अमरीकी मध्यावधि चुनाव: हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन की हार से कितने कमज़ोर होंगे ट्रंप?

  • 7 नवंबर 2018
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अमरीका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का आना राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए गहरा झटका है.

डेमोक्रेटिक पार्टी आठ साल बाद कांग्रेस के लोवर चेंबर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत में आई है. अब ट्रंप अपने एजेंडों को बिना कोई कोई अड़चन के आगे नहीं बढ़ा सकते हैं.

हालांकि ट्रंप की पार्टी अमरीकी सीनेट में बहुत हासिल करने में कामयाब रही है.

मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए हुए मतदान को ट्रंप के दो सालों के कार्यकाल के जनादेश के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि यह कोई राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव नहीं है.

बीबीसी के अमरीकी पार्टनर सीबीएस नेटवर्क का कहना है कि डेमोक्रेट्स को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत के लिए 23 सीटें चाहिए. अमरीकी मतदाताओं ने हाउस की कुल 435 सीटों पर वोट किया है. इस जीत के साथ ही डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन की नीतियों और फ़ैसलों की जांच शुरू करवा सकते हैं.

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कौन कहां से जीता?

डेमोक्रेट्स को इस जीत से रिपब्लिकन पार्टी की नीतियों को रोकने में भी मदद मिलेगी. डेमोक्रेटिक पार्टी की अलेक्जेंडरिया ओकासियो-कोर्टेज़ महज 29 साल की महिला हैं जो न्यूयॉर्क से अमरीकी कांग्रेस के लिए चुनी गई हैं. मतलब अमरीकी कांग्रेस में कोर्टेज सबसे कम उम्र की प्रतिनिधि होंगी.

मध्यावधि चुनाव में दो मुस्लिम महिलाओं ने पहली बार कांग्रेस में अपनी जगह बनाई है. ये महिलाएं हैं डेमोक्रेटिक पार्टी की इल्हान उमर और राशिदा तालिब.

कैंसस से डेमोक्रेटिक पार्टी की शाराइस डेविड्स और न्यू मेक्सिको से डेब्रा हालांद उत्तरी-दक्षिणी

अमरीका और कैरिबियन द्वीप मूल की महिला हैं जो पहली बार अमरीकी कांग्रेस के लिए चुनी गई हैं. डेविड्स लेज़्बियन हैं.

डेमोक्रेटिस की हाउस नेता नैंसी पेलोसी ने वॉशिंगटन में जीत के बाद अपने भाषण में मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि कल से एक नया अमरीका होगा.

मध्यावधि चुनाव के नतीजों पर ट्रंप ने कई ट्वीट किए हैं. अपने ट्वीट में ट्रंप ने कहा है, ''105 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई राष्ट्रपति के पद पर रहते सीनेट में बहुमत हासिल किया हो. ट्रंप के पास जादू है. जब पूरा मीडिया मेरे ख़िलाफ़ था और हर दिन हमला बोलता था तब भी ट्रंप का ही जादू चला.

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सीनेट में कौन जीता

कांग्रेस के ऊपरी सदन सीनेट में रिपब्लिकन 51-49 के बहुमत से आगे बढ़ रहे हैं.

डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन उम्मीदवार- इंडियाना से जोई डोनेली, मिसौरी से क्लायर मैककासकिल और नॉर्थ डकोटा से हाइडी हाइटकैंप को रिपब्लिकन उम्मीदवारों से हार का सामना करना पड़ा है. फ्लोरिडा से बिल नेल्सन भी पिछड़ गए हैं.

वहीं रिपब्लिकन टेड क्रूज़ को टेक्सस से डेमोक्रेट स्टार बटो ओ'रोउर्के से कड़ी टक्कर की बात कही जा रही थी, लेकिन यहां भी कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ.

टेड क्रूज़ टेक्सस से जीतने में कामयाब रहे. डेमोक्रेट सीनेटर जोई मनचिन और बॉब मनेनडेज़ वेस्ट वर्जीनिया और न्यू जर्सी से आगे चल रहे हैं. 2012 में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार रहे मिट रोमनी उटा सीनेट का चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं.

इस साल डेमोक्रेट को सीनेट में ख़ूब जूझना पड़ा है क्योंकि इन्हें यहां 26 सीटों की ज़रूरत थी. दूसरी तरफ़ रिपब्लिकन को नौ सीटें ही चाहिए थी. सीनेट में रिपब्लिकन की जीत ट्रंप के लिए बड़ी राहत है.

बीबीसी के एंटोनी ज़र्चर का कहना है कि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत मिलने का मतलब है कि ट्रंप को कार्यकारी और न्यायिक नियुक्तियों में कोई चुनौती नहीं दे पाएगा.

अब ये देखना होगा कि रिपब्लिकन पार्टी की जीत कितनी बड़ी होती है. हालांकि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कहानी कुछ अलग है. यहां डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से ट्रंप की नीतियों को झटका लगेगा. डेमोक्रोटिक पार्टी इस जीत के ज़रिए ट्रंप को चुनौती देने और मज़बूती से सामने आएगी. डेमोक्रेटिक पार्टी को कई डिस्ट्रिक्ट में जीत मिली है. इनमें वर्जीनिया, इलिनोइस और फ्लोरिडा भी शामिल हैं.

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राज्यों में गवर्नर कौन बना?

राज्यों के गवर्नर के पास अहम शक्तियां होती हैं और राष्ट्रपति चुनाव में ये काफ़ी मायने रखते हैं. इस बार के मध्यावधि चुनाव में कुल 50 गवर्नर में से 36 के लिए चुनाव हुए हैं. फ्लोरिडा में लेफ़्ट विंग के एंड्र्यू गिलम ने हार स्वीकार कर ली है. चुनावी अभियान में इन्होंने ट्रंप पर तीखा हमला बोला था.

जैरेड पोलिस पहले गे हैं जो गवर्नर बनने की तरफ़ बढ़ रहे हैं.

डेमोक्रिट पार्टी के पोलिस कोलाराडो के गवर्नर बनने जा रहे हैं.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़ वो 51.4% मतों से आगे हैं. मिशिगन, इलेनॉय और कैंसस में भी गवर्नर के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को जीत मिली है.

वीडियो में देखिए क्यों ट्रंप के लिए है ये साख का सवाल

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ट्रंप के लिए साख का सवाल
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सदन की लड़ाई: क्यों अहम और क्या रहा है इतिहास

हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों, सीनेट की 100 में से 35 सीटों और 50 राज्यों के गवर्नर में से 36 राज्यों के गवर्नर के लिए ये चुनाव हुए हैं.

व्हाइट हाऊस के साथ ही रिपब्लिकन पार्टी सीनेट और हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी बहुमत में है.1994 में रिपब्लिकन पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत में आई थी. 2006 में रिपब्लिकन पार्टी फिर से बहुमत में आई और 2010 में भी जीत हासिल की. 2014 में रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में फिर से जीत दर्ज की.

अमरीका में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट यानी कांग्रेस के लिए हुए चुनाव के नतीजों का ट्रंप के कार्यकाल के बाक़ी के दो साल और आगे की राजनीति पर गहर असर पड़ेगा.

यह पहली बार है जब पूरी दुनिया की नज़र अमरीका के इस मिडटर्म चुनाव पर है. मिडटर्म यानी मध्यावधि चुनाव. मध्यावधि चुनाव इसलिए कहा जाता है क्योंकि अमरीकी राष्ट्रपति का आधा कार्यकाल ख़त्म हो जाता है तब कांग्रेस के लिए यह चुनाव होता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका के इस मध्यावधि चुनाव में पिछले 50 सालों में सबसे ज़्यादा मतदान हुए हैं. इससे पहले अमरीकी नागरिक इस चुनाव को राष्ट्रपति चुनाव की तरह गंभीरता से नहीं लेते थे और मतदान करने में उस तरह का उत्साह नहीं दिखाते थे.

सीनेट का हाल

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