सीरिया रासायनिक हमले की तैयारी में, अमरीका ने दी चेतावनी

  • 7 सितंबर 2018
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अमरीका को शक है कि सीरियाई सरकार विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब प्रांत में रसायनिक हमले की तैयारी कर रही है.

सीरिया में अमरीका के नए राजदूत जिम जेफ्री ने हमले की तैयारी के "कई सबूत" होने का दावा किया है.

इदलिब सीरिया में जिहादी गुटों का आखिरी गढ़ है, जिसे सीरिया की बशर अल-असद सरकार जल्द से जल्द अपने नियंत्रण में ले लेना चाहती है.

हालांकि सीरिया की सरकार रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल से लगातार इनकार करती रही है.

मंगलवार को रूसी विमानों ने इदलिब के मुहमबल और जदराया में हवाई हमले किए थे जिसमें बच्चों समेत कई लोगों के मारे जाने की खबरें आई थीं.

ताज़ा हमले की तैयारी ऐसे वक्त में की जा रही है जब शुक्रवार को ही रूस, ईरान और तुर्की के बीच सम्मेलन होना है. रूस और ईरान, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन करते हैं, जबकि तुर्की विद्रोही गुटों के साथ है.

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इदलिब पर चढ़ाई से मानवीय संकट खड़ा हो सकता है. वहीं तुर्की को डर है कि लड़ाई से प्रभावित इदलिब के लोग तुर्की में घुस जाएंगे.

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Image caption इदलिब में रसायनिक हमले की संभावना को देखते हुए जुगाड़ लगाकर मास्क बनाए जा रहे हैं.

राजदूत नियुक्त किए जाने के बाद अपने पहले इंटरव्यू में जेफ्री ने कहा, "हमारे पास रासायनिक हमले की तैयारी के कई सबूत हैं. इसलिए हमने चेतावनी जारी की है. अगर हमला किया जाता है तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे."

हालांकि जिम जेफ्री ने ये नहीं बताया है कि उनके पास क्या सबूत हैं.

राजनयिक पहल की अपील

अमरीका के रक्षा मंत्री ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर सीरिया की सरकार अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रासायनिक हमला करती है तो अमरीका इसका जवाब देगा.

अप्रैल 2017 में भी इदलिब प्रांत में रासायनिक हमला किया गया था, जिसमें 80 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. संयुक्त राष्ट्र और ओपीसीडब्ल्यू ने हमले के पीछे सरकारी सुरक्षाबलों का हाथ होने का भरोसा जताया था. हालांकि सीरिया की सरकार ने हमलों से इनकार किया था.

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Image caption जैसे-जैसे सरकार विद्रोहियों के ठिकाने पर जीत हासिल करती गई, वहां के लोग भागकर इदलिब आ गए

जेफ्री कहते हैं कि सीरिया में सात साल से जारी गृहयुद्ध को खत्म करने के लिए बड़ी "राजनयिक पहल" करनी होगी.

उन्होंने कहा कि जबतक सीरिया में आईएसआईएस का खात्मा नहीं हो जाता और सीरियाई सरकार का समर्थन करने वाले ईरान के लड़ाके अपने देश वापस नहीं लौट जाते, तब तक डोनल्ड ट्रंप सीरिया की स्थिति पर नज़र बनाए रखेंगे.

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जेफ्री ने कहा कि सीरिया की "कमान ज़्यादा दिन तक राष्ट्रपति असद के हाथ में नहीं रहेगी". हालांकि जेफ्री ने साफ़ किया कि असद को सत्ता से बेदखल करने का काम अमरीका का नहीं है.

उन्होंने कहा कि अमरीका, सीरिया में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया में रूस के साथ मिलकर काम करेगा.

जेफ्री ने कहा, "सीरिया की सरकार इस वक्त लाशों के ढेर पर बैठी है और उसके पास सिर्फ़ आधे सीरिया का कब्ज़ा है."

सीरियाई सरकार ने सहयोगी रूस के हवाई हमलों और ईरान समर्थित हज़ारों लड़ाकों की मदद से देश के बाकी हिस्से में विद्रोहियों को उखाड़ फेंका है. इसलिए इदलिब सीरिया युद्ध का आखिरी पड़ाव है.

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माना जाता है कि इदलिब में 30 हज़ार से ज़्यादा विद्रोही और जिहादी लड़ाके मौजूद हैं.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इदलिब में 29 लाख लोग रहते हैं जिनमें से क़रीब 10 लाख बच्चे हैं. इस शहर के अधिकतर बाशिंदे विद्रोहियों के कब्ज़े वाले अन्य इलाकों से भागकर आए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के मुताबिक इदलिब पर हमले से आठ लाख लोग विस्थापित हो सकते हैं. ऐसे में एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा होने का खतरा है.

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