े पहनने होंगे.

उनके मुताबिक़, अडियाला जेल में जेल अधिकारियों के अलावा सुरक्षा एजेंसियों के लोग भी अच्छी-ख़ासी संख्या में मौजूद हैं.

उन्होंने कहा कि इन हालात में नवाज़ और मरियम नवाज़ को क़ैदियों वाला लिबास पहनना ज़रूरी होगा.

जेल अधिकारियों ने ये नहीं बताया कि अगर नवाज़ और मरियम नवाज़ चाहें तो वो क़ैदियों का लिबास ख़ुद भी तैयार करवा सकते हैं.

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क़ैद-ए-बामुशक़्क़त क्या होती है?

जेल क़ानून के मुताबिक़ जेल अधिकारी इस बात के पाबंद हैं कि अदालत की तरफ़ से किसी को क़ैद-ए-बामुशक़्क़त की सज़ा सुनाई गई है तो वो उससे रोज़ कोई काम करवाएं. इस काम में बाग़वानी, दूसरे क़ैदियों को पढ़ाना, किचन की सफ़ाई के अलावा क़ैदियों की हज़ामत जैसे काम भी हो सकते हैं. इस सज़ा के दौरान छुट्टी की कोई अवधारणा नहीं है.

इन क़ैदियों से काम लेने की ज़िम्मेदारी जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट की होती है.

अधिकारियों के मुताबिक़ जेल मैनुअल में यह लिखा है कि अगर कोई क़ैदी सप्ताह में सात दिन काम करता है और जेल अधिकारी उसके काम से संतुष्ट हैं, तो एक महीने बाद उसकी सज़ा में पांच दिन से लेकर आठ दिन तक की कमी हो जाती है.

क़ैदियों की श्रेणी कैसे तय होती है?

जेल क़ानून के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ को पूर्व प्रधानमंत्री होने की वजह 'ए' क्लास, जबकि उनकी बेटी मरियम नवाज़ को 'बी' कैटेगरी दी जाएगी.

पाकिस्तान के सबसे बड़े सूबे पंजाब की 42 जेलों में से सिर्फ़ दो जेलें ऐसी हैं, जहां पर क़ैदियों के लिए 'ए' क्लास की सुविधा मुहैया की गई हैं. इन दो जेलों में बहावलपुर और रावलपिंडी की अडियाला जेल शामिल है.

जेल में क़ैदियों को तीन कैटेगरी में रखा जाता है. 'सी' कैटेगरी में उन क़ैदियों को रखा जाता है जो क़त्ल, चोरी, डकैती, लड़ाई-झगड़े और मामूली प्रकृति के मुक़दमों में दंडित हों.

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'बी' कैटेगरी में उन क़ैदियों को रखा जाता है जो क़त्ल और लड़ाई-झगड़े के मुक़दमों में शामिल हों लेकिन अच्छे खानदान से संबंध रखते हों.

ग्रेजुएशन पास क़ैदी भी 'बी' कैटेगरी लेने के योग्य होता है.

जेल अधिकारियों के मुताबिक़ 'ए' क्लास कैटेगरी उच्च सरकारी अधिकारियों के अलावा पूर्व संघीय मंत्रियों और उन क़ैदियों को दी जाती है जो ज़्यादा टैक्स अदा करते हों.

'ए' क्लास के क़ैदियों को मिलने वाली सुविधाएं

जेल मैनुअल के मुताबिक़ जिन क़ैदियों को 'ए' क्लास दी जाती है, उन्हें रिहाइश के लिए दो कमरों का एक अलग से बैरक दिया जाता है. जिसके एक कमरे का साईज़ 9x12 फुट होता है.

क़ैदी के लिए बेड, एयरकंडीशनर, फ्रिज और टीवी के अलावा अलग से रसोईघर भी शामिल होता है. 'ए' क्लास के क़ैदी को जेल का खाना खाने के बजाए अपनी पसंद का खाना पकाने की भी इजाज़त होती है. इसके अलावा 'ए' क्लास में रहने वाले क़ैदी को काम करने वाले दो क़ैदी भी दिए जाते हैं.

जेल अधिकारियों के मुताबिक़ अगर क़ैदी चाहे तो दोनों काम करने वाले क़ैदी इनके साथ रह सकते हैं और अगर क़ैदी चाहे तो वो दोनों क़ैदी काम मुकम्मल करके अपने बैरकों में वापस भी जा सकते हैं.

जेल क़ानून के मुताबिक़ जिन क़ैदियों को 'बी' कैटेगरी दी जाती है उनको एक अलग से कमरा और एक काम करने वाला क़ैदी दिया जाता है. हालांकि अगर जेल सुपरिटेंडेंट चाहे तो काम करने वाले क़ैदी की संख्या एक से बढ़ाकर दो भी कर सकता है.

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मरियम को 'बी' कैटेगरी की महिला बैरक

मरियम नवाज़ को 'बी' कैटेगरी दी गई है. जेल अधिकारियों के मुताबिक़ मरियम नवाज़ को महिलाओं के बैरक में रखा जाएगा और एक महिला क़ैदी बतौर ख़िदमतगार दी जाएगी.

अधिकारियों के मुताबिक़ जिन क़ैदियों को 'ए' क्लास और 'बी' कैटेगरी के क़ैदियों के लिए बतौर ख़िदमतगार दिया जाता है वो मामूली अपराधों में शामिल होते हैं.

जेल अधिकारियों के मुताबिक़ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनकी बेटी मरियम नवाज़ को अदालत की तरफ़ से दी जाने वाली सज़ा पर कार्यान्वयन को यक़ीनी बनाया जाएगा.

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