आईएमएफ़: चीन-अमरीका का ट्रेड वॉर दुनिया को ग़रीब बना देगा

  • 9 अक्तूबर 2018
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि अमरीका और चीन के बीच का व्यापार युद्ध दुनिया को और ग़रीब और ख़तरनाक बना देगा. वैश्विक अर्थव्यवस्था के अपने ताज़ा आंकलन में आईएमएफ ने ये बात कही है.

आईएमएफ़ ने मौजूदा साल और अगले साल के लिए वैश्विक विकास के अपने पूर्वानुमान को कम किया है.

संस्था का कहना है कि अमरीका और चीन के बीच व्यापार युद्ध से अर्थव्यवस्था को जो नुकसान होगा, उससे उबर पाना बेहद मुश्किल होगा.

आईएमएफ के प्रमुख अर्थशास्त्री के मुताबिक अगर ये व्यापारिक तनाव जारी रहा तो इसका घरेलू, व्यापारिक और आर्थिक क्षेत्र पर बुरा असर पड़ेगा.

हाल ही में चीन ने अमरीकी सामान पर $60 बिलियन का नया व्यापार शुल्क लगाया था. अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि ऐसा करके चीन अमरीका के मध्यावधि चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है.

ट्रंप ने लिखा, "अगर हमारे किसानों और मज़दूरों को निशाना बनाया गया तो हम चीन को माकूल आर्थिक जवाब देंगे."

अमरीका ने पिछले महीने ही चीन पर $200 बिलियन का आयात शुल्क लगाया था.

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वैश्विक वृद्धि को ख़तरा

2018 और 2019 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि 3.7% रहने का अनुमान जताया गया है. जबकि पिछले साल आईएमएफ का अनुमान 3.9% रहा था.

वेनेज़ुएला फ़िलहाल आर्थिक मंदी के दौर से गुज़र रहा है. अनुमान जताया गया है कि 2019 में वेनेज़ुएला आर्थिक मंदी के छठे साल में प्रवेश कर जाएगा.

अगले साल वेनेज़ुएला की महंगाई दर दस मिलियन प्रतिशत तक पहुंचा सकती है.

अर्जेंटीना हाल ही में आईएमएफ़ का बकाया चुकाने के लिए राज़ी हुआ है. अनुमान जताया गया है कि अर्जेंटीना को 2018 और 2019 में आर्थिक झटके लग सकते हैं.

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क्या ये व्यापारिक तनाव और बढ़ेगा

अमरीका और चीन के व्यापार शुल्कों में बढ़ोतरी होने की वजह से 2019 में दोनों देशों की तरक्की प्रभावित होने की आशंका है.

आईएमएफ के ओब्लफेल्ड कहते हैं कि चीन और अमरीका के नेताओं को लोगों की बेहतरी के लिए मिलकर काम करना होगा, नहीं तो दुनिया और "गरीब और खतरनाक हो जाएगी."

अमरीका ने कहा है कि वो अपने यहां आयात होने वाली कारों पर 25 फीसदी का शुल्क लगाएगा. आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि अगर वो ऐसा करता है तो दुनिया की विकास दर को स्थाई तौर पर नुकसान झेलना पड़ सकता है.

इन हालात में अमरीका की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होगा, वहीं 2019 में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 5% से कम रह सकती है. जबकि मौजूदा साल का अनुमान 6.2% का है.

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ब्रिटेन और ब्रेग्ज़िट

इस साल ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था बढ़कर 1.4% हो सकती है और 2019 में इसके 1.5% होने का अनुमान है.

हालांकि आईएमएफ़ ने ये भी कहा है कि अगर ब्रेग्ज़िट बिना किसी डील के होता है तो इससे कुछ ख़तरा ज़रूर हो सकता है.

इसका मानना है कि ब्रेग्ज़िट के बाद ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव आएंगे. इसकी वजह से कुछ लोगों की नौकरियां भी जा सकती हैं.

इसका कहना है कि ब्रेग्ज़िट के बाद बढ़े करों की वजह से कई उद्योगों पर असर पड़ेगा. इससे बचने के लिए ब्रिटेन को ज़रूरी कदम उठाने होंगे.

वहीं आईएमएफ का कहना है कि ब्रिटेन को महंगाई से बचने के लिए अगले कुछ सालों में ब्याज की दरें बढ़ानी होंगी. आईएमएफ़ कहता है कि ब्रैंक ऑफ इंग्लैंड को अपना रवैया लचीला रखना होगा और ब्रेग्ज़िट डील के बाद किसी भी दिशा में जाने के लिए तैयार रहना होगा.

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