ट्रंप ने इराक़ पहुंचकर दी सैनिकों को क्रिसमस की बधाई

डोनल्ड ट्रंप और मेलानिया इराक़ में अमरीकी सैनिकों के साथ

इमेज स्रोत, AFP

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने क्रिसमस के मौके पर इराक़ में मौजूद अमरीकी सैनिकों से मुलाक़ात की. ट्रंप पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बिना इराक़ पहुंचे. उनके साथ अमरीका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी थीं.

व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि ट्रंप और मेलानिया 'क्रिसमस को देर रात' इराक़ पहुंचे. वो इराक़ में मौजूद सैनिकों को 'उनकी सेवाओं, उनकी कामयाबी और उनकी कुर्बानियों' के लिए शुक्रिया अदा करने गए थे.

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमरीका की इराक़ से सैनिकों को हटाने की कोई योजना नहीं है.

ट्रंप का इराक़ दौरा उस वक़्त हुआ जब मध्य पूर्व की रणनीति पर मतभेद को लेकर कुछ दिन पहले ही अमरीकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने इस्तीफ़ा देने का एलान किया था.

वीडियो कैप्शन,

ट्रंप के क़रीबी मैटिस ने क्यों छोड़ा उनका साथ

इराक़ का पहला दौरा

राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया एयरफोर्स वन विमान से इराक़ की राजधानी बगदाद के पश्चिम में स्थित अल असद एयरबेस पर पहुंचे.

ये इस क्षेत्र में ट्रंप का पहला दौरा था. उनके साथ अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन भी थे.

उन्होंने अमरीकी सैनिकों से वायु सेना के ठिकाने के रेस्टोरेंट में मुलाक़ात की.

इमेज स्रोत, AFP/Getty Images

राष्ट्रपति के साथ सेल्फी

वो सैनिकों के साथ करीब तीन घंटे तक रुके. जब ट्रंप डाइनिंग हॉल में दाखिल हुए सैनिकों ने उन्हें खड़े होकर सम्मान दिया.

ट्रंप ने सभी सैनिकों को शुभकामनाएं दी और उन्हें ऑटोग्राफ दिए. सैनिकों ने राष्ट्रपति के साथ सेल्फी भी लीं.

ट्रंप की योजना फ्लोरिडा स्थित अपने क्लब में क्रिसमस मनाने की थी लेकिन सरकार का कामकाज आंशिक तौर पर ठप होने की वजह से वो वाशिंगटन में ही रुके.

इराक़ में अब भी अमरीका के पांच हज़ार सैनिक हैं. वो इराक़ सरकार को इस्लामिक स्टेट समूह के बचे हुए लड़ाकों से संघर्ष में मदद दे रहे हैं.

इमेज स्रोत, AFP/Getty Images

क्या बोले ट्रंप

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक ट्रंप ने कहा, "हम अगर सीरिया में कुछ करना चाहते हैं" तो अमरीका इराक़ को ठिकाने की तरह इस्तेमाल कर सकता है.

ट्रंप ने सीरिया ने अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाने के अपने फ़ैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा, "तमाम लोग मेरी तरह ही सोचने लगेंगे."

ट्रंप ने कहा, "मैं शुरुआत से ही साफ़ करता रहा हूं कि सीरिया में हमारा मिशन आईएसआईएस (आईएस) की सैन्य ताक़त को ख़त्म करना था."

"आठ साल पहले हम वहां तीन महीने के लिए गए थे और फिर कभी वापस नहीं आए. अब हम सही कदम उठा रहे हैं."

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते हफ़्ते अमरीकी सैनिकों को सीरिया से वापस बुलाने के फ़ैसले का एलान किया था.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)