समलैंगिक सेक्स पर कोर्ट में महिला की बेंत से पिटाई

  • 3 सितंबर 2018
इंडोनेशिया की फ़ाइल फ़ोटो, जिसमें महिला को सार्वजनिक रूप से कोड़े लगाए जा रहे हैं इमेज कॉपीरइट Getty Images

मलेशिया की एक धार्मिक अदालत में दो महिलाओं को एक कार में समलैंगिक सेक्स करने की कोशिश में दोषी ठहराने के बाद उनकी बेंत से पिटाई की गई हैं. 22 और 32 साल की दो मुस्लिम महिलाओं को त्रिंगानु राज्य के शरिया हाई कोर्ट में 6 बार छड़ी से पीटा गया.

अधिकारियों के अनुसार त्रिंगानु में समलैंगिक सेक्स को लेकर पहली बार किसी को दोषी ठहराया गया है और सार्वजनिक रूप से छड़ी से भी पहली बार पीटा गया है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. मलेशिया में समलैंगिक गतिविधियां धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष क़ानून दोनों में प्रतिबंधित है. स्थानीय मीडिया द स्टार के अनुसार जब इन दोनों महिलाओं को बेंत से मारा गया तो वहां 100 लोग मौजूद थे.

मलेशियाई महिलाओं के अधिकारों को लेकर मुखर रहने वाले महिला संगठनों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है.

त्रिंगानु राज्य कार्यकारी परिषद के एक सदस्य सतीफल बहरी ममट ने इस फ़ैसले का बचाव किया है.

उन्होंने कहा कि प्रताड़ित और ज़ख़्मी करने की कोई मंशा नहीं थी. उन्होंने कहा कि ऐसा करके सबक सिखाने की कोशिश की गई है.

दोनों महिलाओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है. दोनों को इसी साल अप्रैल की शुरुआत में गिरफ़्तार किया गया था. पिछले महीने दोनों को कार में समलैंगिक सेक्स की कोशिश में सज़ा सुनाई गई थी. उनकी पिटाई के साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है.

मलेशिया के एक संगठन महिला ऐड ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि दो वयस्कों में सहमति से होने वाली यौन गतिविधियों को अपराध के दायरे में नहीं लाना चाहिए. द स्टार का कहना है कि कोड़े इस्लामिक लॉ के तहत लगाए गए हैं और ऐसा प्रावधान वहां के नागरिक क़ानून में नहीं है.

मलेशिया को उदार मुस्लिम बहुल देश के रूप में जाना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में यहां धार्मिक गोलबंदी बढ़ी है.

इस महीने की शुरुआत में एक मंत्री ने सार्वजनिक प्रदर्शनी से एलजीबीटी से जुड़ी चीज़ों को हटाने का आदेश दिया था. मलेशिया में दो तरह के क़ानूनी सिस्टम हैं- एक शरिया क़ानून है तो दूसरा नागरिक क़ानून.

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