इसराइल के पूर्व कैबिनेट मंत्री कर रहे थे ईरान के लिए जासूसी

  • 10 जनवरी 2019
गोनेन सेगेव, इसराइल इमेज कॉपीरइट AFP

इसराइल के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री गोनेन सेगेव को ईरान के लिए जासूसी करने के मामले में 11 साल जेल की सज़ा सुनाई जाएगी. इसराइल के न्याय मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.

सेगेव 1990 में इसराइल के ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने ख़ुद ईरान के लिए जासूसी करने की बात क़बूल की है. उनपर इसराइली अधिकारियों और सेना से जुड़ी जानकारियां लीक करने के आरोप थे. सेगेव नाइज़ीरिया में रह रहे थे और उन्हें मध्य अफ़्रीकी देश इक्वीटोरियल गिनी से गिरफ़्तार किया गया था. इसराइल ने मई महीने में सेगेव का प्रत्यर्पण कराया था.

63 साल के सेगेव को 11 फ़रवरी को औपचारिक तौर पर सज़ा सुनायी जाएगी. अब तक इस मामले पर ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है.

इससे पहले भी साल 2005 में सेगेव को राजनयिक पासपोर्ट का इस्तेमाल करके नीदरलैंड से 30,000 संदिग्ध दवाइयों की तस्करी के मामले में 5 साल जेल जाना पड़ा था.

इस घटना के बाद उनका बतौर डॉक्टर प्रैक्टिस करने का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया था. लेकिन साल 2007 में जेल से छूटने के बाद उन्हें नाइजीरिया में बतौर डॉक्टर प्रैक्टिस करने की इजाज़त मिल गई थी.

इसराइल के आतंरिक सुरक्षा सेवा के अधिकारी शिन बेट ने पिछले साल जून में कहा था, ''सेगेव ने साल 2012 में ईरानी उच्चायोग से संपर्क किया और दो बार ईरान भी गए. उन्होंने ख़ुद इस बात को स्वीकार किया था. ''

सेगेव ने ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित जानकारी, इसराइल में सुरक्षा साइटों, सुरक्षा संस्थानों के अधिकारियों से जुड़ी जानकारी ईरान को दी.

सेगेव ने जब जासूसी की बात क़बूल की थी तब कथित तौर पर उन्होंने जांचकर्ताओं से कहा था, '' मैं ईरानियों को गुमराह कर रहा था और इसराइल में एक हीरो की तरह वापस आना चाहता था. ''

1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद, जब धार्मिक कट्टरपंथी सत्ता में आए तो ईरान के नेताओं ने इसराइल को पूरी तरह ख़त्म कर देने की बात कही . इतना ही नहीं ईरान ने इसराइल के अस्तित्व को ही ख़ारिज करते हुए उसे मुस्लिम भूमि पर नाजायज़ कब्जा बताया.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे

संबंधित समाचार