पाकिस्तान के क्वेटा में धमाका, 31 लोगों की मौत

  • 25 जुलाई 2018
घटनास्थल

पाकिस्तान में इस समय राष्ट्रीय और प्रांतीय असेंबली के लिए मतदान जारी हैं. इसी दौरान क्वेटा में आम चुनावों के लिए मतदान के दौरान एक मतदान केंद्र के नज़दीक हुए धमाके में कम से कम 31 लोग मारे गए हैं.

बीबीसी उर्दू संवाददाता मोहम्मद काज़िम के अनुसार, ये धमाका पूर्वी बाईपास पर बनाए गए मतदान केंद्र के क़रीब हुआ. उन्होंने डीआईजी सिटी डी. एतज़ाज़ गोराया के हवाले से बताया कि एक मतदान केंद्र के क़रीब हुए धमाके में मरने वालों की तादाद 31 हो गई है.

इस धमाके की ज़िम्मेदारी चरमपंथी समूह दौलत-ए-इस्लामिया ने ली है. उन्होंने अपनी समाचार एजेंसी एमाक पर एक बयान जारी किया है.

एतज़ाज़ गोराया ने इस बात की भी पुष्टि की है कि यह एक आत्मघाती हमला था और हमले के वक़्त डीआईजी क्वेटा अब्दुर रज़्ज़ाक चीमा क़रीबी मतदान केंद्र के दौरे पर थे. चीमा इस हमले में बच गए हैं.

अब तक मिली जानकारी के अनुसार धमाके में कम से कम 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और बताया गया है कि धमाके में कई लोग ज़ख़्मी भी हुए हैं. धमाके में मरने वालों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

घायलों का सोल अस्पताल में इलाज चल रहा है. संवाददाता काज़िम ने बताया कि धमाके के बाद क़रीबी मतदान केंद्र पर मतदान रोक दिया गया था जो अब बहाल कर दिया गया है.

Image caption पूर्वी बाईपास के नज़दीक धमाका हुआ है

धमाके के बाद पाकिस्तान की तीन प्रमुख पार्टियों (पीएमएलएन, पीपीपी, पीटीआई) या उनके नेताओं ने इस घटना की निंदा की है.

पीटीआई के चेयरमैन इमरान ख़ान ने ट्वीट किया, "क्वेटा में हुए निंदनीय आंतकी हमला पाकिस्तान के दुश्मनों द्वारा हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने के लिए हुआ है. बेगुनाह लोगों के मारे जाने से दुखी हूं. पाकिस्तानियों को भारी तादाद में मतदान करके आतंकी मंसूबों को हराना चाहिए."

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने भी इस घटना की निंदा की है. पीपीपी ने ट्वीट किया है, "राष्ट्र आज दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ अपना फ़ैसला वोट की ताक़त से दे दे."

वहीं, सिंध प्रांत के लरकाना में पीपल्स पार्टी के पोलिंग कैंप के बाहर धमाके में तीन कार्यकर्ता घायल हुए हैं. बीबीसी उर्दू संवाददाता रियाज़ सोहैल के मुताबिक़, लाड़काना के शाह मुहम्मद पोलिंग स्टेशन के बाहर बने पीपीपी के पार्टी कैंप पर धमाका हुआ था.

ज़ख़्मियों को अस्पताल पहुंचाया गया है और पीपीपी का कहना है कि यह चरमपंथी का मामला हो सकता है और इससे उनके मतदाताओं को डराया नहीं जा सकता है.

इससे पहले ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत के सवाबी शहर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ और आवामी नैशनल पार्टी के समर्थकों के बीच हुई हिंसा में एक शख़्स की मौत हुई थी और चार लोग घायल हुए हैं.

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मतदान की सुरक्षा और तालिबान के ख़तरे के मद्देनज़र 3 लाख़ 70 हज़ार सेना के जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया है.

पाकिस्तान में केंद्रीय और प्रांतीय असेंबली के चुनाव जारी हैं. पाकिस्तान में केंद्रीय असेंबली के लिए 270 सामान्य सीटों पर मतदान जारी है. चुनाव में 95 पार्टियों की 11,676 उम्मीदवार मैदान में हैं.

चारों सूबों और केंद्रीय राजधानी में रजिस्टर्ड मतदाताओं की संख्या 10 करोड़ 59 लाख 55 हज़ार 409 है.

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