ईरानः 'सिक्कों के सुल्तान' के बाद 'अलकतरा सुल्तान' को फांसी

  • 24 दिसंबर 2018
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Image caption हामिद रज़ा बाक़ेरी दरमानी को शनिवार को फांसी दे दी गई

धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार... ये वो इलज़ाम हैं जो ईरान में किसी को भी फांसी के फंदे तक पहुंचा सकते हैं.

ईरान में 'सिक्कों के सुल्तान' के नाम से मशहूर वहीद मज़लूमीन के बाद एक और प्रमुख कारोबारी हामिद रज़ा बाक़ेरी दरमानी को शनिवार को फांसी दे दी गई.

इसी साल शुरू किए गए भ्रष्टाचाररोधी मुहिम के तहत फांसी की सज़ा पाने वाले हामिद रज़ा बाक़ेरी तीसरे उद्योगपति हैं.

हामिद रज़ा बाक़ेरी पर धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और बड़े पैमाने पर तेल की तस्करी के आरोप थे.

ईरान में उन्हें 'अलकतरा राजा' के नाम से शोहरत हासिल थी.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़ ईरानी अदालत ने हामिद रज़ा बाक़ेरी को 'फर्जी दस्तावेज़ों' के जरिए सरकारी बैंकों से कर्ज लेने के अपराध में कसूरवार ठहराया गया था.

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Image caption हामिद रज़ा बाक़ेरी पर एक आरोप ये भी है कि उन्होंने बिना कोई पैसे चुकाए बिटुमिन की खरीद की

कौन हैं हामिद रज़ा बाक़ेरी

49 वर्षीय हामिद रज़ा बाक़ेरी को भ्रष्टाचार के आरोपों में अगस्त, 2014 में गिरफ़्तार किया गया था.

उन पर लगाए गए आरोपों में एक इलज़ाम अलकतरा की खरीद से भी जुड़ा है.

कहा जा रहा है कि हामिद रज़ा बाक़ेरी ने शेल कंपनियों के सहारे तीन लाख टन बिटुमिन (अलकतरा) हासिल कर लिए थे.

मिज़ान न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि इस अलकतरे की क़ीमत 100 मिलियन डॉलर के बराबर है. भारतीय मुद्रा में ये रक़म तकरीबन सात सौ करोड़ रुपये पड़ती है.

बिटुमिन तेल उद्योग से प्राप्त होने वाला एक ऐसा पदार्थ है जो सड़क निर्माण में काम आता है. ये ईरान के मुनाफा देने वाले उद्योगों में गिना जाता है.

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Image caption ईरान के तेल मंत्री बिजान नामदार ज़ागेश का कहना है कि हामिद रज़ा ने बिना कोई कीमत चुकाए और बिना किसी गारंटी के बिटुमिन हासिल कर लिए

पहले भी हुई थी गिरफ़्तारी

लेकिन ऐसा नहीं है कि हामिद रज़ा बाक़ेरी पहली बार क़ानून लागू करने वाली एजेंसियों की नज़र में चार साल पहले ही आए थे.

जून, 2007 में तस्करी पर नियंत्रण के लिए जिम्मेदार एजेंसी की उन पर नज़र पड़ी. हामिद रज़ा पर तस्करी के आरोप लगे, उनकी गिरफ़्तारी भी हुई लेकिन अगले ही दिन उन्हें छोड़ भी दिया गया.

उन पर ये आरोप लगा कि उन्होंने बैंक से कर्ज़ लेकर तस्करी का सामान खरीदा और गोदाम में इकट्ठा किया.

बीबीसी की फारसी सेवा की रिपोर्ट के मुताबिक़ मुक़दमे की कार्यवाही की व्यापकता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हामिद रज़ा बाक़ेरी की फ़ाइल 156 वॉल्यूम और 25,000 पन्नों की थी.

तस्करी के अलावा, अवैध लेनदेन, बैंकों के साथ धोखाधड़ी और सोने की अवैध खरीद-फरोख्त के इलज़ाम भी हामिद रज़ा पर लगाए गए थे.

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