अफ़्रीका के भीतर क्यों मुश्किल है अफ़्रीकी लोगों की यात्रा

  • 28 अक्तूबर 2018
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अफ़्रीका एक ऐसा महाद्वीप है जहाँ किसी एक अफ़्रीकी देश के नागरिक के लिए दूसरे अफ़्रीकी देश में यात्रा करना बेहद मुश्किल है.

अफ़्रीका के सबसे अमीर शख़्स अलीको डंगोते को अपने ही महाद्वीप में घूमने के लिए नाजीरियाई पासपोर्ट पर 38 वीज़ा लेने की ज़रूरत पड़ती है.

जबकि कई यूरोपीय देश ऐसे हैं जिनके नागरिकों को अफ़्रीका के लिए वीज़ा लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

साल 2018 में अफ़्रीकी नागरिकों के लिए महाद्वीप में वीज़ा की ज़रूरत को ख़त्म करने का फ़ैसला लिया गया था.

दरअसल अफ़्रीकी यूनियन ने 'अगले 50 साल के रोडमैप' के तहत साल 2013 में ये फ़ैसला लिया था.

लेकिन अब तक सैशल्स अकेला ऐसा देश है जहाँ सभी अफ़्रीकी बिना वीज़ा के यात्रा कर सकते हैं.

अफ़्रीकी यूनियन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ़ 22 फ़ीसदी अफ़्रीकी लोग ही अन्य महाद्वीप देशों में बिना वीज़ा सफ़र कर सकते हैं.

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आख़िर क्यों हैं इतने कड़े नियम

ये बेहद संजीदा विषय है. कुछ समृद्ध अफ़्रीकी देश अन्य अफ़्रीकी देशों से नापसंदगी का भाव रखते हैं.

जबकि 'केप टू काइरो' (उत्तर और दक्षिण अफ़्रीका को जोड़ने वाला अधूरा रेल प्रोजेक्ट) के नीति निर्माता भी ये मानते हैं कि अफ़्रीकी देशों में अफ़्रीका के लोगों की फ़्री आवाजाही ही इस महाद्वीप के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

अफ़्रीका के 55 देशों में से 35 देश घूम चुकीं ट्रैवल ब्लॉगर नज़मा लिखती हैं कि ''हमारे नेता एक नए स्तर पर जाकर उपनिवेशवाद की सीमाओं के रक्षक बनते जा रहे हैं.''

अफ़्रीकी यूनियन इसे एक सीमाविहीन महाद्वीप बनाना चाहता है जिसमें एक अरब 20 करोड़ लोग एक से दूसरे देश तक बिना किसी बाधा के घूम सकें.

जैसा कि यूरोपीय यूनियन के देशों में होता है. लेकिन अफ़्रीका के लिए ये आसान नहीं है.

मसलन अफ़्रीकी देश बुर्कीना फ़ासो में आगमन वीज़ा के लिए 200 डॉलर का भुगतान करना पड़ता है.

तंज़ानिया में उन अफ़्रीकी लोगों को भी ग़िरफ्तार कर लिया जाता है जो ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से देश में घुसने की कोशिश करते हैं या घुसते हैं.

ऐसे कई सारे उदाहरण अफ़्रीकी देशों में मिल जाते हैं.

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दोहरे मापदंड

अफ़्रीका में भी दक्षिण अफ़्रीका के वीज़ा के नियम बेहद दोहरे हैं.

दक्षिण अफ़्रीका के नियम अन्य अफ़्रीकी देशों के सैलानियों के लिए काफ़ी कड़े हैं.

इसके अपेक्षाकृत ये दुनिया के अन्य देशों के सैलानियों के लिए ज़्यादा आसान है.

केवल 15 अफ़्रीकी देशों के लोग ही दक्षिण अफ़्रीका में बिना वीज़ा सफ़र कर सकते हैं.

वहीं 28 यूरोपीय देशों के लिए यहाँ वीज़ा का कोई प्रावधान नहीं है.

देश के गृह विभाग के प्रवक़्ता थाबो मोकगोला ने अपनी नीतियों का बचाव करते हुए बीबीसी से कहा, ''ये एक अनुचित दावा है. वीज़ा छूट समझौते आपसी संबंधों पर आधारित होते हैं. हम इस पर अन्य अफ़्रीकी देशों से बात कर रहे हैं.''

मोकगोला के इस बयान को इस उदाहरण से समझिए.

कीनिया दक्षिण अफ़्रीकी लोगों को आगमन वीज़ा मुफ़्त मुहैया कराता है. लेकिन कीनिया के लोगों को दक्षिण अफ़्रीका आने के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता है और इसके साथ ही कम से कम पाँच दिनों का इंतज़ार करना पड़ता है.

अफ़्रीकी यूनियन के वीज़ा को ख़त्म करने के प्रस्ताव के ठीक दो साल बाद यानी 2015 में दक्षिण अफ़्रीका ने अपने वीज़ा के नियमों को और भी कड़ा कर दिया.

अब मंदी और सैलानियों की घटती संख्या के बीच देश ने अपनी नीतियों को दोबारा ढीला किया है.

नामीबिया, मॉरीशस, घाना, रवांडा, बेनिन और कीनिया ही ऐसे देश हैं जिन्होंने अफ़्रीकी नागरिकों के आगमन पर कोई शर्त नहीं रखी है.

इन देशों में कोई भी अफ़्रीकी पासपोर्ट पर ही 90 दिनों तक ठहर सकते हैं. लेकिन इस महाद्वीप के लगभग 54 देश ऐसे हैं जहाँ अभी भी अंग्रेज़ी उपनिवेश में खींची गईं सीमाएं लागू हैं.

साल 2016 में नाइजीरियाई अरबपति अलीको डंगोते ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरे जैसे लोगों को भी अफ़्रीका के विभिन्न देशों में जाने के लिए लगभग 38 वीज़ा लेने की ज़रूरत पड़ती है.

उन्होंने साल 2016 में लॉन्च हुए अफ़्रीकी पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है.

लेकिन ये पासपोर्ट अभी उच्च सरकारी पदों, राजनायिकों और अफ़्रीकी यूनियन के अधिकारियों सहित कुछ कुलीन लोगों के लिए ही उपलब्ध है.

मंहगी फ्लाइट्स

अफ़्रीकी देशों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने के लिए बेहद कम व्यावसायिक फ्लाइट हैं और ये काफ़ी मंहगी है.

कीनिया के एक ब्लॉगर विनी रोबिया के मुताबिक़, कीनिया से नामीबिया जाने के लिए उतने ही पैसे लगते हैं जितना थाईलैंड जाने के लिए मुझे देना पड़ता है. और इसमें वीज़ा शुल्क शामिल नहीं है.

ब्लॉगर विनी के अनुसार ट्रांसपोर्ट के ख़र्चे से ज़्यादा पैसे वीज़ा के आवेदन में लगते हैं.

अपने देश के लोगों की मदद करने के लिए नाइजीरियाई उद्यमी फ़ुनामी ओयाटोंग ने अफ़्रीकी देशों का रंग-बिरंगा ऐसा मानचित्र तैयार किया है जिनकी मदद से ये समझा जा सकता है कि कौन सा देश नाइजीरिया के नागरिकों के लिए सबसे सरल नियम रखता है.

उनका कहना है कि मैं अफ़्रीकी लोगों के लिए अफ़्रीका में यात्रा करना सरल बनाना चाहती हूँ.

अफ़्रीकी लोगों के लिए अफ़्रीकी देशों में वीज़ा का प्रावधान ख़त्म हो इसे बड़ा जनसमर्थन मिलता रहा है लेकिन साल 2018 तक दिया गया वक़्त अब बीतता नज़र आ रहा है.

कुछ लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इसमें बदलाव देखने को मिलेंगे.

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