ढाका की सड़कों पर सात दिन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला

  • 5 अगस्त 2018
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Image caption प्रदर्शन कर रहा एक छात्र

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बहुत से युवा सड़क सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सड़कों को सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे इन युवाओं का प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा.

एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को इस प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में क़रीब 25 छात्र घायल हो गए.

हालांकि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला करने वाले कौन थे. लेकिन स्थानीय मीडिया का आरोप है कि ये हमला सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े एक छात्र समूह ने किया है.

प्रदर्शन के दौरान हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर यातायात को रोकते, वाहनों और चालकों को रोकते हुए नज़र आए. इन लोगों की मांग है कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जाए.

बीते रविवार को एक तेज़ रफ़्तार बस ने एक लड़के और लड़की को कुचल दिया था और हादसे में दोनों की मौत हो गई. उनकी मौत के बाद से ही ढाका में ये प्रदर्शन हो रहे हैं.

क्या है सरकार का रुख़

प्रदर्शनों को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने देश में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी है.

सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से प्रदर्शन छोड़कर फिर से कक्षाओं का रुख़ करने की अपील की है.

इससे पहले एक मंत्री ने छात्रों पर दिखावा करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद काफ़ी हंगामा हुआ था. हालांकि बाद में उन्होंने इसके लिए माफ़ी मांग ली.

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कई लोग घायल

रिपोर्ट्स की मानें तो शनिवार को पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया. हालांकि पुलिस इस तरह की बातों से इनकार कर रही है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी ने एक प्रत्यक्षदर्शी डॉक्टर अब्दुस शब्बीर के हवाले से कहा है कि प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों की संख्या काफ़ी अधिक है और क़रीब 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

शब्बीर ने समाचार एजेंसी को बताया कि घायलों में कुछ की हालत बहुत ही ख़राब थी और कुछ को रबर की गोलियां लगी हुई थीं.

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कौन थे हमलावर?

एक स्थानीय पत्रकार ने बीबीसी को बताया कि प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वाले बांग्लादेश छात्र लीग के सदस्य थे. बांग्लादेश छात्र लीग एक छात्र संगठन है जो कि सत्तारूढ़ वामी लीग पार्टी से जुड़ा हुआ है. ये लोग प्रदर्शन का विरोध कर रहे हैं.

वहीं कुछ खबरों में सड़कों पर यौन-हिंसा की बात भी कही जा रही है. एक महिला पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि जिस समय वो प्रदर्शन को कवर कर रही थीं, उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ हुई.

"हमें न्याय चाहिए" के नारों के साथ छात्र पिछले सात दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि सड़क यातायात के नियमों को और सख़्त किया जाए.

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एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम तब तक यहां से नहीं हटेंगे जब तक कि हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं. हमें सुरक्षित सड़कें चाहिए और सुरक्षित चालक भी."

प्रदर्शन कर लोगों में 13 साल के किशोर तकशामिल हैं.

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