क्या सिकंदर महान को इसी ताबूत में दफ़नाया गया था

  • 15 जुलाई 2018
सिकंदर महान, मिस्र, कब्र

पुरातत्वविदों के एक समूह को इसी महीने उत्तरी मिस्र के तटीय शहर एलेक्ज़ेंड्रिया में दो हज़ार साल पहले का एक रहस्यमय ताबूत मिला है.

मिस्र के अधिकारियों के मुताबिक, यह शहर में मिला अब तक का सबसे बड़ा ताबूत है. काले ग्रेनाइट से बने इस ताबूत की ऊंचाई क़रीब 2 मीटर और वज़न 30 टन है.

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मिस्र के पुरातत्व मंत्रालय ने अपने आधिकारिक फ़ेसबुक अकाउंट पर लिखा, "यह 265 सेंटीमीटर लंबा, 185 सेंटीमीटर ऊंचा और 165 सेंटीमीटर चौड़ा है."

ऐसा माना जा रहा है कि इस ताबूत का संबंध टॉलोमेइक काल (300-200 ईसा पूर्व) से है. इस काल की शुरुआत सिकंदर के मौत के साथ हुई थी जिन्होंने एलेक्ज़ेंड्रिया को बसाया था.

यह ताबूत कुछ निर्माण कार्यों से पहले ज़मीन का मुआयना करने के दौरान मिला और इसकी अच्छी स्थिति और आकार को देखकर विशेषज्ञ भी आश्चर्य में पड़ गए.

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पुरातन विभाग के निदेशक अयमान अशमावी ने मंत्रालय के फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा, "ताबूत के ऊपरी हिस्से और बॉडी के बीच चूने की परत है, जो यह संकेत दे रहा है कि प्राचीन काल में इसे बंद करने के बाद से नहीं खोला गया है."

क्या महान सिकंदर से है कनेक्शन?

यह एक असामान्य स्थिति है क्योंकि यह आम धारणा है कि प्राचीन मिस्र की कब्रों को कई बार लूटा गया या नुकसान पहुंचाया गया है.

इस क़ब्र के पास ही एक इंसानी सिर की एलबैस्टर (एक प्रकार का कीमती सफ़ेद पत्थर) की बनी एक मूर्ति मिली है.

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के अफ्रीका क्षेत्र के एडिटर रिचर्ड हैमिल्टन कहते हैं, "खोज ने इस संभावना को जन्म दिया है कि कहीं ये महान सिकंदर की खोई हुई कब्र तो नहीं है."

उन्होंने कहा, "अगर यह महान सिकंदर का मक़बरा है तो यह पुरातत्व विभाग की आज तक की सबसे बड़ी खोजों में से एक होगी."

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हालांकि, एडिटर बताते हैं कि अधिकारी इस ओर इशारा कर रहे हैं कि यह एलेक्ज़ेंड्रिया के किसी रईस का मकबरा हो सकता है.

अब, यह खोज पूरी निगरानी में है और विशेषज्ञ यह पता लगाने के लिए तैयार हैं कि आखिर इस ताबूत के अंदर वास्तव में है क्या.

इसे पहली बार खोलना बहुत मुश्किल काम है और इसलिए संभावना ये है कि इसे उसी जगह पर खोला जाएगा जहां यह पाया गया है.

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