महिला सेनाध्यक्ष बनाने वाले पहला नैटो देश बना स्लोवानिया

  • 28 नवंबर 2018
मेजर जनरल एलेंका एर्मेन्क इमेज कॉपीरइट Reuters

नैटो में शामिल स्लोवेनिया एकमात्र ऐसा देश बन गया है जिसने एक महिला को देश के सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किया है.

55 साल की मेजर जनरल एलेंका एर्मेन्क 28 नवंबर यानी बुधवार को सेनाध्यक्ष का पदभार संभालेंगी.

वो मेजर जनरल अलान गेडर की जगह लेंगी जो इस साल की फ़रवरी से सेनाध्यक्ष के पद पर बने हुए थे.

एलेंका पूर्व सेना कमांडर हैं और उन्होंने देश के युगोस्लाविया से आज़ादी हासिल करने के बाद 1991 में अपने सैन्य करियर की शुरूआत की थी. मेजर जनरल एर्मेन्क फ़िलहाल सेना की डिप्टी सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं.

राष्ट्रपति बोरूट पाख़ोर ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सेनाध्यक्ष के रूप में एलेंका एर्मेन्क सेना का प्रदर्शन बेहतर करने के लिए काम करेंगी.

राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान में उन्होंने कहा, "दुनियाभर में सुरक्षा की स्थिति बिगड़ी हुई है. स्लोवेनिया को भले ही किसी देश से सीधे तौर पर किसी तरह सैन्य चुनौती न मिली हो, लेकिन देश को सैन्य सुरक्षा की दिशा में जल्द काम करना ज़रूरी है."

इस साल के शुरूआत में सेना की तैयारी से जुड़ी नैटो की एक परीक्षा में स्लोवेनियाई सेना विफल हो गई थी.

मेजर जनरल एर्मेन्क ने लंदन के रॉयल कॉलेज ऑफ़ डिफ़ेंस से स्नातक की पढ़ाई की है और इंटरनेशनल स्टडीज़ में स्नात्कोत्तर की पढ़ाई उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज यूनिवर्सिटी से की है.

स्लोवेनिया की सैन्य ताक़त लगभग सात हज़ार पांच सौ सैनिकों से है, जिसमें सक्रिय और आरक्षित सुरक्षाबल भी शामिल है.

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