शिखर वार्ता के बाद व्लादीमिर पुतिन के प्रस्ताव को डोनल्ड ट्रंप ने किया ख़ारिज

  • 20 जुलाई 2018
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है जिसमें उन्होंने रूस द्वारा कई अमरीकी नागरिकों की जांच करने की बात कही थी.

इससे पहले रूस ने अमरीकी न्याय मंत्रालय के अधिकारियों को रूस के 12 वॉन्टेड व्यक्तियों से पूछताछ करने की मंजूरी दी थी. पुतिन ने यह प्रस्ताव इसी के बदले में रखा था.

व्हाइट हाउस ने इससे पहले कहा था कि वो पुतिन के इस प्रस्ताव पर विचार करेगा. हालांकि बाद में ट्रंप ने इसे ख़ारिज कर दिया.

यह प्रस्ताव सोमवार को ट्रंप और पुतिन की हेलसिंकी में हुई शिखरवार्ता के एक अहम मुद्दों में से एक था. लेकिन रूस के इस प्रस्ताव से अमरीकी नेताओं में काफ़ी गुस्सा था और इस पर ट्रंप की कड़ी आलोचना हो रही थी.

रूसी अधिकारी जिन लोगों से पूछताछ करना चाहते हैं, उनमें से एक का नाम बिल ब्राउडर है.

बिल ब्राउडर व्लादीमिर पुतिन के पूर्व फ़ंड मैनेजर और सबसे मुखर आलोचकों में से एक हैं और फिलहाल अमरीका में है.

उन्होंने दावा किया था कि रूसी राष्ट्रपति की संपत्ति करीब 200 बिलियन डॉलर है और सत्ता में आने के बाद उन्होंने अपनी ताक़त का इस्तेमाल करके बहुत दौलत कमाई है.

बिल ब्राउडर ने अमरीकी सरकार के रूस के प्रस्ताव को ख़ारिज करने पर राहत जताई है. उन्होंने बीबीसी से कहा कि वो ट्रंप के शुक्रगुज़ार हैं.

उन्होंने कहा, "यह एक फ़ैसला है जो राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को तीन दिनों तक इंतज़ार करने के बजाय महज कुछ सेकेंडों में ले लेना चाहिए था. लेकिन मैं उनका शुक्रगुज़ार हूं क्योंकि उनका मुझे पुतिन को सौंपकर रूसी ज़हर से मेरी जान लेने का कोई इरादा नहीं है. यह निश्चित रूप से अहमियत रखता है."

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असहमति

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने गुरुवार को कहा कि यह एक ऐसा प्रस्ताव था जो राष्ट्रपति पुतिन ने ईमानदारी से दिया था लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इससे सहमत नहीं हैं.

दूसरी तरफ़, डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सदस्यों ने एक विधेयक पेश किया है जिसमें रूस को उसके शत्रुतापूर्ण कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराने की बात कही गई है.

अमरीकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि स्टेनी होयर ने कहा, "आज मैंने और मेरे साथियों ने एक विधेयक पेश किया जिसका नाम है -सिक्योर अमरीका फ़्रॉम रशियन इंटरफ़ेरेंस एक्ट. यह विधेयक वो करेगा जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार नाकाम हुए हैं. यह रूस को उसके विद्वेषपूर्ण कदमों के लिए जिम्मेदार ठहराएगा, हमारी चुनावी सुरक्षा को मज़बूत करेगा और हमारे सहयोगी देशों के साथ हमारे रिश्ते मज़बूत करेगा."

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डोनल्ड ट्रंप और व्लादीमिर पुतिन दोनों ने ही अपनी इस मुलाक़ात के सफल होने का दावा किया है.

ट्रंप ने लगातार कई ट्वीट करके कहा कि रूसी राष्ट्रपति के साथ हुई उनकी बातचीत बेहद कामयाब रही और वो उनसे दोबारा मिलने के इच्छुक हैं. पुतिन ने इसे एक सफल मुलाकात बताया है.

हालांकि ट्रंप ने बाद में यह भी कहा था कि वो 2016 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में दख़लअंदाज़ी के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को निजी तौर पर ज़िम्मेदार मानते हैं.

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