फ़िनलैंड में नोकिया की बर्बादी के ग़ुस्से से यूं आई ख़ुशहाली

  • 16 अक्तूबर 2018
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एक वक़्त था जब मोबाइल फ़ोन की दुनिया में फ़िनलैंड की कंपनी नोकिया का बोलबाला हुआ करता था.

साल 2000 की शुरुआत में वैश्विक मोबाइल बाज़ार में 40 फ़ीसदी हिस्सा नोकिया के पास हुआ करता था.

लेकिन इसके 10 साल के अंदर ही नोकिया का हैंडसेट व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ.

दक्षिण कोरिया से लेकर जापानी कंपनियों ने दुनिया के मोबाइल फ़ोन बाज़ारों पर कब्ज़ा जमाना शुरू किया.

इसकी वजह से फ़िनलैंड के ओलू शहर की अर्थव्यवस्था चरमरा गई, क्योंकि ये वो शहर था जहां नोकिया अपने ज़्यादातर मोबाइल फ़ोनों का निर्माण किया करता था.

इस शहर की आबादी का एक बड़ा भाग अपनी जीविका के लिए नोकिया पर निर्भर था.

फ़िनलैंड की सार्वजनिक फंडिंग एजेंसी 'बिज़नेस फ़िनलैंड' से जुड़े आर्टो पसिनेन कहते हैं, "ये बहुत ही बुरा वक्त था. 4300 लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था."

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नोकिया को नुक़सान होने का सीधा असर फ़िनलैंड के ओलू शहर में रहने वाले लोगों पर पड़ा. लोगों की ज़िदगियां सीधे तौर पर प्रभावित हुईं. जीविका का साधन अचानक से बाधित हो गया.

स्लीप ट्रैकर नाम की अंगूठी नुमा डिवाइस बनाने वाली कंपनी ओउरा रिंग से जुड़े पेट्टरी लाथेला कहते हैं, "उस समय लोगों में बहुत ग़ुस्सा और शर्म का भाव था. इससे एक तरह की असुरक्षा की भावना पैदा हुई. लोगों को पता नहीं था कि अब क्या होगा और वह किस तरह इसका सामना करेंगे."

नोकिया के धीरे-धीरे बाज़ार से बाहर होने की वजह से लोग परेशान थे.

उस समय के हालात को बयां करते हुए आर्टो पसिनेन बताते हैं, "शहर में माहौल काफ़ी गंभीर था. लेकिन फिर अचानक से लोगों को ये अहसास हुआ कि ये एक नई शुरुआत भी हो सकती है."

एक नई शुरुआत का दौर

ओलू शहर में तकनीक क्षेत्र के लोगों ने एक नई शुरुआत की ओर क़दम बढ़ाने शुरू किए.

ख़ास बात ये है कि नोकिया ने भी इसमें एक अहम भूमिका अदा की.

आर्टो पसिनेन बताते हैं, "उस समय पूरी दुनिया में सूचना और संचार तकनीक में माहिर लोगों की कमी थी. इसी समय एक शहर में अचानक से 4300 ऐसे लोग उपलब्ध थे जो इसके बारे में काफ़ी कुछ जानते थे. सबसे अहम बात ये थी कि लोगों ने सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया. अपने पुराने दोस्तों को बताना शुरू किया कि फ़िनलैंड में ओलू शहर में क्षमतावान आईसीटी पेशेवरों की टीम उपलब्ध है. "

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ऐसे में स्थानीय लोगों ने अपने संपर्कों के माध्यम से और अपनी क्षमता के आधार पर नई शुरुआत करने की ओर क़दम बढ़ाने शुरू कर दिए.

पेट्टरी लाथेला कहते हैं, "ये वो लोग थे जो मोबाइल फ़ोन बनाते थे. लेकिन उनके ज्ञान का इस्तेमाल वियरेबुल डिवाइस, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमेटिव इंडस्ट्री में भी हो सकता था. इसके साथ ही यूनिवर्सिटीज़ खुलना शुरू हुई थीं. उद्यमी केंद्रों ने लोगों के बीच तालमेल को बढ़ाने में बड़ी भूमिका अदा की.

नोकिया ने भी अदा की भूमिका

फ़िनलैंड के इस शहर में नोकिया अभी भी एक अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि नेटवर्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में ये अभी भी एक अहम खिलाड़ी बना हुआ है.

आर्टो पसिनेन कहते हैं, "एक तरह से नोकिया के हैंडसेट बिज़नेस का चौपट होना ओलू शहर के लिए बेहतर साबित हुआ. अब यहां के सूचना और संचार तकनीक उद्योग में काफी विविधता है. यहां पर कंपनियां कार उद्योग, डिज़िटल हेल्थ जैसे तमाम क्षेत्रों में काम कर रही हैं."

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वहीं, नोकिया से जुड़ीं एर्जा सनकारी इस शहर की नई उड़ान में नोकिया की भूमिका को समझाते हुए कहती हैं, "हमारे लिए ये बहुत अहम था कि हमारे कर्मचारियों को नए अवसर मिले. इसलिए हमने एक कार्यक्रम शुरू किया जिसका नाम ब्रिज़ था. ये बहुत ही सफल रहा. उदाहरण के लिए, ओलू शहर में इसकी वजह से 400 नए स्टार्ट अप शुरू हुए"

फ़िनलैंड का ये शहर आईसीटी इंडस्ट्री की वजह से काफ़ी मजबूत स्थिति में है.

पसिनेन बताते हैं, "फिनिश भाषा में एक शब्द होता है 'सिसू' जिसका मतलब होता है कभी भी हार न मानना और भविष्य की ओर सोचते हुए प्रयास करते जाना."

इस समय ओलू शहर दुनिया भर में तकनीक के क्षेत्र में इन्नोवेशन का केंद्र माना जाता है और इस शहर के तीन 5जी टेस्ट नेटवर्क इसका सबूत हैं.

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