उर्दू प्रेस: नवाज़ शरीफ़ के जेल जाने का सियासी मतलब क्या

  • 15 जुलाई 2018
नवाज़ शरीफ़ और मरियम शरीफ़ इमेज कॉपीरइट @MARYAMNSHARIF

पाकिस्तान से छपने वालों अख़बारों में इस हफ़्ते जो ख़बर सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रही, वो थी नवाज़ शरीफ़ की पाकिस्तान वापसी और फिर उनकी गिरफ़्तारी.

पिछले शुक्रवार (छह जुलाई) को नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़, उनकी बेटी मरियम नवाज़ और दामाद कैप्टन सफ़दर को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी क़रार दिया था.

फ़ैसला सुनाते वक़्त नवाज़ शरीफ़ अपनी बेटी के साथ लंदन में थे जहां नवाज़ शरीफ़ की बीमार पत्नी का इलाज चल रहा है.

अदालती फ़ैसले के बाद सबकी निगाहें इसी पर टिकी थीं कि वो पाकिस्तान लौट कर आएंगे या नहीं.

लेकिन उनकी बेटी मरियम नवाज़ ने ये बयान देकर सारी अटकलों पर विराम लगा दिया था कि नवाज़ शरीफ़ शुक्रवार (13 जुलाई ) को पाकिस्तान लौटेंगे.

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मरियम के इस ऐलान के बाद सबकी निगाहें 13 तारीख़ पर टिकी थीं.

आख़िरकार नवाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ तयशुदा कार्यक्रम के तहत 13 जुलाई को लाहौर पहुंचे.

उनको हवाई अड्डे से ही गिरफ़्तार कर अडियाला जेल भेज दिया गया.

लेकिन नवाज़ शरीफ़ के समर्थन में लाहौर में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे. मुस्लिम लीग के एक नेता राना सना ने कह दिया कि नवाज़ शरीफ़ के स्वागत के लिए एयरपोर्ट जाना हज से भी बड़ा सवाब है.

हज दुनिया भर के मुसलमानों की एक धार्मिक क्रिया है जिसे हर साल लाखों मुसलमान एक साथ सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में पूरा करते हैं.

'अवाम का समंदर सड़कों पर आया'

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शहबाज़ शरीफ़ ने समर्थकों की रैली को संबोधित भी किया.

शहबाज़ शरीफ़ इस समय पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नून) के अध्यक्ष हैं और नवाज़ शरीफ़ के छोटे भाई हैं.

अख़बार दुनिया लिखता है, ''अवाम का समंदर सड़कों पर आया, इतनी बड़ी रैली पहले कभी नहीं देखी थी: शहबाज़ शरीफ़. ''

अख़बार दुनिया के अनुसार नवाज़ शरीफ़ के समर्थकों को संबोधित करते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि 'जनता की अदालत ने अपना फ़ैसला सुना दिया है और इसके साथ ही 25 जुलाई के चुनाव का फ़ैसला भी हो गया है.'

पाकिस्तान में 25 जुलाई को संसद और प्रांतों की एसेंबलियों के लिए वोट डाले जाएंगे.

अख़बार के मुताबिक़ शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि 'पाकिस्तान लौट कर नवाज़ शरीफ़ ने साबित कर दिया है कि वो सच्चाई के रास्ते पर हैं, लेकिन चुनावों में उनके उम्मीदवारों की कामयाबी ही नवाज़ शरीफ़ की असल कामयाबी है.'

अख़बार जंग ने लिखा है, ''नवाज़ शरीफ़ से अडियाला जेल में मां, भाई और भतीजे की मुलाक़ात.''

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Image caption मरियम शरीफ़ और उनके बच्चे

अख़बार के मुताबिक़ जेल अधीक्षक के कमरे में नवाज़ शरीफ़ ने अपनी मां शमीम अख़्तर, भाई शहबाज़ शरीफ़ और भतीजे हमज़ा शरीफ़ से मुलाक़ात की. मरियम नवाज़ से मिलने उनकी बेटी मेहरुन्निसा और दामाद राहील मुनीर भी जेल पहुंचे.

अख़बार के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ ने जेल में ही अपने वकील से मुलाक़ात की. उन्हें इसके लिए सिर्फ़ पांच मिनट दिए गए थे. दोनों ने वकालतनामे पर दस्तख़त किए. सोमवार को नैब अदालत के फ़ैसले को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी.

नवाज़ शरीफ़ ने जेल में क़ैदियों को मिलने वाली सुविधाओं की शिकायत भी की. मरियम नवाज़ को बेहतर सहुलियत वाले जेल में शिफ़्ट करने का ऑफ़र दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई रियायत लेने से इनकार कर दिया.

अख़बार एक्सप्रेस लिखता है कि नवाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ के पाकिस्तान लौटने से उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को नया ऑक्सीजन मिल गया है.

'मुजरिम-ए-आज़म आ गए हैं'

अख़बार के मुताबिक़ मुस्लिम लीग कार्यकर्तोओं से कैसे निपटा जाए इसको लेकर पंजाब प्रांत की अंतरिम सरकार और वहां के नौकरशाहों में भारी मतभेद थे.

लेकिन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के प्रमुख इमरान ख़ान ने नवाज़ शरीफ़ पर निशाना साधा.

अख़बार दुनिया के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए कहा, ''मुजरिम-ए-आज़म आ गए हैं. अब लूटे गए तीन सौ अरब रुपए भी वापस कर दें.''

इमरान ख़ान आगे कहते हैं, ''चुनाव में जीत का पक्का यक़ीन है. मैच अभी ख़त्म नहीं हुआ, आख़िरी बॉल तक होगा. तब्दीली आ गई है, जो रह गई है वो 25 जुलाई को आ जाएगी.''

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