बीजेपी को बातचीत से वोट कटने का डर है: पाकिस्तान

  • 8 सितंबर 2018
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Image caption पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान

पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना दोनों शांति बहाल करने के लिए तत्पर हैं पर भारत की तरफ़ से अब तक सकारात्मक रुख़ सामने नहीं आया है.

बीबीसी को दिए ख़ास इंटरव्यू में फ़वाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान जल्द ही भारत से करतारपुर सीमा के ज़रिए सिख तीर्थयात्रियों को बिना वीज़ा के पाकिस्तान आने देने का फ़ैसला लेगा. भारत से सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन करने जाते हैं.

इस गुरुद्वारे की सिखों में काफ़ी अहमियत है. गुरुद्वारा रावी नदी के तट पर पाकिस्तान के नारोवाल ज़िले के करतारपुर में है.

इसकी दूरी डेरा दरबार साहिब रेलवे स्टेशन से महज चार किलोमीटर है. फ़वाद चौधरी ने कहा कि इसके लिए एक तंत्र विकसित किया गया है और कुछ महीनों के लिए सिख श्रद्धालुओं को बिना वीज़ा के एंट्री मिलेगी.

फ़वाद चौधरी का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद से इमरान ख़ान ने भारत को कई सकारात्मक संकेत दिए हैं.

उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री और आर्मी प्रमुख दोनों इस बात को मानते हैं कि बिना शांति और स्थिरता के कोई भी देश प्रगति की राह पर नहीं बढ़ सकता है.''

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इमरान ख़ान ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में भारत के तीन क्रिकेटरों को आमंत्रित किया था. अपनी जीत के बाद इमरान ख़ान के कहा था कि अगर भारत शांति के लिए एक क़दम आगे बढ़ाता है तो पाकिस्तान दो क़दम आगे बढ़ाएगा.

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इमरान ने भारतीय प्रधानमंत्री से बातचीत भी की थी. हालांकि फ़वाद चौधरी का कहना है कि भारत ने अपनी प्रतिक्रिया में कोई गर्मजोशी नहीं दिखाई.

सूचना मंत्री ने कहा कि भारत के साथ समस्या यह है कि नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान विरोधी अभियान चलाया था. उन्होंने कहा, ''भारत में एक बार फिर से चुनाव होने वाले हैं. बीजेपी को लगता है कि पाकिस्तान के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाने से उसके वोट कट जाएंगे.''

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इमरान ख़ान की नीति भारत को लेकर उनके पूर्ववर्ती से अलग कैसे होगी? इस सवाल के जवाब में फ़वाद चौधरी ने कहा, ''पहले की रिलेशनशिप नवाज़ शरीफ़, जिंदल और मोदी के बीच थी. अब बात भारत और पाकिस्तान के बीच होगी. अब सभी तरह के सियासी हालात और संस्थान एक साथ हैं और हम सहमति से आगे बढ़ना चाहते हैं. पश्चिम के देशों की शिकायत रही है कि पाकिस्तान में सेना और सरकार का रुख़ अलग-अलग होता है. लेकिन अब ऐसी कोई शिकायत नहीं है. अब सेना और सरकार दोनों साथ हैं.''

फ़वाद चौधरी ने कहा कि इमरान ख़ान की सरकार को पड़ोसियों से संबंध सुधारने के लिए सेना का पूर्ण समर्थन हासिल है. उन्होंने कहा कि भारत के साथ भी ऐसा ही है ताकि शांति और स्थिरता बहाल कर प्रगति की राह पर बढ़ा जा सके.

अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो पाकिस्तान पहुंचे हैं. इस दौरे को लेकर फ़वाद चौधरी ने कहा, ''अमरीकी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक बहुत ही ख़ुशनुमा माहौल में हुई.''

फ़वाद चौधरी ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने मुझसे निजी तौर पर कहा कि बैठक बहुत अच्छी रही है. अमरीकी प्रतिनिधिमंडल के साथ कई मुद्दों पर खुली बातचीत हुई. अमरीका और पाकिस्तान के बीच मतभेद उतना भी नहीं है जितना पहले सोचा जा रहा था. इमरान ख़ान अफ़ग़ानिस्तान और पख्तून संस्कृति जितना समझते हैं उतनी समझ पहले की किसी भी प्रधानमंत्री की नहीं रही है. इमरान की लोकप्रियता पख्तूनों के बीच भी काफ़ी है और इससे अफ़ग़ानिस्तान से संबंधों को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी.''

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पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियां चुनाव में कथित धांधली की जांच के लिए एक संसदीय आयोग गठित करने की मांग कर रही हैं. फ़वाद चौधरी ने कहा कि इमरान ख़ान ने इस मामले में पहले ही आश्वस्त कर दिया है.

सत्ता में आने के बाद से इमरान ख़ान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं पर कई तरह के आरोप लगे रहे हैं. फ़वाद चौधरी ने कहा कि मीडिया कुछ ज़्यादा ही जल्दबाज़ी में है.

उन्होंने कहा, ''सत्ता में आने के बाद हमने 11 दिन काम किए हैं. मीडिया ने अभी से ही आलोचना शुरू कर दी. ऐसा लग रहा है कि मानों हम सत्ता में पिछले 11 सालों से हैं. हालांकि ये आलोचना हमारी सरकार के लिए ठीक है और यह देश के भी हक़ में है.''

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