अमेज़न के बॉस जेफ़ बेज़ोस: पुरानी किताबें बेचने से लेकर धनकुबेर बनने तक

  • 31 जुलाई 2018
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अमेज़न शुरू करने से पहले जेफ़ बेज़ोस ने शायद उस भविष्य की कल्पना कर ली होगी जब महज एक क्लिक पर आप हर छोटा-बड़ा सामान ख़रीद सकेंगे.

मॉल की लोकप्रियता कम होती जाएगी और दुकानें अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए जूझ रही होंगी.

इस कल्पना के बाद ही उन्होंने अमेज़न का 'साम्राज्य' खड़ा करने का फ़ैसला लिया होगा.

जेफ़ बेज़ोस ने अमेज़न की शुरुआत 1994 में की थी जो अब ​दुनिया की पहली ख़रब डॉलर की कंपनी बनने की ओर बढ़ रही है.

एक वो कंपनी जो कभी पुरानी किताबें बेचती थी और अब लगभग सभी तरह के सामानों तक उसकी पहुंच है.

जेफ़ बेज़ोस दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए हैं.

हालांकि, उनका लक्ष्य अभी और आगे है. उनकी कल्पनाएं सिर्फ़ ज़मीन और आसमान तक नहीं बल्कि उसके आगे अंतरिक्ष तक जाती हैं.

उन्होंने साल 2013 में वॉशिंग्टन पोस्ट ख़रीदा और इससे पहले उन्होंने साल 2004 में ब्लू ओरिजिन नाम की एक एरोस्पेस फ़र्म की स्थापना की. ये कंपनी अगले साल अंतरिक्ष यात्रा के लिए टिकट बेचने की योजना बना रही है.

एक साल पहले उनकी पूर्व प्रेमिका ने कहा था कि उन्हें हमेशा उम्मीद थी कि वह तक़दीर लिखने वालों में से हैं.

यह सिर्फ़ पैसे के बारे में नहीं है. ये इस बारे में है कि भविष्य बदलने के लिए वह पैसे का क्या करने जा रहे थे.

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स्पेस कॉलोनी की कल्पना

जेफ़ बेज़ोस की महत्वाकांक्षाएं कहां तक हो सकती हैं इसका अंदाज़ा दशकों पहले लगने लगा थे.

जेफ़ का जन्म 12 जनवरी साल 1964 में अल्बुकर्क, न्यू मेक्सिको में हुआ था. जेफ़ की मां का नाम जैकी जॉरगन्सन और पिता का नाम टेड जॉरगन्सन है.

जेफ़ के जन्म के वक़्त उनकी मां महज 17 साल की थीं. जैकी और टेड का रिश्ता एक साल तक ही चला. उसके बाद दोनों का तलाक़ हो गया.

वो अपनी मां और सौतले पिता माइक बेज़ोस के साथ टेक्सस और फ्लोरिडा में पले-बढ़े.

ब्रेड स्टोन की जेफ़ बेज़ोस पर 2013 में लिखी बायोग्राफी के मुताबिक़ उन्होंने इंजीनियरिंग और विज्ञान की तरफ़ पहला झुकाव तीन साल की उम्र में दिखाया. जब उन्होंने एक स्कूड्राइवर से अपना पालना तोड़ दिया था.

हाई स्कूल पूरा करने पर दी गई स्पीच में उन्होंने अंतरिक्ष में कॉलोनी बनाने की कल्पना का ज़िक्र भी किया था.

साल 1986 में प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग बैचलर इन साइंस में डिग्री ली.

इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क में फाइनेंशियल कंपनियों में काम किया और उस दौरान वो अपनी पत्नी मैकेंज़ी से भी मिले. उनकी पत्नी एक उपान्यासकार हैं.

इंजीनियरिंग और विज्ञान की तरफ़ उनका ये झुकाव, कल्पनाएं और महत्वाकाक्षाएं ही उन्हें अमेज़न की शुरुआत की तरफ़ ले गईं.

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Image caption जेफ़ बेज़ोस और उनकी पत्नी मैकेंज़ी

नौकरी छोड़कर की शुरुआत

इंटरनेट की बढ़ती पहुंच को भांपते हुए 30 साल की उम्र में जेफ़ बेज़ोस ने अपनी नौकरी छोड़ दी थी.

साल 2010 की अपने एक भाषण में उन्होंने अपने इस फैसले को एक असुरक्षित रास्ता कहा था.

उन्होंने कहा था, ''मैंने एक झटके में कुछ करने का फ़ैसला कर लिया था. मैंने नहीं सोचा कि कोशिश करने और असफल होने पर अफ़सोस करूंगा. अगर मैं ये नहीं करता हूं तो एक बार भी कोशिश न करने के ख़्यालों से ज़रूर परेशान रहूंगा.''

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ई-कॉमर्स के किंग

उन्होंने अपनी ई-कॉमर्स कंपनी में निजी पैसे और परिवार की मदद से 100,000 डॉलर का निवेश किया. ये कंपनी तुरंत उनकी उम्मीदों पर खरी उतरने लगी.

उन्होंने अमेज़न की शुरुआत एक गैरेज से पुरानी किताबें बेचने के आइडिया से की थी.

ब्रैड स्टोन की कितबा 'द एवरीथिंग स्टोर: जेफ़ बेजोस एंड द ऐज ऑफ अमेज़न' के मुताबिक़ अमेज़न के 1995 में लॉन्च के बाद एक महीने के अंदर इसने 50 राज्यों और 45 देशों से ऑर्डर लिए.

पहले पांच साल में अमेज़न के ग्राहकों की संख्या एक लाख 80 हज़ार से बढ़कर एक करोड़ 17 लाख पर पहुंच गई. इसकी बिक्री 5 लाख 11 हज़ार डॉलर से बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गई.

कंपनी के पास बड़े निवेशक आने लगे. यह 1997 में सार्वजनिक हो गई और देखते ही देखते जेफ़ बज़ोस 35 साल की उम्र से पहले दुनिया के सबसे अमीर शख़्स बन गए.

साल 1999 में टाइम मैगज़ीन ने उन्हें ''किंग ऑफ साइबरकॉमर्स'' कहा.

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नए प्रयोगों से डर नहीं

जेफ़ बेज़ोस नए प्रयोग करने और पैसा कमाने के लिए पैसा निवेश करने में नहीं डरते. दाम घटाना, मुफ़्त डिलीवरी और किंडल ई-रीडर जैसी डिवाइस विकसित करने के लिए उसमें सालों लगाना.

पर जहां संभव हो अमेज़न बचत करने से भी पीछे नहीं हटती. इसके मुख्यालय में रहने वाले कमर्चारियों से पार्किंग का भुगतान लेना, आपूर्तिकर्ताओं के साथ लड़ना, अपने गोदामों में श्रमिक संघों के बनने का विरोध करना और जितना हो सके टैक्स देने से बचना.

कंपनी को कुछ शुरुआती निवेशों जैसे पेट्स डॉट कॉम में निवेश करने से नुक़सान भी हुआ है. फिर भी नए उद्यमों के लिए उसकी भूख कम नहीं हुई है.

पिछले साल इसने 'होल फूड्स' को ख़रीदा है. इस साल इसने एक फार्मेसी को टेकओवर करने की घोषणा की है.

अमेज़न ने इस साल जून तक तीन महीनों में 53 अरब डॉलर की बिक्री की थी और 2.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड लाभ कमाया था.

इसमें 5 लाख 75 हज़ार कर्मचारी काम करते हैं जो लग्ज़मबर्ग की पूरी जनसंख्या के बराबर है.

अमेज़न हज़ारों थर्ड पार्टी कारोबारियों को लॉजिस्टिक्स, भंडारण, ऋण और बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म की सुविधा प्रदान करती है.

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उंगलियां भी उठी हैं

हालांकि, अमेज़न को बाज़ार में एकाधिकार के ख़तरे, टैक्स न भरने और श्रम क़ानून के पालन को लेकर आलोचना का भी सामना करना पड़ा है.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी उन पर आरोप लगाया था कि वो यूएस पोर्टल सर्विस से शिपिंग की अनावश्यक कम दरों का फ़ायदा उठाते हैं.

हालांकि, इस सबसे निपटने के लिए जेफ़ बेज़ोस ट्विटर पर ज़्यादा सक्रिय रहने लगे हैं. वह अपने माता-पिता के फोटो और कुत्ते के वीडियो शेयर करते हैं.

OpenSecrets.org के मुताबिक उन्होंने साल 2014 से लॉबी पर भी अपना खर्च दो दोगुने से ज़्यादा बढ़ा दिया है जो पिछले साल एक करोड़ 30 लाख डॉलर था.

अब देखना ये है कि इन कोशिशों का कंपनी पर क्या असर होता है.

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