श्रीलंका में सियासी संकट के बीच चली गोली, एक की मौत

  • 29 अक्तूबर 2018
अर्जुन रणतुंगा इमेज कॉपीरइट EPA
Image caption घटना के बाद अर्जुन रणतुंगा को हेलमेट और सुरक्षा कवच पहनाकर ले जाया गया

श्रीलंका के बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच पूर्व क्रिकेट कप्तान और सांसद अर्जुन रणतुंगा के बॉडीगार्ड ने कोलंबो में भीड़ पर फ़ायरिंग की है. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत की ख़बर है.

रणतुंगा शुक्रवार को बर्खास्त किए गए रनिल विक्रमसंघे की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री थे. रणतुंगा की अगुवाई में श्रीलंका ने पहली बार क्रिकेट विश्व कप का खिताब भी जीता था.

पुलिस का कहना है कि ये घटना तब हुई जब रणतुंगा अपने कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की.

इमेज कॉपीरइट Arjuna Ranatunga-Twitter

इससे पहले शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से हटाकर पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था. इसके साथ ही सिरिसेना ने संसद को भी निलंबित कर दिया था.

आलोचक सिरिसेना के इस फ़ैसले को असंवैधानिक बता रहे हैं.

कैसे हुई फ़ायरिंग

इमेज कॉपीरइट Reuters

रणतुंगा सिलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन स्थित अपने कार्यालय में जा रहे थे, तभी वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. प्रदर्शनकारियों ने रणतुंगा के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

इसके बाद रणतुंगा के बॉडीगार्ड ने भीड़ को निशाना बनाते हुए गोलियां चला दी. इस घटना में घायल हुए एक 34 वर्षीय व्यक्ति की अस्पताल ले जाने के बाद मौत हो गई. स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गोलीबारी के चलते दो और लोग घायल हुए हैं.

समाचार एजेंसी एएफपी ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया है कि माहौल तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस कमांडो 54 वर्षीय रणतुंगा को हेलमेट और सुरक्षा कवच पहनाकर घटनास्थल से ले गई.

पुलिस के मुताबिक बॉडीगार्ड को गिरफ़्तार कर लिया गया है और मामले की जाँच जारी है.

तनाव के संकेत

इमेज कॉपीरइट Reuters

श्रीलंका की संसद के स्पीकर कारु जयसूर्या ने सिरिसेना से संसद निलंबित करने के अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. जयसूर्या ने कहा है कि ऐसा नहीं होने पर नतीजे ख़तरनाक हो सकते हैं.

विक्रमसिंघे और राजपक्षे के समर्थक कोलंबो में जगह-जगह इकट्ठा हो रहे हैं . राजपक्षे की पार्टी से जुड़े मजदूर संगठन भी विक्रमसिंघे की पार्टी के सदस्यों और पूर्व मंत्रियों का विरोध कर रहे हैं.

इस बीच, विक्रमसिंघे के सैकड़ों समर्थक प्रधानमंत्री के सरकारी निवास पर इकट्ठा हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर राजपक्षे को शपथ दिलाई है. विक्रमसिंघे ने इसे अवैध और असंवैधानिक बताया है और कहा है कि वो संसद में बहुमत साबित करेंगे.

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने संसद को स्थगित कर दिया है. श्रीलंकाई संसद के स्पीकर ने स्थगन की जानकारी दी और कहा है कि संसद के नए सत्र की शुरुआत 16 नवंबर से होगी.

प्रधानमंत्री से बर्खास्त किए जाने के बाद विक्रमासिंघे ने स्पीकर से रविवार को संसद का सत्र बुलाने को कहा था ताकि वो बहुमत साबित कर सकें. इसी मांग के बाद राष्ट्रपति ने संसद का निलंबन कर दिया. विक्रमसिंघे ने संसद में आपातकालीन सत्र की भी मांग की थी. विक्रमसिंघे का कहना है कि 225 सदस्यों वाली संसद में उनके पास बहुमत है और उन्हें पद से हटाया जाना असंवैधानिक है.

सिरीसेना और विक्रमसिंघे में आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दों पर बढ़ते मतभेदों के कारण यह नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है. सिरीसेना के यूनाइटेड पीपल्स फ़्रीडम गठबंधन ने विक्रमासिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी से अलग होने की घोषणा की है.

ये भी पढ़ें:-

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे