पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या पर कार्टून की दुनिया में छिड़ी जंग

  • 21 अक्तूबर 2018
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सऊदी के जाने-माने पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की गुमशुदगी और अब उनकी हत्या की बात सामने आने बाद अरब देशों के सोशल मीडिया पर इस मामले की ख़ूब चर्चा हो रही है.

सऊदी अरब के शाही परिवार की आलोचना वाले कुछ कार्टूनों में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को सऊदी के प्रिंस के ख़ून से सने हाथ धुलवाते हुए दिखाया गया है.

इसी तरह सऊदी सरकार का समर्थन करने वाले मीडिया संस्थानों ने भी मज़ाकिया अंदाज़ में तुर्की के दावों को झूठा बताया है.

इमाद हज्जाज एक कार्टूनिस्ट हैं जो अल-अरबी अल जदीद में काम करते हैं. इमाद जॉर्डन के नागरिक हैं.

ख़ाशोज्जी की गुमशुदगी के बाद से ही इमाद लगातार इस संबंध में ट्वीट कर रहे हैं.

उन्होंने इस मामले में पहला कार्टून बनाया था, जिसमें उन्होंने सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को किसी भयावह तांत्रिक का रूप दिया है और उनके चारों तरफ अंधेरा दिखाया है. इस कार्टून में उनके चारों तरफ़ काग़ज़ उड़ते हुए दिखाए गए हैं.

एक और कार्टून में जमाल ख़ाशोज्जी का स्केच बनाया गया है. साथ में एक कलम भी बनी है और सवाल लिखा गया है कि 'जमाल कहां हैं?'

एक अन्य कार्टून में बोतल से गिरती स्याही को काग़ज़ पर बहते हुए दिखाया गया है. इस काग़ज़ पर ख़ाशोज्जी का नाम लिखा है. स्याही का रंग काले से लाल में बदल रहा है. इस कार्टून के बारे में लिखा गया है, ''ना तो स्याही को मिटाया जा सकता है और ना ख़ून को.''

इसी तरह से मुस्लिम ब्रदरहुड के समर्थन वाली लंदन स्थित अरबी 21 वेबसाइट ने भी कुछ कार्टून पोस्ट किए हैं.

इन कार्टूनों में पेन को स्वतंत्रता का प्रतीक बताया गया है.

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने अपनी वेबसाइट पर एक कार्टून प्रकाशित किया है जिसमें सऊदी का एक अधिकारी ख़ाशोज्जी की लाश को तलवार से काट रहा है.

उनके पीछे सऊदी का झंडा लगा है और किंग की तस्वीर लगी है. इस तस्वीर में किंग ने अपने मुंह पर उंगली रखी है जो दर्शाती है कि शाही परिवार सबकुछ जानते हुए भी इस मामले में चुप्पी साधे रहा.

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अल-जज़ीरा के पत्रकार मोहम्मद नस्र ने इस कार्टून को ट्वीट किया है और लिखा है, ''जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या पर बेहद शानदार कार्टून है. वे सच्चाई को छिपाना चाहते हैं. यही वजह है कि उन्होंने अल-जज़ीरा चैनल को बंद करने के लिए अभियान चलाया.''

जॉर्डन में रहने वाले कैरिकेचर आर्टिस्ट ओसामा हज्जाज ने 15 अक्टूबर को एक कार्टून पोस्ट किया था जिसमें सऊदी के दूतावास के बाहर सऊदी का एक आदमी ख़ून से सनी गठरी घसीट रहा है और उस आदमी पर एक खुफ़िया व्यक्ति नज़र रखे हुए है.

हालांकि इसी तरह सऊदी का समर्थन करने वाले कार्टून भी सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं.

सऊदी के समर्थन वाले मीडिया संस्थानों ने भी मज़ाकिया लहजा अपनाते हुए शाही परिवार की निंदा करने वालों की आलोचना की है.

अमज़द रसमी सऊदी समर्थन वाले समाचार पत्र अल-शर्क़ अल-अवसत में व्यंग्यचित्र बनाते हैं. इसका दफ़्तर लंदन में है.

उन्होंने एक कैरिकेचर बनाया है जिसमें तेल क़तर के मीडिया को एक ऐसे पेट्रोल पंप के रूप में दिखाया है जो पास में लगी आग पर तेल छिड़क रहा है.

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सऊदी की समाचार वेबसाइट सब्क़ ने उस ख़बर से जुड़ा कार्टून पोस्ट किया है जिसमें समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पहले इस्तांबुल स्थित सऊदी के राजदूत को हटाए जाने की ख़बर प्रकाशित की और फिर हटा ली.

इस कार्टून में सबसे आगे अल-जज़ीरा चैनल को बीन बजाते हुए एक राक्षस के रूप में दिखाया गया है जिसके पीछे बाक़ी समाचार चैनल नाचते हुए जा रहे हैं.

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इसमें उन्होंने एक हैशटैग का इस्तेमाल भी किया है जो इस तरह है, #media_of_evil_and_lies.

इसी कार्टून में एक रॉयटर्स को एक बुज़ुर्ग के रूप में दिखाया गया है जो तय नहीं कर पा रहा कि उसे किधर जाना है.

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