क्या शहज़ादी लतीफ़ा को जबरन दुबई लाया गया?

  • 25 दिसंबर 2018
दुबई की राजकुमारी इमेज कॉपीरइट UNITED ARAB EMIRATES FOREIGN MINISTRY
Image caption शेख़ा लतीफ़ा मेरी रॉबिन्सन के साथ

लंबे अर्से से कथित तौर पर गायब बताई जा रहीं दुबई की एक शहज़ादी की ताज़ा तस्वीर सामने आई है.

दुबई के शासक की बेटी शेख़ लतीफ़ा ने मार्च महीने में कथित तौर पर भागने की कोशिश की थी. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्हें भारतीय तट के पास एक जहाज़ से ज़बरन पकड़कर लाया गया है.

जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने ऐसी रिपोर्ट का खंडन किया है और उनका कहना कि शहज़ादी अपने घर में, अपने परिवार के साथ रह रही हैं.

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Image caption शेख़ लतिफ़ा के पिता शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम

इस मामले ने दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों का ध्यान भी खींचा था . इन समूहों ने यूएई प्रशासन से कहा था कि वो शहज़ादी के सुरक्षित होने के सुबूत सामने रखें.

सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा कि उन्होंने राजकुमारी शेख़ लतीफ़ा के संबंध में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय को एक विज्ञप्ति भेजी थी.

लतीफ़ा की जो तस्वीर जारी की गई है उनमें वो मेरी रॉबिन्सन के साथ बैठी नज़र आ रही हैं. मेरी रॉबिन्सन मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र की पूर्व उच्चायुक्त रह चुकी हैं और साथ ही वो आयरलैंड की राष्ट्रपति भी रह चुकी हैं.

ये तस्वीर कथित तौर पर दुबई में 15 दिसंबर को खींची गई है.

संयुक्त अरब अमीरात ने एक बयान में कहा है "ये तस्वीर दोपहर के समय ली गई है. जब दोनों ने साथ वक़्त बिताया और ये तस्वीर दोनों की सहमति से साझा की जा रही है."

फ्रांस के पूर्व जासूस ने की मदद ?

"दुबई दौरे के दौरान मेरी रॉबिन्सन को इस बात से पूरी तरह आश्वस्त किया गया कि शेख़ लतीफ़ा को उनकी जरूरत के मुताबिक देखभाल और सहायता मिल रही है. "

रिपोर्टों के मुताबिक दुबई के शेख़ की बेटी शेख़ लतीफ़ा ने आज़ाद ज़िंदगी जीने के लिए विदेश भागने की कोशिश की थी.

एक पूर्व फ्रांसीसी जासूस हर्व जॉबर्ट ने 33 साल की शहज़ादी को भागने में मदद की थी.

Image caption समुद्री जहाज़ नोस्ट्रोमो भारत के तट के पास इंटरसेप्ट कर लिया गया था, शेख़ लातिफ़ा इसी जहाज़ में थीं

रिपोर्टों के मुताबिक जिस समय उन्हें पकड़ा गया उनका जहाज़ नोस्ट्रोमो भारतीय तट से 80 किलोमीटर से भी कम दूरी पर था. जॉबर्ट का आरोप है कि शहज़ादी लतीफ़ा को उनकी इच्छा के ख़िलाफ ज़बरदस्ती हेलीकॉप्टर में बिठाकर वापस ले जाया गया. जबकि वो विदेश में ही शरण लेना चाहती थीं.

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दुबई की शहज़ादी, एक पूर्व फ़्रांसीसी जासूस और 'आज़ादी' की ख़्वाहिश

जब वो कथित तौर पर गायब हुई थीं, उसी दौरान एक वीडियो जारी हुआ था जिसमें वो अपने भागने के सुनियोजित प्रयास के बारे में बात कर रही थीं.

"अगर आप ये वीडियो देख रहे हैं तो यह बिल्कुल भी अच्छी चीज़ नहीं है. या तो मैं मर चुकी हूं या फिर बहुत बहुत बहुत बुरी स्थिति में हूं"

40 मिनट के वीडियो में वो ये बात बिल्कुल शुरुआत में कहती हैं.

इस वीडियो में वो आरोप लगा रही हैं कि उनके और उनके परिवार के पास 'चुनने की आज़ादी नहीं है.' इसके अलावा वो ये भी कहती हैं कि उन्होंने 16 साल की उम्र मे भी देश छोड़कर कहीं दूसरी जगह चले जाने की कोशिश की थी.

उनका आरोप है कि जब वो लौटीं तो उन्हें तीन साल तक लगातार अलग-अलग तरह से टॉर्चर किया गया और बंदी बनाकर रखा गया.

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इस महीने की शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने पहली बार लतीफ़ा के गायब होने को लेकर बयान जारी किया था. जिसमें कहा था कि शेख़ लतीफ़ा को लेकर मीडिया में लगातार आ रही अटकलों की वजह से वो बहुत दुखी हैं.

उन्होंने कहा था कि राजकुमारी का परिवार उनका बहुत ध्यान रखता है और वो भी अपने परिवार के साथ अपना जन्मदिन मनाने को लेकर बहुत उत्सुक थीं.

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