उर्दू प्रेस रिव्यू: पाकिस्तान को लेकर असमंजस में नरेंद्र मोदी सरकार: फ़व्वाद चौधरी

  • 9 सितंबर 2018
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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते पाकिस्तान में बांध बनाने के लिए लोगों से प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की भावुक अपील, अमरीकी विदेश मंत्री का पाकिस्तान दौरा, भारत के सिखों के लिए करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने का पाकिस्तान का फ़ैसला सुर्ख़ियों में रहे.

सबसे पहले बात पाकिस्तानी सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी के एक इंटरव्यू की.

बीबीसी को दिए इंटरव्यू में फ़व्वाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को बातचीत और संबंधों को सुधारने के जो संकेत दिए हैं उन्हें सेना का सम्पूर्ण समर्थन हासिल है.

अख़बार दुनिया के अनुसार फ़व्वाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान की नई सरकार और सेना क्षेत्र में शांति के लिए भारत से बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन भारत की तरफ़ से पाकिस्तान की नई सरकार को सकारात्मक जवाब नहीं मिले.

फ़व्वाद चौधरी ने बीजेपी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए कहा, ''भारत की सबसे बड़ी दिक़्क़त ये है कि नरेंद्र मोदी ने जिस तरह पाकिस्तान विरोध पर अपनी चुनावी मुहिम चलाई, अब बीजेपी इस सोच में फंसी हुई है कि कहीं पाकिस्तान की तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ाने से उनके मतदाताओं पर कोई फ़र्क़ न पड़ जाए.''

इसी साक्षात्कार के दौरान फ़व्वाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान जल्द ही भारत के सिख यात्रियों के लिए करतार सिंह बॉर्डर खोल देगा और भारत के सिखों को करतारपुर साहिब जाने के लिए वीज़े की भी ज़रूरत नहीं होगी.

'क्या पाकिस्तान के अर्दोआन साबित होंगे इमरान ख़ान?'

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पाकिस्तान का करतारपुर साहिब दुनिया भर के सिखों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है. लेकिन भारत के सिखों के लिए समस्या ये है कि करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए पाकिस्तान उन्हें वीज़ा नहीं देता था और अगर देता भी था तो बहुत मुश्किल से.

भारत के सिख पाकिस्तान से इस बारे में कई बार अपील कर चुके हैं.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पंजाब प्रांत में मौजूदा मंत्री कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू ने इमरान ख़ान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से भी मुलाक़ात की थी और दोनों एक दूसरे से गले भी मिले थे.

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इस बात के लिए भारत में सिद्धू की कड़ी आलोचना हुई थी. सिद्धू ने अपने बचाव में कहा था कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने उनसे वादा किया है कि पाकिस्तान जल्द ही करतारपुर साहिब जाने के लिए रास्ता खोल देगा.

शुक्रवार को पाकिस्तान ने इस संबंध में घोषणा भी कर दी कि जल्द ही भारतीय सिख बिना किसी वीज़े के करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेंगे. अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार सिद्धू ने इमरान ख़ान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा है कि, ''भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अपील करता हूं कि पाकिस्तान एक क़दम चला है तो भारत भी एक क़दम बढ़ाए.''

पाकिस्तानी फ़ौज के सामने इमरान की कितनी चलेगी?

प्यास बुझाने के लिए चंदा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार की शाम राष्ट्र के नाम अपने संदेश में पाकिस्तान में पानी के संकट का ज़िक्र करते हुए लोगों से मदद करने की अपील की.

अख़बार जंग के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने कहा कि अगर बांध नहीं बने तो सात साल बाद यानी 2025 में पीने के लिए और फ़सलों के लिए पानी नहीं होगा.

अख़बार लिखता है कि इमरान ख़ान ने पानी की कमी को फ़िलहाल पाकिस्तान का सबसे बड़ा संकट क़रार दिया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए ज़रूरी है कि पूरे देश में बांध बनाए जाएं, लेकिन समस्या ये है कि उतने पैसे हैं नहीं, पुराने विदेशी क़र्ज़ लौटाने के पैसे हैं नहीं और नया क़र्ज़ कोई देगा नहीं.

उन्होंने देश-विदेश में रह रहे पाकिस्तानियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर हर व्यक्ति एक हज़ार डॉलर बांध बनाने के लिए दान कर दे तो सारी समस्या दूर हो जाएगी.

इस मौक़े पर उन्होंने घोषणा कर दी कि पानी की समस्या के समाधान के लिए शुक्रवार से ही काम शुरु हो गया है.

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Image caption अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो

पॉम्पियो का दौरा भी छाया रहा

इसी हफ़्ते अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो एक दिन के लिए पाकिस्तान पहुंचे थे. ज़ाहिर है पाकिस्तान के सभी अख़बारों ने उनके दौरे को बढ़ा चढ़ा कर कवर किया था.

एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाक़ात की. अख़बार के अनुसार अमरीकी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान से साफ़ कह दिया कि चरमपंथ को रोकने के लिए पाकिस्तान को निर्णायक क़दम उठाने होंगे. अमरीकी विदेश मंत्री का पाकिस्तानी दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अमरीका ने पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लगा दी है.

अख़बार के मुताबिक़ जब एक पत्रकार ने अमरीकी विदेश मंत्री से इस बारे में सवाल पूछा तो उनका कहना था, ''पाकिस्तान ने अब तक दहशतगर्द संगठनों के ख़िलाफ़ उतनी कार्रवाई नहीं की है कि अमरीका से उसको मिलने वाली आर्थिक मदद पर लगी रोक समाप्त कर दी जाए.''

हेलिकॉप्टर से आवाजाही पर इमरान ख़ान का बना मज़ाक

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धार्मिक मान्यता के कारण इस्तीफ़ा

एक और ख़बर जो पाकिस्तानी अख़बारों में इस हफ़्ते सुर्ख़ियां बटोरती रही, वो थी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के एक सदस्य के इस्तीफ़े की.

इमरान ख़ान ने सत्ता संभालते ही अमरीका में काम कर रहे आतिफ़ मियां को आर्थिक सलाहकार परिषद का सदस्य बनाया था. आतिफ़ मियां अहमदिया संप्रदाय के मानने वाले हैं जिन पर पाकिस्तान में प्रतिबंध लगा हुआ है.

पाकिस्तान के कई धार्मिक और सियासी संगठनों ने आतिफ़ मियां के ख़िलाफ़ बयान दिया था. आख़िरकार सरकार उन गुटों के दबाव में आ गई और आतिफ़ मियां को इस्तीफ़ा देने के लिए कह दिया. केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी ने कहा कि ख़त्म-नबूवत (यानी पैगंम्बर मोहम्मद अल्लाह के आख़िरी दूत हैं और अब इसके बाद कोई नहीं आएगा) उनके ईमान का हिस्सा है.

अख़बार दुनिया के अनुसार सरकार के इस फ़ैसले के विरोध में आर्थिक सलाहकार परिषद के एक और सदस्य आसिम एजाज़ ख़्वाजा ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है.

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