बलात्कार संकट से क्यों परेशान है दक्षिण अफ़्रीका?

  • 13 जनवरी 2019
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दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफ़ोसा ने देश में बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं को राष्ट्रीय संकट बताते हुए देश के पुरुषों से इसके ख़िलाफ़ एकजुट होने की अपील की है.

रामाफ़ोसा ने कहा, "महिलाओं के साथ बलात्कार और हत्याओं की वारदातें लगातार हो रही हैं, इस तरह की लैंगिक हिंसा को ख़त्म करने का समय आ गया है."

आगामी चुनावों के लिए अपनी पार्टी अफ़्रीकन नेशनल कांग्रेस का घोषणापत्र जारी करते हुए राष्ट्रपति रामाफ़ोसा ने ये अपील की.

दक्षिण अफ़्रीका में हर साल चालीस हज़ार से अधिक बलात्कार के मामले दर्ज किए जाते हैं. हालांकि दक्षिण अफ़्रीका में होने वाली बलात्कार की घटनाओं का ये पूरा आंकड़ा नहीं है.

महिला अधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक ये संख्य वास्तविक स्थिति के मुक़ाबले बहुत कम है और देश में बलात्कार के संकट का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती है.

राष्ट्रपति रामाफ़ोसा डरबन में हज़ारों समर्थकों से भरे स्टेडियम में भाषण दे रहे थे. उन्होंने अपने समर्थकों से महिला अधिकार के समर्थन में खड़े होने और देश में बलात्कार की घटनाओं की निंदा करने की अपील की.

उन्होंने कहा, "हमने समाज में महिलाओं की स्थिति सुधारने की दिशा में बड़ी प्रगति की है. बावजूद इसके लिंग आधारित हिंसा एक राष्ट्रीय संकट बनी हुई है जिसे ख़त्म करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं ताकि दक्षिण अफ़्रीका की सभी महिलाएं और बेटियां शांति, सुरक्षा और सम्मान के साथ रह सकें."

"महिलाओं के उत्थान के लिए नज़रिए में बदलाव और महिलाओं का शोषण करने वाली और हाशिए पर भेजने वाली परिस्थितियों में बदलाव ज़रूरी है."

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उन्होंने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा करने वालों को पहले से सख़्त सज़ा दी जाएगी और ऐसी घटनाओं की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को और बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा ताक़ि अपराधियों को पकड़ा जा सके.

उन्होंने कहा, "ये ज़रूरी हैं कि युवा बचपन से ही महिलाओं का सम्मान करना सीखें और उन्हें अपने बराबर समझें और तनावपूर्ण और मुश्किल हालातों में हिंसक रवैया न अपनाएं."

दक्षिण अफ़्रीका में बलात्कार और क़त्ल की घटनाओं की वजह से पुलिस के लिए भी हालात मुश्किल हैं.

साल 2017-18 में दक्षिण अफ़्रीका में पुलिस ने बलात्कार के 40035 मामले दर्ज किए थे. यानी रोज़ाना औसतन 110 मामले. ये बीते साल की तुलना में कुछ ही ज़्यादा थे.

यही नहीं दक्षिण अफ़्रीका की हर पांच में से एक महिला का कहना है कि उस पर कभी न कभी उसके साथी ने हमला किया.

महिलाओं की हत्या के मामले में भी दक्षिण अफ़्रीका वैश्विक औसत से पांच गुणा आगे है.

दक्षिण अफ़्रीका में महिलाओं के लिए हालात कितने ख़तरनाक रहे हैं इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 1999 में दक्षिण अफ़्रीका में एक इंश्यूरेंस कंपनी ने 'बलात्कार पीड़ित पॉलिसी' शुरू की थी.

एक अनुमान के मुताबिक दक्षिण अफ़्रीका में हर तीन में से एक महिला पर कभी न कभी बलात्कार का ख़तरा बना रहता था.

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