उर्दू प्रेस रिव्यू: बहुत ही छोटा होगा इमरान ख़ान का मंत्रिमंडल

  • 5 अगस्त 2018
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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते चुनावी नतीजों से जुड़ी ख़बरें ही हर जगह छाई रहीं.

इमरान ख़ान का मंत्रिमंडल बहुत ही छोटा होगा.

जंग अख़बार के मुताबिक़ इमरान ख़ान 11 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. अख़बार लिखता है कि कराची में मज़बूत मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट पार्टी और बलूचिस्तान अवामी पार्टी(बीएपी) को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा और दोनों को एक-एक मंत्रालय मिल सकता है.

इसके बदले इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ बलूचिस्तान में बीएपी के साथ मिलकर सरकार बनाएगी और प्रांतीय सरकार में उसे दो मंत्रालय मिल सकते हैं.

25 जुलाई को पाकिस्तानी संसद और प्रांतीय एसेम्बली के लिए चुनाव हुए थे.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ ने 116 सीटें जीती हैं, लेकिन अभी भी वो बहुमत से 20 सीटें पीछे हैं. नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज़) 64 सीट जीतकर दूसरे नंबर पर रही जबकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) केवल 43 सीट ही जीत पाई.

पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल एसेम्बली में कुल 342 सीटें होती हैं. इनमें से 272 जनरल सीटें हैं, 60 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं और 10 अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए.

अख़बार एक्सप्रेस के मुताबिक़ पीटीआई और एमक़्यूएम के बीच समझौता हो गया है. अख़बार के अनुसार शुक्रवार को एमक़्यूएम के एक दल ने इमरान ख़ान से मुलाक़ात की थी जिसके बाद दोनों पार्टियों के बीच बाज़ाब्ता नौ बिंदुओं पर आधारित लिखित समझौता हुआ.

अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान को संसद में 172 सदस्यों का समर्थन हासिल हो गया है.

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वहीं अख़बार दुनिया के अनुसार निर्दलीय सांसदों का पीटीआई को समर्थन देने का सिलसिला जारी है.

अख़बार दुनिया का दावा है कि कुल 13 निर्दलीय सांसदों में से नौ सांसद पीटीआई में शामिल हो गए हैं.

पीटीआई के प्रवक्ता फ़व्वाद चौधरी के हवाले से अख़बार लिखता है कि पीटीआई को संसद में 176 सांसदों को समर्थन मिल चुका है और अब वो आसानी से सरकार बनाने की स्थिति में है.

लेकिन विपक्षी पार्टियां भी अपनी हार मानने को तैयार नहीं हैं.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ कई विपक्षी पार्टियों ने मिलकर एक संयुक्त एक्शन कमेटी बनाई है. अख़बार के अनुसार सभी विपक्षी पार्टियों की संयुक्त एक्शन कमेटी सबसे पहले आठ और नौ अगस्त को पाकिस्तान के चुनाव आयोग के हेडक्वॉर्टर और चुनाव आयोग के प्रांतिय दफ़्तर के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी.

इसके अलावा 11 अगस्त को सदन के अंदर प्रधानमंत्री, स्पीकर और डेप्युटी स्पीकर के पद के लिए विपक्षी पार्टियां अपने संयुक्त उम्मीदवार को उतारेंगीं.

अख़बार लिखता है कि इमरान ख़ान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के दिन राजधानी के रेड ज़ोन (प्रतिबंधित क्षेत्र) में विपक्षी पार्टियां एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही हैं.

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अख़बार के अनुसार मुस्लिम लीग (नवाज़) की प्रवक्ता मरियम औरंगज़ेब ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, हम अब पीटीआई को बताएंगे कि विपक्ष क्यो होता है.

संसद के अंदर और संसद के बाहर कैसे विरोध प्रदर्शन किया जाए इसका फ़ैसला संयुक्त एक्शन कमेटी करेगी. इमरान ख़ान ने सियासी निज़ाम को कमज़ोर करने की कोशिश की है.

अवामी मुस्लिम लीग के प्रमुख शेख रशीद अहमद ने कहा है कि नवाज़ शरीफ़ समझते थे कि जेल जाने से उन्हें वोट मिलेगा. शेख़ रशीद ने तंज़ करते हुए कहा कि सत्ता के भूखे इमरान ख़ान के शपथ ग्रहण से पहले ही रोना शुरू हो गए.

अख़बार दुनिया के अनुसार शेख़ रशीद अहमद का कहना था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा और प्रांतों के मुख्यमंत्री कौन होंगे इनकी लिस्ट उनके पास है. उन्होंने आगे कहा कि ये इमरान ख़ान की अमानत है, इसलिए बता नहीं सकता.

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