बन सकते हैं मंत्री, बस चाहिए अनुभव और कौशल

  • 10 अक्तूबर 2018
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इराक़ के नव-निर्वाचित प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी ने अपने मंत्रिमंडल में इराक़ी नागरिकों को शामिल करने के लिए एक वेबसाइट लॉन्च की है.

अब्दुल महदी ने इराक़ के आम लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा है कि जिन लोगों के पास काम करने का अनुभव और कौशल हो, वे नई सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

इस वेबसाइट (https://iraqcabinet2018.com) पर आवेदन की समयसीमा 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर के बीच बताई गई है.

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि महदी ने वेबसाइट बनाने का फ़ैसला तब लिया जब उनके पास नई सरकार में मंत्री बनने के लिए व्यक्तिगत बैठक करके आवेदन करने की दरख्वास्त आई.

इराक़ के नए राष्ट्रपति बरहाम सालेह ने बीते हफ़्ते अब्दुल महदी को नई सरकार बनाने के लिए चुना है और महदी को अगले 30 दिनों में नई सरकार का गठन करना है.

इराक़ युद्ध और इस्लामिक स्टेट के साथ लंबे समय तक चले संघर्ष के बाद इराकियों के लिए ये सरकार एक नई सुबह जैसी है.

नई सरकार के सामने चुनौतियां

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बीते कई सालों से जारी हिंसक संघर्ष के बाद इराक़ का आधारभूत ढांचा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है और सरकार बीते कुछ सालों में अपने नागरिकों को आम सुविधाएं देने में असफल रही है.

इसकी वजह से कई बार इराक़ी लोगों ने सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किए हैं.

ऐसे में इराक़ की नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये होगी कि वह इराक़ी जनता का भरोसा जीत सके.

इराकी सेना को कथित संगठन इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ संघर्ष में बढ़त हासिल हुई है.

इस वजह से नई सरकार अपने संसाधनों को सैन्य मिशन पर लगाने की जगह मूलभूत सुविधाओं को जुटाने पर लगा सकती है.

इसके साथ ही तेल उत्पादन और तेल के दामों में बढ़त होने से नई सरकार को संघर्षरत इराक़ के नव-निर्माण में सहायता मिल सकती है.

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कौन हैं इराक के नए प्रधानमंत्री

इराक़ के नव-निर्वाचित प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी के अतीत की बात करें तो वो इराक़ के उन नेताओं में शामिल रहें हैं जिनके हाथों में इराक़ की कम्युनिस्ट पार्टी की बागडोर हुआ करती थी.

सत्तर के दशक में महदी इराक़ कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में शामिल होने के बाद साल 1980 तक इसके लिए काम करते रहे.

इसके बाद शिया समुदाय से आने वाले महदी ने ईरान के इस्लामिक विचारों को स्वीकार कर लिया.

लेकिन सद्दाम हुसैन युग के बाद वाले इराक़ में महदी ने कार्यकारी सरकार में उप-राष्ट्रपति का पद संभाला.

इसके बाद उन्होंने यूनाइटेड इराक़ी एलाएंस की ओर से चुनाव लड़ा. लेकिन इस चुनाव में महदी को एक वोट के अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा.

इराक़ में चरमपंथी तत्व अब तक दो बार महदी को निशाना बना चुके हैं. ऐसी ही एक घटना में दस लोगों की मौत हुई थी.

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