64 साल पहले ग़ायब हुए इस शख़्स की यूं हुई पहचान

सोशल मीडिया, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड

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सोशल मीडिया के ज़रिए पुलिस को एक ऐसे शख़्स की पहचान करने में मदद मिली जो लगभग 64 साल पहले खो चुका था.

लगभग 13 सालों तक पुलिस को उस शख़्स के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. कुछ सबूतों के ज़रिए पुलिस ने उसके बारे में जानकारियां जुटाईं, लेकिन उस वक़्त कोई ख़ास सफलता नहीं मिली.

साल 2005 में पुलिस को इटली के अओस्टा क्षेत्र में कुछ मानव अवशेष, स्कीइंग के उपकरण और चश्मे मिल थे.

लेकिन, काफ़ी कोशिश के बावजूद भी पुलिस ये पहचान नहीं कर पाई कि ये अवशेष किसके हैं. ​

इस कहानी में मोड़ तब आया जब पिछले महीने पुलिस ने उस शख़्स से जुड़ी जानकारियां फ़ेसबुक पर डालीं.

सोशल मीडिया के ज़रिए ये जानकारियां फ़्रांस के एक परिवार तक पहुंची. उन्होंने इसे अपने एक रिश्तेदार ऑनरी लू मान्ना से मिलाया. इसके बाद से ही पुलिस की जांच में जैसे जान आ गई.

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जांचकर्ताओं ने साल 2005 में मिले एक दांत की जांच की

10,000 फीट की ऊंचाई पर अवशेष

पुलिस को ये अवशेष आल्प्स में 3000 मीटर (10,000 फीट) की ऊंचाई पर स्विट्ज़रलैंड की सीमा के पास मिले थे.

इनमें उस शख़्स की पहचान से जुड़े कुछ सुराग थे. जैसे कपड़े पर उनके नाम के शुरुआती अक्षरों के साथ एम्ब्रॉइडरी और लकड़ी के स्की थे जो उस वक़्त काफ़ी महंगे रहे होंगे.

तुरिन में फॉरेंसिक पुलिस के साथ एक जांचकर्ता मरिनेला लपोर्टा ने बताया कि इन अवशेषों के ज़रिए पुलिस ने ये अंदाज़ा लगाया कि वो एक 1.75 मीटर लंबे और 30 साल की उम्र वाले शख़्स थे और उनकी मौत बसंत के मौसम हुई होगी.

जून में इन जानकारियों को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया और लोगों से अपील की कि इस जानकारी को ख़ासतौर से फ़्रांस और स्विट्ज़रलैंड में फैलाएं.

छोटे भाई ने की पहचान

इस ट्वीट से जुड़ी कहानी फ़्रांस के मीडिया ने दिखाना शुरू किया जिससे वो और ज़्यादा लोगों तक पहुंची.

एमा नसिम ने ये रिपोर्ट फ़्रांस के लोकल रेडियो स्टेशन पर सुनी और उन्हें लगा कि ये अवशेष उनके अंकल ऑनरी लू मान्ना के हो सकते हैं.

उनके अंकल साल 1954 में स्विट्ज़रलैंड की सीमा पर मात्तरहोर के पास स्कीइंग करते हुए तूफ़ान में गुम हो गए थे.

लू मान्ना के छोटे भाई रोजर अब 94 साल के हैं और उन्होंने अपने भाई के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस को एक ईमेल किया है.

उन्होंने लिखा है, ''मैं ऑनरी लू मान्ना का भाई हूं... वो एक स्कीयर थे और 64 साल पहले ग़ायब हो गए थे. उनकी शादी नहीं हुई थी. वो पेरिस में वित्त मंत्रालय में काम करते थे.''

पुलिस का कहना है कि परिवार ने ऑनरी लू मान्ना की जो तस्वीर दी है उसमें पहने हुए चश्मे पुलिस को मिले चश्मे से मिलते-जुलते थे.

इसके बाद हुए डीएनए टेस्ट में पहचान की पुष्टि हुई है.

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