मेरे ख़िलाफ़ महाभियोग लाया तो गिर जाएगा बाज़ार: डोनल्ड ट्रंप

  • 24 अगस्त 2018
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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने ख़िलाफ़ महाभियोग लाए जाने के कयासों पर चेताया है कि इस तरह के किसी भी क़दम से अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचेगा.

'फ़ॉक्स एंड फ़्रेंड्स' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ऐसा किया गया तो बाज़ार चरमरा जाएगा और "हर कोई बहुत ग़रीब हो जाएगा."

शायद यह पहला मौका है जब महाभियोग की संभावनाओं को लेकर ट्रंप ने इस तरह से खुलकर बात की है.

डोनल्ड ट्रंप के पूर्व वकील माइकन कोहेन ने अदालत में स्वीकार किया है कि उन्होंने चुनाव अभियान से जुड़े वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया था.

कोहेन ने अदालत में ये भी कहा है कि उन्हें ऐसा करने के निर्देश ट्रंप ने दिए थे.

हालांकि पत्रकारों का मानना है कि इस बात के आसार कम ही हैं कि ट्रंप के विरोधी नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले उनके ख़िलाफ़ महाभियोग लेकर आएं.

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ट्रंप बाज़ार चरमराने की बात क्यों कर रहे हैं?

ट्रंप ने अपने इंटरव्यू में कहा, "मैं नहीं जानता कि आप उस शख़्स के ख़िलाफ़ महाभियोग कैसे ला सकते हैं, जिसने इतना अच्छा काम किया है. मैं आपको बता रहा हूं कि अगर कभी भी मेरे ख़िलाफ़ महाभियोग लाया गया तो बाज़ार चरमरा जाएगा. मुझे लगता है कि इसके बाद हर कोई बहुत ग़रीब हो जाएगा."

ट्रंप ने अपनी तरफ़ इशारा किया और कहा, "क्योंकि इस सोच के बिना आपको आंकड़ों में ऐसी गिरावट नज़र आएगी जिसे वापस ठीक नहीं किया जाएगा."

ट्रंप ने उन पैसों के बारे में क्या कहा?

ट्रंप के पूर्व वकील कोहेन वित्तीय गड़बड़ियों की बात कह रहे हैं लेकिन ट्रंप इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन पैसों ने चुनावी अभियानों पर कोई असर नहीं डाला.

डोनल्ड ट्रंप पर पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डैनियल्स और प्ले बॉय मैगज़ीन की पूर्व मॉडल कैरन मैकडॉगल को पैसे देने का आरोप है.

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ट्रंप का कहना है कि उन्होंने वो पैसे अपने पास से दिए न कि चुनावी अभियान के पैसों से.

पिछले महीने कोहेन ने एक ऑडियो टेप जारी किया था जिसमें डोनल्ड ट्रंप स्टॉर्मी या कैरन किसी एक के साथ चुनाव से पहले 'पेमेंट' की बात करते सुनाई पड़ रहे थे.

क्या इन पैसों से चुनाव पर असर पड़ा था?

गुपचुप तरीके से की इस पेमेंट के बारे में अमरीका के चुनाव आयोग को नहीं बताया गया था. ज़्यादा अहम सवाल यह है पैसे ट्रंप की व्यक्तिगत छवि को बचाने के लिए दिए गए थे या राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर उनकी छवि को बचाने के लिए.

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Image caption प्लेबॉय की पूर्व मॉडल कैरन मैकडॉगल

अमरीकी चुनाव के नियमों के मुताबिक ऐसी हर पेमेंट के बारे में चुनाव आयोग को बताया जाना चाहिए, जिसका मक़सद मतदाताओं को प्रभावित करना हो.

अब अगर डोनल्ड ट्रंप पर इन पैसों के मामले में मुक़दमा चलाया गया तो वो सामान्य अदालत में नहीं बल्कि संसद में महाभियोग प्रस्ताव के जरिए चलेगा.

ऐसा इसलिए क्योंकि वह मौजूदा राष्ट्रपति हैं. ऐसे में जांचकर्ताओं को साबित करना होगा कि उन्होंने वाक़ई में कोहेन को पैसे इसलिए दिए थे ताकि चुनाव को प्रभावित किया जा सके.

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Image caption ट्रंप के पूर्व वकील कोहेन

क्या ट्रंप अपनी ही बात से पलट गए हैं?

ट्रंप ने पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डैनियल्स को दिए पैसों के बारे में पहली बार अप्रैल, 2018 में सार्वजनिक तौर पर बात की थी. तब उन्होंने यह इनकार किया था कि उन्होंने स्टॉर्मी को कोहेन के जरिए 10 लाख डॉलर की पेमेंट की थी. पत्रकारों ने ट्रंप ने जब इस बारे में पूछा था तो उन्होंने साफ़ तौर पर कहा था, ''मुझे नहीं मालूम.''

अब वही ट्रंप कह रहे हैं कि पैसों के इस लेन-देन से चुनावी अभियान पर कोई असर नहीं पड़ा.

अब आगे क्या होगा?

फ़िलहाल ट्रंप की पार्टी यानी रिपब्लिकन पार्टी अमरीकी संसद के दोनों सदनों में बहुमत में है. ऐसे में विपक्षी डेमोक्रैटिक पार्टी के लिए 6 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाना मुश्किल होगा.

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कैसे आता है अमरीकी राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव?

हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स

कोई भी सदस्य सदन में महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है. ऐसा तब हो सकता है जब राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ 'रिश्वत, राजद्रोह या किसी अन्य गंभीर अपराध का संदेह हो.

अगर सदन में महाभियोग पर 51% बहुमत बनता है तो मामला आगे बढ़ता है.

सीनेट

मुक़दमा शुरू होगा, जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस करेंगे. राष्ट्रपति अपने बचाव में एक वकील नियुक्त कर सकता है.

ऐसे में सांसद ज़्यूरी की भूमिका निभाते हैं. मुक़दमे के आख़िर में सांसदों के वोटों के साथ नतीज़ा सामने आएगा.

अगर सांसदों का दो-तिहाई वोट राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ जाता है तो राष्ट्रपति को अपना पद छोड़ना होगा और चुनाव से पहले उप राष्ट्रपति को यह पद संभालना होगा.

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