ट्रंप के नाम किम जोंग उन की 'दोस्ती भरी' पाती

  • 11 सितंबर 2018
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अमरीका ने बताया है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को अपने ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बाद फॉलो-अप मीटिंग के लिए ख़त लिखा है.

अमेरिका का कहना है कि वो पहले से ही एक नई मीटिंग तय करने पर विचार कर रहा है.

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स का कहना है कि उत्तर कोरिया की तरफ़ से ये ख़त दिखाता है कि वो परमाणु मुक्त होने को लेकर प्रतिबद्ध है.

जून में सिंगापुर में दोनों नेताओं के ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बाद इस विषय पर बातचीत रुक गई थी.

सैंडर्स ने कहा, "पत्र का प्राथमिक उद्देश्य अनुरोध करना था और राष्ट्रपति के साथ एक और बैठक निर्धारित करना था, जिसके लिए हम तैयार हैं और पहले ही इसे तय करने की प्रक्रिया में हैं."

उन्होंने कोई संकेत नहीं दिया कि दोनों नेताओं के बीच दूसरी संभावित बैठक कब हो सकती है.

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दक्षिण कोरिया की भूमिका

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन ने इस ख़बर का स्वागत करते हुए कहा कि "कोरियाई प्रायद्वीप का पूरी तरह से परमाणु मुक्त होना एक ऐसा मुद्दा है जिसे अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच बातचीत के माध्यम से ही हल किया जाना चाहिए."

जून में सिंगापुर शिखर सम्मेलन में मून जेई-इन की मध्यस्थता काफ़ी महत्वपूर्ण थी और वे खुद भी अगले हफ्ते प्योंगयांग में किम जोंग-उन से तीसरी बार आमने-सामने मिलने वाले हैं.

सियोल से बीबीसी संवाददाता लौरा बिकर का कहना है कि मून जे-इन दोनों पक्षों के बीच खुद को मध्यस्थ के रूप में देखते है और उन्होंने दोनों से साहसिक कदम उठाने की बात कही है.

उत्तर कोरिया का ये पत्र ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी के प्रमुख युकिया अमानो ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया की मौजूदा परमाणु गतिविधियां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन हैं.

अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक उत्तर कोरिया में प्रतिबंधित हैं, लेकिन अमानो ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक समझौता होता है तो वे वापस लौटने के लिए तैयार हैं.

सैंडर्स ने पिछले हफ़्ते हुई उत्तर कोरिया की सैन्य परेड की भी प्रशंसा की और कहा कि "यह पहली बार था जब ये परेड उनके परमाणु हथियारों को लेकर नहीं थी. सैंडर्स ने इसका श्रेय ट्रंप की सफ़ल नीतियों को दिया.

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Image caption उत्तरी कोरिया की 70वीं वर्षगांठ परेड

सकारात्मक क़दम

खबरों के मुताबिक़ उत्तरी कोरिया ने अपनी 70वीं वर्षगांठ परेड में अपने सैनिक, टैंक और अन्य हथियार तो दिखाए, लेकिन किसी भी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) का प्रदर्शन नहीं किया था.

आईसीबीएम, जो अमेरिका को टारगेट करने में सक्षम है और संभावित तौर पर इसमें परमाणु हथियार भी लैस किए जा सकते हैं, इसका प्रदर्शन करना उकसावे के रूप में देखा जाता.

ट्रंप ने ट्विटर के माध्यम से उत्तर कोरिया के नेता का शुक्रिया अदा किया और कहा कि ये परेड "उत्तरी कोरिया का एक बड़ा और बहुत सकारात्मक क़दम" थी.

"चेयरमैन किम को धन्यवाद. हम दोनों सभी को गलत साबित करेंगे!"

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सिंगापुर के शिखर सम्मेलन में, दोनों नेताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने की दिशा में काम करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए.

लेकिन इस प्रक्रिया के लिए समयसीमा, विवरण या कोई तरीका तय नहीं हुआ.

उच्चस्तरीय वार्ता और यात्राएं जारी हैं, लेकिन हाल ही में अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो का तय दौरा आखिरी मिनट में रद्द कर दिया गया.

दोनों पक्षों ने वार्ता को रोकने के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया है जबकि दोनों ही ज़ोर देकर कह रहे हैं कि वे वार्ता के लिए प्रतिबद्ध थे.

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