इंडोनेशिया में भूकंप: पालू शहर में भारी तबाही, 384 की मौत

  • 29 सितंबर 2018
भूकंप इमेज कॉपीरइट AFP

इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी का कहना है कि शुक्रवार को इंडोनेशियाई द्वीप सुलावेसी पर आये भूकंप और सुनामी में अब तक 380 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

मरने वालों की संख्या सबसे ज़्यादा पालू शहर में है, जहाँ शुक्रवार को क़रीब 10 फ़ीट ऊंची लहरें शहर में प्रवेश कर गईं थीं.

पालू शहर से आ रहीं तस्वीरों में सड़कों पर फैले हुए दर्जनों शव साफ़ देखे जा सकते हैं. कई बड़ी इमारतें ज़मींदोज़ हो गई हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि शहर का सबसे बड़ा अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गया है. इस वजह से अस्थायी तंबुओं में घायलों का इलाज चल रहा है.

इंडोनेशिया की फ़ौज का कहना है कि स्थानीय हवाई अड्डा आंशिक रूप से नष्ट हो जाने के कारण पालू शहर तक मदद पहुँचाने में दिक्कतें हो रही हैं.

इंडोनेशिया की फ़ौज लगातार राजधानी जकार्ता से सुलावेसी द्वीप पर सैन्य मदद पहुँचाने की कोशिश कर रही है.

शुक्रवार को इंडोनेशिया के तटीय शहर डोंगाला में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था जिसके बाद पालू शहर में भयंकर सुनामी ने दस्तक दी थी.

इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी ने बताया है कि शनिवार को भी भूकंप के छोटे-मोटे झटके महसूस किये गए हैं. हज़ारों घर ढह गए हैं. कुछ अस्पतालों, होटलों और शॉपिंग सेंटरों को भी क्षति पहुँची है.

सुनामी ने जिस पालू शहर में सबसे ज़्यादा तबाही मचाई की है, उसकी आबादी क़रीब तीन लाख बताई जाती है.

यहाँ के एक मंत्री के अनुसार, शहर में बचाव कार्य जारी है. पालू में टेलीफ़ोन और बिजली सेवा फिलहाल ठप है. शहर को जाने वाली मुख्य सड़क भूस्खलन के कारण मलबे में दब गई है.

पिछले एक महीने में इंडोनेशिया में कई भूकंप आ चुके हैं. 5 अगस्त को इंडोनेशिया के लॉमबोक में आये भूकंप में 460 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

इमेज कॉपीरइट AFP
इमेज कॉपीरइट EPA
इमेज कॉपीरइट ANTARA FOTO/REUTERS

इंडोनेशिया में अक्सर भूकंप आते रहते हैं क्योंकि ये रिंग ऑफ फ़ायर पर है.

साल 2004 में इंडोनेशिया के ही सुमात्रा द्वीप पर आये भूंकप के बाद हिंद महासागर में सुनामी आया था और 2,26,000 लोगों की मौत हो गई थी.

उस वक़्त अकेले इंडोनेशिया में ही क़रीब सवा लाख लोग मारे गए थे.

ये भी पढ़ें:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे