इन 15 लोगों पर है पत्रकार ख़ाशोज्जी की हत्या का शक

  • 19 अक्तूबर 2018
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तुर्की के मीडिया में पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी के लापता होने के पीछे सऊदी अरब के 15 अधिकारियों का नाम लिया जा रहा है.

सऊदी सरकार के आलोचक पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी 2 अक्तूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में गए थे जिसके बाद से वो लापता हैं.

वॉशिंगटन पोस्ट की ख़बर के अनुसार, उन 15 में से अधिकतर लोग ख़ाशोज्जी के सऊदी दूतावास पहुँचने से कुछ घंटे पहले ही दो प्राइवेट जेट के ज़रिए इस्तांबुल पहुँचे थे और उसी दिन उन्हीं विमानों से लौट गए थे.

तुर्की के अधिकारियों के मुताबिक़, ये लोग सऊदी अरब के अधिकारी हैं और इनमें से कुछ ख़ुफ़िया विभाग से जुड़े लोग हैं.

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाएं इन दावों को सच के क़रीब दिखाती हैं.

हालांकि ख़ाशोज्जी की ग़ुमशुदगी में किसी तरह की भूमिका से सऊदी अधिकारी इनकार कर रहे हैं.

उनका कहना है कि ख़ाशोज्जी अपना काम पूरा होने के बाद दूतावास से सुरक्षित लौट गए थे.

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सालाह मोहम्मद ए टुबैगी, 47 वर्ष

जिन पर शक़ है उनमें से एक हैं डॉ. टुबैगी जो एक फ़ॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट हैं. टुबैगी ने स्कॉटलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्लास्गो से मास्टर्स की डिग्री ली है.

साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक मेडिसिन से उन्होंने तीन महीने की ट्रेनिंग भी ली थी.

अपने ट्विटर अकाउंट पर डॉ. टुबैगी ने स्वयं को फॉरेंसिक मेडिसिन का प्रोफ़ेसर और सऊदी साइंटीफ़िक काउंसिल ऑफ़ फॉरेसिंक्स का प्रमुख बताया है.

उनका ट्विटर अकाउंट सऊदी अरब के गृह मंत्रालय से भी जुड़ा है.

साल 2014 में लंदन से प्रकाशित अरबी अख़बार अशर्क़-अल-औसात ने बताया था कि डॉ. टुबैगी लेफ़्टिनेंट कर्नल हैं जो गृह मंत्रालय के जन सुरक्षा महानिदेशालय के फ़ॉरेंसिक साइंस विभाग में कार्यरत थे.

डॉक्टर की यूनिफ़ॉर्म पहनकर उन्होंने एक साक्षात्कार में ऐसी मोबाइल लैब के बारे में चर्चा की थी जो उन्होंने ही बनाई थी और जिसमें सात मिनट के अंदर पोस्टमार्टम किया जा सकता है.

ये लैब उन्होंने हज के दौरान मरने वाले मुसलमानों की मौत की वजह का कम समय में पता लगाने के लिए विकसित की थी.

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अमरीका मीडिया में चर्चा गर्म लेकिन तुर्की में जाँच जारी.

तुर्की के अधिकारियों के मुताबिक़ डॉ. टुबैगी जब इस्तांबुल आए तो उनके पास हड्डियाँ काटने वाली एक आरी भी थी.

वो जिस प्राइवेट जेट में आए थे उसका नंबर था एच ज़ेड एस के-2. ये जेट स्काई प्राइम एविएशन सर्विसेज़ का है.

इस कंपनी को सऊदी अरब सरकार ने बीते साल चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत ज़ब्त कर लिया था.

डॉ. टुबैगी इस्तांबुल में मूवएनपिक होटेल में रुके थे जो सऊदी दूतावास से महज़ 0.5 किलोमीटर दूर है.

टुबैगी उसी जेट विमान से दो अक्तूबर रात 22.54 बजे पर इस्तांबुल से बाहर चले गए थे.

ये जेट विमान दुबई के रास्ते रियाद पहुँचा था.

अज्ञात तुर्क अधिकारियों ने दावा किया है कि जो ऑडियो उन्हें मिले हैं उनमें डॉ. टुबैगी की आवाज़ सुनी जा सकती है.

अधिकारियों का मानना है कि ये ऑडियो रिकॉर्डिंग उस समय की हैं जब पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी का उत्पीड़न किया जा रहा था.

तुर्क अधिकारियों का दावा है कि सऊदी दल ने दूतावास के भीतर ही ख़ाशोज्जी की हत्या की और शव के टुकड़े-टुकड़े करके वापस सऊदी लौट गए.

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जमाल ख़ाशोगी का क़त्ल हुआ या वो लापता हैं?

अधिकारियों के मुताबिक़ ऑडियो में डॉक्टर के रूप में पहचाने जाने वाला व्यक्ति अपने साथियों से हेडफ़ोन पर संगीत सुनने के लिए कह रहा है. दावा है कि इस दौरान ख़ाशोज्जी के शव को काटा जा रहा था.

डॉ. टुबैगी ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन अपने आप को उनका एक क़रीबी रिश्तेदार बताने वाले एक व्यक्ति ने ट्वीट करके कहा है कि वो 'ऐसा आपराधिक काम' कभी नहीं करेंगे.

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माहेर अब्दुल अज़ीज़ मुतरेब, 47 वर्ष

दूसरे हैं मुतरेब जिनके बारे में ये बताया गया है कि वो लंदन में सऊदी अरब के दूतावास में दो साल तक काम कर चुके हैं.

साल 2007 में ब्रितानी सरकार की ओर से प्रकाशित एक दस्तावेज़ में उन्हें फ़र्स्ट सेक्रेटरी के तौर पर दिखाया गया है.

सीएनएन ने एक सऊदी सूत्र के हवाले से बताया है कि मुतरेब सऊदी ख़ुफ़िया विभाग में कर्नल के नाम से जाने जाते हैं.

वहीं सऊदी अरब में चर्चित एक कॉलर आईडी एप्लीकेशन MenoM3ay के मुताबिक़ उनके नाम का एक व्यक्ति सऊदी शाही दरबार में कर्नल है.

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Image caption मार्च में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अमरीका यात्रा के दौरान मुतरेब नाम का एक व्यक्ति भी दिख रहा है.

उनकी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ इस साल मार्च के बाद से कम से कम तीन बार विदेश यात्रा की तस्वीरें भी हैं.

इन तस्वीरों से ये संकेत मिलता है कि वो सुरक्षा में तैनात रहे होंगे.

तुर्की के सरकार समर्थक अख़बार सबाह ने सीसीटीवी तस्वीरें प्रकाशित की हैं जिनमें मुतरेब इस्तांबुल में सऊदी दूतावास में 2 अक्तूबर की सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर घुसते दिखते हैं.

इसके क़रीब तीन घंटे बाद जमाल ख़ाशोज्जी दूतावास में आते दिख रहे हैं.

तुर्की के मीडिया के अनुसार मुतरेब उसी विमान से आए थे जिसमें डॉक्टर टुबैगी आये थे और वो भी मूवएनपिक होटल में ही रुके थे.

वो स्काई प्राइम एविएशेन के ही एक दूसरे जेट से ही 2 अक्तूबर को शाम 18.40 बजे वापस लौट गए.

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अब्दुलअज़ीज मोहम्मद एम अल्हासावी, 31 वर्ष

न्यूयॉर्क टाइम्स ने सऊदी शाही परिवार की सेवा में काम कर चुके एक फ़्रांसीसी 'पेशेवर' की मदद से उनकी पहचान क्राउन प्रिंस के साथ चलने वाले सुरक्षा दस्ते के सदस्य के रूप में की थी.

इसी नाम से एक व्यक्ति MenoM3ay पर हैं जिनकी पहचान सऊदी अरब के शाही रेजीमेंट के सदस्य के रूप में हुई है.

अल्हासावी एक वाणिज्यिक उड़ान से इस्तांबुल पहुँचे थे और उन्होंने 2 अक्तूबर को 01.43 बजे पासपोर्ट कंट्रोल पर चैक-इन किया था.

वो इस्तांबुल विंडहैम ग्रांड होटल में रुके थे. ये सऊदी दूतावास से 1 किलोमीटर की दूरी पर है. वो भी एचज़ेडएसके-2 विमान से वापस लौटे थे.

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ग़लिब टी अल-हर्बी, 39 वर्ष

बीते साल अक्तूबर में सऊदी शाही गॉर्ड में काम कर रहे इसी नाम के एक व्यक्ति को बहादुरी के लिए लेफ़्टिनेंट के पद पर पदोन्नत किया था.

ये इनाम उन्हें क्राउन प्रिंस की सुरक्षा में बहादुरी दिखाने के लिए दिया गया था.

जेद्दा में हुए एक हमले में एक हमलावर ने दो शाही गार्डों को मार दिया था और मारे जाने से पहले तीन अन्य को घायल कर दिया था.

अल-बर्बी निजी विमान एचज़ेडएसके-2 से इस्तांबुल पहुँचे थे. वो मूवएनपिक में रुके और एचज़ेडएसके-1 से वापस चले गए.

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मोहम्मद साद एच अलज़हरानी, 30 वर्ष

MenoM3ay पर इसी नाम से मौजूद एक व्यक्ति की पहचान शाही गार्ड के सदस्य के तौर पर हुई है.

एक्टिविस्ट इयाद-अल-बग़दादी के मुताबिक़ साल 2007 में ली गई एक तस्वीर में इसी नाम का बैज पहने एक गार्ड क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सुरक्षा में तैनात दिख रहा है.

तुर्की मीडिया के मुताबिक़ अलज़हरानी एक वाणिज्यिक उड़ान से इस्तांबुल पहुँचे थे और विंडहैम ग्रैंड में रुके थे. वो एचज़ेडएसके-2 से वापस लौटे थे.

लेकिन वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि MenoM3ay पर इस नाम के साथ दर्ज नंबर पर फ़ोन उठाने वाले व्यक्ति ने कहा कि वो तुर्की में नहीं थे.

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ख़ालिद जी अलोताइबी, 30 वर्ष

MenoM3ay साइट पर इसी नाम के एक व्यक्ति की पहचान हुई है जो शाही गार्ड हैं.

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़ इसी नाम से जारी सऊदी पासपोर्ट को अमरीका आने के लिए सऊदी शाही परिवार के सदस्यों की यात्राओं के समय इस्तेमाल किया गया.

वो वाणिज्यिक उड़ान से इस्तांबुल आए थे और विंडहैम ग्रैंड में रुके.

वो वापस लौटने से पहले 20.28 बजे इस्तांबुल एयरपोर्ट के पासपोर्ट कंट्रोल पर दिखे.

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नाइफ़ हसन एस अल-आरिफ़ी, 32 वर्ष

वॉशिंगटन में रह रहे एक सीरियाई उद्यमी क़ुतैबी इदीबी के मुताबिक़ नाइफ़ हसन नाम के एक व्यक्ति के फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल पर सऊदी स्पेशल फ़ोर्सेज़ के चिह्न पहने व्यक्ति की तस्वीरें हैं.

ये शख़्स दावा करता है कि वो जमाल ख़ाशोज्जी का सहयोगी है.

अल-आरिफ़ी MenoM3ay पर भी हैं जहाँ उनकी पहचान क्राउन प्रिंस के दफ़्तर में काम करने वाले व्यक्ति के रूप में है.

वो भी एक वाणिज्यिक उड़ान से इस्तांबुल पहुँचे थे और 16.12 बजे पासपोर्ट कंट्रोल से गुज़रे थे.

वो विंडहैम ग्रैंड होटल में रुके थे और एचज़ेडएसके-2 से वापस लौटे थे.

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मुस्तफ़ा मोहम्मद एम अल-मदनी, 57 वर्ष

MenoM3ay पर उनकी पहचान सऊदी इंटेलिजेंस के लिए काम कर रहे अधिकारी के रूप में हुई है.

अल-मदनी एचज़ेडएसके-2 से इस्तांबुल पहुँचे और मूवएनपिक में रुके थे.

वो 03 अक्तूबर को 00.18 बजे इस्तांबुल एयरपोर्ट के पासपोर्ट कंट्रोल पर दिखे थे और वाणिज्यिक उड़ान से वापस लौटे थे.

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मेशाल साद एम अलबोस्तानी, 31 वर्ष

अलबोस्तानी नाम से बने फ़ेसबुक पेज पर उन्हें सऊदी एयर फ़ोर्स में लेफ़्टिनेट बताया गया है.

इदीबी के मुताबिक़ MenoM3ay पर इस नाम के व्यक्ति को सऊदी शाही गार्ड में बॉडीगार्ड बताया गया है.

अलबोस्तानी दो अक्तूबर को 01.45 बजे इस्तांबुल एयरपोर्ट पर पासपोर्ट कंट्रोल से गुज़रे और विंडहैम ग्रैंड में रुके.

वो एचज़ेडएसके-2 से वापस लौटे थे.

18 अक्तूबर को तुर्की के एक सरकार समर्थक अख़बार येनी सफ़ाक ने एक रिपोर्ट में बोस्तानी के रियाद में एक कार हादसे में मारे जाने का दावा किया. हालांकि अधिक ब्यौरा नहीं दिया गया.

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वलीद अब्दुल्लाह एम अलसेहरी, 38 वर्ष

स्थानीय मीडिया के मुताबिक़ इस नाम के व्यक्ति को बीते साल क्राउन प्रिंस ने सऊदी एयरफ़ोर्स में स्कवाड्रन लीडर की रैंक पर प्रोमोट किया था.

अलसेहरी एचज़ेडएसके-2 से आए थे, मूवएनपिक में रुके ते और एचज़ेडएसके-1 से लौटे थे.

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मंसूर उस्मान एम अबाहुसैन, 46 वर्ष

क़ुतैबी इदीबी के मुताबिक़ उनके नाम के व्यक्ति की पहचान MenoM3ay पर सऊदी इंटेलिजेंस में काम कर रहे व्यक्ति के रूप में हुई है.

साल 2014 में एक स्थानीय अख़बार ने इसी नाम के एक व्यक्ति की पहचान नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय में काम कर रहे कर्नल के रूप में हुई थी.

अबाहुसैन एक वाणिज्यिक उड़ान से इस्तांबुल पहुँचे थे और विंडहैम ग्रांड में रुके थे. वो एचज़ेडएसके-2 से वापस लौटे.

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फ़हद शबीब अलबलावी, 33 वर्ष

MenoM3ay पर इसी नाम से मौजूद व्यक्ति की पहचान रॉयल गार्ड के सदस्य के रूप में है.

अलबलावी प्राइवेट जेट से ही आए थे और एचज़ेडएसके-1 से वापस लौटे.

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बद्र रफ़ी एम अलताइबी, 45 वर्ष

इदिबी के मुताबिक़ इस नाम से एक व्यक्ति MenoM3ay पर हैं जो सऊदी इंटेलिजेंस में मेजर हैं.

अलताइबी एचज़ेडएसके-2 विमान से ही इस्तांबुल पहुँचे थे और मूवएनपिक में ही रुके थे. वो एचज़ेडएसके-1 से वापस लौटे थे.

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सैफ़ साद अलख़तानी, वर्ष 45

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़ MenoM3ay पर उनके नाम के व्यक्ति की पहचान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की सेवा में कार्यरत व्यक्ति के रूप में हुई.

अलख़तानी भी इस्तांबुल प्राइवेट जेट एचज़ेडएसके-2 से ही पहुंचे थे और मूवएनपिक में ही रुके थे.

वो व्यवसायिक उड़ान से इस्तांबुल से बाहर गए थे और उन्होंने तीन अक्तूबर मध्यारत्रि 00.20 बजे इस्तांबुल एयरपोर्ट पर चैक-इन किया था.

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तुर्की मुशर्रफ़ एम अलसेहरी-36

वो भी एचज़ेडएसके-2 से इस्तांबुल पहुँचे और मूवएनपिक में ही रुके थे.

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